Агар доғи ҷунуни хӯн бар дил мо мекунад мард аст
اگر داغ جنون خون بر دل ما میکند مرد است
Агар ин бодаро соқӣ ба мино мекунад мард аст
اگر این باده را ساقی به مینا میکند مرد است
Ба зулфаши нақди дилро вом кардам аз раҳи ҳиммат
به زلفش نقد دل را وام کردم از ره همت
Ба ин ҷамъи парешони ҳарки савдо мекунад мард аст
به این جمع پریشان هرکه سودا میکند مرد است
Машав чун ғунча , ҳамчун гул ба рӯй халқи хандони шӯ
مشو چون غنچه، همچون گل به روی خلق خندان شو
Гиреҳи ҳаркас ки аз кор касе во мекунад мард аст
گره هرکس که از کار کسی وا میکند مرد است
Надонам ҳар ки зар дорад чаро гум мекунад худ ро
ندانم هر که زر دارد چرا گم میکند خود را
Касе комрўзи як динор пайдо мекунад мард аст
کسی کامروز یک دینار پیدا میکند مرد است
Чаро қассоб мегирад сари дасти рақибон ро
چرا قصاب میگیرد سر دست رقیبان را
Агар доғаши дили моро тасаллӣ мекунад мард аст
اگر داغش دل ما را تسلی میکند مرد است