Хӯн мехӯрам зи ишқу мадорами гирифтаи авҷ

خون می‌خورم ز عشق و مدارم گرفته اوج

Шукри худо ки равнақи корами гирифтаи авҷ

شکر خدا که رونق کارم گرفته اوج

Як найзаи об гиряам аз сар гузашта аст

یک نیزه آب گریه‌ام از سر گذشته است

Борон бе ҳисоби баҳорами гирифтаи авҷ

باران بی‌حساب بهارم گرفته اوج

Аз дил бурун нарафт дамии ёди зулф ӯ

از دل برون نرفت دمی یاد زلف او

Дигари дарозии шаби торами гирифтаи авҷ

دیگر درازی شب تارم گرفته اوج

Қассоби бохатми ду ҷаҳонро ба як нигоҳ

قصاب باختم دو جهان را به یک نگاه

Пеши ду чашми ёри қиморами гирифтаи авҷ

پیش دو چشم یار قمارم گرفته اوج