То дидаи сӯии дӯсти диламро далели гашт
تا دیده سوی دوست دلم را دلیل گشت
Бе хоби гашту ҷои хаёли халили гашт
بی خواب گشت و جای خیال خلیل گشت
Дида бихуфт зи аввал аз он кови далел буд
دیده بخفت ز اول از آن کاو دلیل بود
Роҳӣ ки гум шуд аввали сонии далели гашт
راهی که گم شد اول ثانی دلیل گشت
Њорути вори гаштам аз он Зуҳраи рухи куҷо
هاروت وار گشتم از آن زهره رخ کجا
Бодом ӯ бсрмаҳи Бобули кҳили гашт
بادام او بسرمه بابل کحیل گشت
Мижгон чу неши наҳлу миён чу намёни наҳл
مژگان چو نیش نحل و میان چو نمیان نحل
Бе ӯ танами зи навҳа ва зорӣ наҳиял гашт
بی او تنم ز نوحه و زاری نحیل گشت
То он бунафшаи зулфи ҷамол ҷамил ёфт
تا آن بنفشه زلف جمال جمیل یافت
Ҷонами асири ишқ чу ҷони ҷамили гашт
جانم اسیر عشق چو جان جمیل گشت
Аз дарди ишқи норвани ман чу на?ил шуд
از درد عشق نارون من چو نال شد
Вази доғи ишқи қатраи дили ҳамчуи нили гашт
وز داغ عشق قطره دل همچو نیل گشت
Аз ҳавли он ду чашми бади оҳанг чун наҳанг
از هول آن دو چشم بد آهنگ چون نهنگ
Аз хӯни дили ду чашмам чун равад нили гашт
از خون دل دو چشمم چون رود نیل گشت
Бо ӯ дилам чу қадаш бебанд рост шуд
با او دلم چو قدش بی بند راست شد
Бе ӯ танам чу зулфаш беҳолу ҳили гашт ?
بی او تنم چو زلفش بی هال و هیل گشت؟
Ҳарчанд никўӣиши Рахшро рафиқ шуд
هرچند نیکوئیش رخش را رفیق شد
Ҳарчанд ошиқяши дили марои ъдили гашт
هرچند عاشقیش دل مرا عدیل گشت
Шояд ки нозад он бут ва кашӣ кунад бидон
شاید که نازد آن بت و کشی کند بدان
Каз некӯони бадали стдн бе бадӣли гашт
کز نیکوان بدل ستدن بی بدیل گشت
На ҳаркии хуби гашти чуну дилрабоӣ шуд
نه هرکه خوب گشت چنو دلربای شد
На ҳарки подшо шуд чун бўолхлили гашт
نه هرکه پادشا شد چون بوالخلیل گشت
Ошӯби ҷони хасмони ороми ҷони дӯст
آشوب جان خصمان آرام جان دوست
Ҷаъфар ки зари ҷаъфарӣ аз ваии залили гашт
جعفر که زر جعفری از وی ذلیل گشت
Умед халқ ҳаст брзқ аз кафши магар
امید خلق هست برزق از کفش مگر
Кафши брзқи халқи зи яздони кафили гашт
کفش برزق خلق ز یزدان کفیل گشت
Аз баси бкФи зар ва гуҳар дод халқ ро
از بس بکف زر و گهر داد خلق را
Зару гуҳари залил чу рики сиблати гашт
زر و گهر ذلیل چو ریک سبیل گشت
Онкўи псндои вази малики тахту малик буд
آنکو پسندا وز ملک تخت و ملک بود
Аз бим ӯ бтхти падар бар дахили гашт
از بیم او بتخت پدر بر دخیل گشت
эй онкӣ ҳар гуҳи иллати малик ту дид агар
ای آنکه هر گه علت ملک تو دید اگر
Монанди Хизр буд фаноро ъдили гашт ?
