Гуҳи баҳори ҳамаи халқи ҷуфти ёр буд

گه بهار همه خلق جفت یار بود

Мар аз ёри ҷдоӣии гуҳи баҳор буд

مر از یار جدائی گه بهار بود

Маро чигуна буд дар фироқи ёри қарор

مرا چگونه بود در فراق یار قرار

Ки дар висол кунун боз беқарор буд

که در وصال کنون باز بی قرار بود

Кунун ки халқи ҳама дар канор дорад ёр

کنون که خلق همه در کنار دارد یار

Биҷои ёри марои ашк дар канор буд

بجای یار مرا اشک در کنار بود

Сазад зи даврии он дар шоҳвор нигор

سزد ز دوری آن در شاهوار نگار

Ки ҷазаъи ман садаф дар шоҳвор буд

که جزع من صدف در شاهوار بود

Буқати онкии гули комкор буи диҳад

بوقت آنکه گل کامکار بوی دهد

зи васли ёри даду доми комкор буд

ز وصل یار دد و دام کامکار بود

зи нави баҳори гули комкори баҳраи ман

ز نو بهار گل کامکار بهره من

Бидидау бадали андари халидаи хор буд

بدیده و بدل اندر خلیده خار بود

Марои зи ёри гусастани буқати лолау гул

مرا ز یار گسستن بوقت لاله و گل

Бохтёр буд кигар ихтиёр буд

باختیار بود کی گر اختیار بود

Бунафшаи вори дили ман нижанду зор буд

بنفشه وار دل من نژند و زار بود

Кунун ки хӯрдан май дар бунафшаи зор буд

کنون که خوردن می در بنفشه زار بود

зи навҳа кардану зории танам нзорӣ ёфт

ز نوحه کردن و زاری تنم نزاری یافت

Танӣ ки зор буд шояд ар назор буд

تنی که زار بود شاید ار نزار بود

зи пеши онкии тани ман бакор зор шавад

ز پیش آنکه تن من بکار زار شود

Дилами зи ҳиҷрат бо тани бкорзор буд

دلم ز هجرت با تن بکارزار بود

Раҳеи дарозу дилии зору дарду ҳиҷри дароз

رهی دراز و دلی زار و درد و هجر دراز

Ҳамаи ҷаҳонро фарёд аз ин чаҳор буд

همه جهان را فریاد از این چهار بود

Ду кас ҳамеша гирифтори дард ва ғам бошанд

دو کس همیشه گرفتار درد و غم باشند

зи дарди вғми дилу ҷонишони нижанду зор буд

ز درد وغم دل و جانشان نژند و زار بود

Яке касе ки зи дилбанди хеш давр шавад

یکی کسی که ز دلبند خویش دور شود

Дувум касе ки бидонадяши шаҳриёр буд

دوم کسی که بداندیش شهریار بود

АбуАлхалӣли малики ҷъФрбни иззуддин

ابوالخلیل ملک جعفربن عزالدین

Ки бе ризоаши ҳамаи фахри халқи ор буд

که بی رضاش همه فخر خلق عار بود

Яке замони надиҳад зинҳор хоста ро

یکی زمان ندهد زینهار خواسته را

Ҷаҳонаши доим дар зер зинҳор буд

جهانش دائم در زیر زینهار بود

Мувофиқонро зу баҳраи тоҷу тахт буд

موافقان را زو بهره تاج و تخت بود

Хилоф ӯ накунад ҳаркии Бахтиёр буд

خلاف او نکند هرکه بختیار بود

Касе ки хӯрд май кин ӯ баҷоами хилоф

کسی که خورد می کین او بجام خلاف

Бҳўшёрии доими варои хумор буд

بهوشیاری دائم ورا خمار بود

Касе ки дам бузанд беҳавоӣ ӯ якбор

کسی که دم بزند بی هوای او یکبار

Ҳамеша то бузед дар дами дамор буд

همیشه تا بزید در دم دمار بود

Кунад савори бенонаш киро пиёда буд

کند سوار بنانش که را پیاده بود

Кунад пиёдаи снонс киро савор буд

کند پیاده سنانس که را سوار بود

Касе ки поя ӯ ҷуст ҷон бидод ва наёфт

کسی که پایه او جست جان بداد و نیافت

Наҷуст пояаш онкас ки ҳӯшёр буд

نجست پایه اش آنکس که هوشیار بود

Бком хеш набинад чунин маъодӣ ро

بکام خویش نبیند چنین معادی را

Киро худои муайяну замонаи ёр буд

که را خدای معین و زمانه یار بود

Надидаи шоҳӣ то ин диёр буд чу ӯ

ندیده شاهی تا این دیار بود چو او

На низ бинад то сад чунин диёр буд

نه نیز بیند تا صد چنین دیار بود

Бпиши қадараши гардун чу чашми мӯр буд

بپیش قدرش گردون چو چشم مور بود

Бпиши дасташи дарё чу пои мор буд

بپیش دستش دریا چو پای مار بود

зи ҳафт гардун бигузашт қадараш аз паии он

ز هفت گردون بگذشت قدرش از پی آن

БҳФти гардун бар як атоаши бор буд

بهفت گردون بر یک عطاش بار بود

Яке валеро бахшад ҳазор бахшиш ӯ

یکی ولی را بخشد هزار بخشش او

Кунад нигуни схтшгар адуи ҳазор буд

کند نگون سخطش گر عدو هزار بود

Турои шҳо малико рӯзгор ҳаст басӣ

ترا شها ملکا روزگار هست بسی

Ҳама мурод барояд чу рӯзгор буд

همه مراد برآید چو روزگار بود

Агар чаҳ коми дили хеши дайртар ёбӣ

اگر چه کام دل خویش دیرتر یابی

Чу ёфта буд ин коми пойдор буд

چو یافته بود این کام پایدار بود

Бгоҳ душман ту ҳаст мстъоршҳо

بگاه دشمن تو هست مستعارشها

На пойдор буд ҳаркии мустаъор буд

نه پایدار بود هرکه مستعار بود

Шикори зоиру соил буд хазинаи ту

شکار زائر و سائل بود خزینه تو

Вилояти маликони мари турои шикор буд

ولایت ملکان مر ترا شکار بود

Бимони бФру бмлки андаруни ту чандоне

بمان بفر و بملک اندرون تو چندانی

Куҷо ба нек ва ба бади чархро мадор буд

کجا به نیک و به بد چرخ را مدار بود