مانند خضر بود فنا را عدیل گشت؟
Ҳарчанд рух ёбад гоҳе зи пашшаи пел
هرچند رخ یابد گاهی ز پشه پیل
На пел пашша гардад ва на пашшаи пели гашт
نه پیل پشه گردد و نه پشه پیل گشت
Ташнаи сароби дидаи зи меҳри ту ёд кард
تشنه سراب دیده ز مهر تو یاد کرد
Биравӣ сароб яксар чун слсбили гашт
بروی سراب یکسر چون سلسبیل گشت
Он кӯи биҳишти кини ту аз дил бар ӯ биҳишт
آن کو بهشت کین تو از دل بر او بهشت
Чўнонкаҳ бар паёмбари мо сиблати гашт
چونانکه بر پیامبر ما سبیل گشت
Вонкўи бадяти кафат ва бичишам бадат бидид
وانکو بدیت کفت و بچشم بدت بدید
Дасти қсир бар сӯии ҷонаши тавили гашт
دست قصیر بر سوی جانش طویل گشت
Дандони бкомши андар чун кФтаҳ хишт шуд
دندان بکامش اندر چون کفته خشت شد
Мижгони бчшмши андар чун тафтаи майли гашт
مژگان بچشمش اندر چون تفته میل گشت
Баси мейри кӯи ббзми ту андар надим шуд
بس میر کو ببزم تو اندر ندیم شد
Баси шоҳи кӯи бшҳри ту андари вакили гашт
بس شاه کو بشهر تو اندر وکیل گشت
Гетии бФзли восили туро боядӣ ва лек
گیتی بفضل واصل تو را بایدی و لیک
Гардуни адуи фозилу хасми асили гашт
گردون عدو فاضل و خصم اصیل گشت
Он каши нузули меҳри ту дар дил тариқ шуд
آن کش نزول مهر تو در دل طریق شد
Рӯзи нузул ӯ ҳамаи рӯзи раҳили гашт ?
روز نزول او همه روز رحیل گشت؟
Бар ту сҳили асб буд чун сафири мурғ
بر تو صهیل اسب بود چون صفیر مرغ
Вази бими ту сафир бар аъдои сҳили гашт
وز بیم تو صفیر بر اعدا صهیل گشت
Онкўи раҳи саломат дар сояи ту ҷуст
آنکو ره سلامت در سایه تو جست
Бар дӯстони паёмаши сайфи слили гашт
بر دوستان پیامش سیف سلیل گشت
Баси кеҳтарии ғамӣ ки биҷои ту ранҷи барад
بس کهتری غمی که بجای تو رنج برد
Аз ҷоҳу давлати ту амири ҷалили гашт
از جاه و دولت تو امیر جلیل گشت
Баси хусравии ҷалил ки бо ту бибаст фасл
بس خسروی جلیل که با تو ببست فصل
Бисёр хортар зи сегон Фсили гашт
بسیار خوارتر ز سگان فصیل گشت
Носеҳ ки меҳри ҷӯй ту бошад бурузу шаб
ناصح که مهر جوی تو باشد بروز و شب
Бо фар ва бар зу зӯри тани Ҷабраили гашт
با فر و بر زو زور تن جبرئیل گشت
Он кӯи бнФси дуну баҳамати ҳақир буд
آن کو بنفس دون و بهمت حقیر بود
Чун хизмат ту кардаш ӯро ду ҷалили гашт
چون خدمت تو کردش او را دو جلیل گشت
Аз мадҳи ту бшърии шоири расонади сар
از مدح تو بشعری شاعر رساند سر
Бо фари қад аз атои ту фарқаши ъдили гашт
با فر قد از عطای تو فرقش عدیل گشت
Ранҷии қалилро зи ту ганҷӣ касӣр ёфт
رنجی قلیل را ز تو گنجی کثیر یافت
Венаи ранҷу ганҷи зии ту касӣраши қалили гашт
وین رنج و گنج زی تو کثیرش قلیل گشت
Бо дониши ту ҳикмати луқмон фитода шуд
با دانش تو حکمت لقمان فتاده شد
Бо лафзи ту каломи араби қолу қили гашт
با لفظ تو کلام عرب قال و قیل گشت
То васф дар мсил кунанду ҳадиси Нӯҳ
تا وصف در مسیل کنند و حدیث نوح
Каз мӯъҷизоти Нӯҳи бохри қабили гашт
کز معجزات نوح بآخر قبیل گشت
Бодати бақои Нӯҳ ки бадхоҳи малики ту
بادت بقای نوح که بدخواه ملک تو
Дар банди ранҷу меҳнат чун дар мсили гашт
در بند رنج و محنت چون در مسیل گشت
Иди халил хуррам бигзор бо халил
عید خلیل خرم بگذار با خلیل
Каз баси халили адуу адуии халили гашт
کز بس خلیل عدو و عدوی خلیل گشت