Аз ғами ҳиҷри тарози ҳамаи хубони тароз

از غم هجر طراز همه خوبان طراز

Зарду борӣкаму ларзонам чун тори тароз

زرد و باریکم و لرزانم چون تار طراز

Бомед хабари ёр ва ба тамаъи назараш

به امید خبر یار و به طمع نظرش

Бшбони сияҳи дайру бурузони дароз

به شبان سیه دیر و به روزان دراز

Агарам гӯш бухорад набарам даст бигӯаш

اگرم گوش بخارد نبرم دست به گوش

Агарам хоб бигирад накунам дидаи фароз

اگرم خواب بگیرد نکنم دیده فراز

эй брзми андари лашгари шикану разми афрӯз

ای به رزم اندر لشکرشکن و رزم‌افروز

Ваии ббзми андари шукри шикану базми тароз

وی به بزم اندر شکّرشکن و بزم‌طراز

Чанд кӯшам ки кунам рози ту аз халқи ниҳон

چند کوشم که کنم راز تو از خلق نهان

Гарчи дил ҷуфт азобасту равони ҷуфти гудоз

گرچه دل جفت عذاب است و روان جفت گداز

Битавон рози бўсли андари пӯшеди зи халқ

بتوان راز به وصل اندر پوشید ز خلق

БФроқи андари пӯшида куҷо гардад роз

به فراق اندر پوشیده کجا گردد راز

Бҳқиқти дили ман барадӣ ва рафтӣ бсФр

به حقیقت دل من بردی و رفتی به سفر

Ҳар замонами хабарӣ боз фиристӣ бмҷоз

هر زمانم خبری باز فرستی به مجاز

Хуру хоб аз ман шуд то ту з чашмам бишудӣ

خور و خواب از من شد تا تو ز چشمم بشدی

То ту ноӣии бози ин ҳар ду бмн ноед боз

تا تو نایی باز این هر دو به من ناید باز

Ҳамдамонро баҳамаи чиз ниёзаст басӣ

همدمان را به همه چیز نیاز است بسی

Аз ҳамаи чизи ҷаҳонӣ бтўом ҳаст ниёз

از همه چیز جهانی به توام هست نیاز

Чанд аз ин тиру камони даст ббодаҳ куну ҷом

چند از این تیر و کمان دست به باده کن و جام

Чанд аз ин ранҷу ситами хезад ва биовар майу соз

چند از این رنج و ستم خیز و بیاور می و ساز

Ки нёромм то шаби зи фироқи ту буруз

که نیارامم تا شب ز فراق تو به روز

Ки нхсбми бшб аз ҳиҷри ту то банки намоз

که نخسبم به شب از هجر تو تا بانگ نماز

На бўъди ту мъўл на мъўли бхлоФ

نه به وعد تو مُعَوِّل نه مُعَوِّل به خلاف

На бнўмидии хат ва на бомед ҷавоз

نه به نومیدی خط و نه به امید جواز

Гарчи бандеми бғмхўории ғамҳои туро

گرچه بندیم به غمخواری غم‌های ترا

Бгсорми бътои малики бандаи навоз

بگسارم به عطای ملک بنده‌نواز

Мейри Абунасри Муҳамад ки сари давлат ӯ

میر ابونصر محمد که سر دولت او

Ҳаст чун дайни Муҳамади ҳамаи солаи бФроз

هست چون دین محمد همه ساله به فراز

ӯ ба табриз ва шудаи номи бузургяши бмср

او به تبریز و شده نام بزرگیش به مصر

ӯ бтбриз ва шудаи ҳайбати теғаши бтроз

او به تبریز و شده هیبت تیغش به طراز

Кар бихоҳӣ ки битозад сӯии ту давлату бахт

گر بخواهی که بتازد سوی تو دولت و بخت

Бадалу ҷони басӯии дарга ъолиш битоз

به دل و جان به سوی درگه عالیش بتاز

эй ҳунарманд макун арзи ҳнрҳоти буриш

ای هنرمند مکن عرض هنرهات برش

Бар тозии фарсони хираи хари ланги мтоз

بر تازی فَرَسان خیره خر لنگ متاز

Тани бадхоҳи бшмшири чунон пора кунад

تن بدخواه به شمشیر چنان پاره کند

Ки касе пора кунад барги гулу беди бгоз

که کسی پاره کند برگ گل و بید به گاز

эй ҳама рӯй замин ёфта аз рӯй ту нур

ای همه روی زمین یافته از روی تو نور

Ваии ҳамаи халқ ҷаҳон ёфта аз ҷӯади ту соз

وی همه خلق جهان یافته از جود تو ساز

Сарнигӯни мард ки як рӯзи туро хизмат кард

سرنگون مرد که یک روز ترا خدمت کرد

Аз атои ту сарафроз шуду синаи фароз

از عطای تو سرافراز شد و سینه فراز

Ҳарки ӯ бар ту бадал ҷӯяд ҳушаш набӯд

هرکه او بر تو بدل جوید هوشش نبود

Мардум биҳш бӯед бадали мшги пиёз

مردم بیهُش بوید بدل مشک، پیاز

Бҳросди зи ту ҳар чанд ҳунар дорад мард

بهراسد ز تو هر چند هنر دارد مرد

Бҳросди зи уқоб ар чаҳ ҳунар дорад боз

بهراسد ز عقاب ار چه هنر دارد باز

Боз аз он шуд дар давлат ки кунад хизмати ту

باز از آن شد در دولت که کند خدمت تو

Сӯй ӯ боз кунад давлати фаррухи сад боз ?

سوی او باز کند دولت فرخ صد باز؟

Бшҷоъти зи тарозии бсхоўти зи араб

به شجاعت ز طرازی به سخاوت ز عرب

БлтоФти зи ироқии бФсоҳти зи ҳиҷоз

به لطافت ز عراقی به فصاحت ز حجاز

Ту шаҳаншоҳ чу домоду фалаки ҳамчуи арӯс

تو شهنشاه چو داماد و فلک همچو عروس

Давлату бахташи перояу гейтяши ҷҳоз

دولت و بختش پیرایه و گیتیش جهاز

То буд шодии деҳқонон аз бодау боғ

تا بود شادی دهقانان از باده و باغ

То буд хастаи дили мазраъаи дорони зи гуроз

تا بود خسته دلِ مزرعه‌داران ز گراز

Боди хасмати бгдози ғаму длхстаҳи мудом

باد خصمت به گداز غم و دلخسته مدام

Ту ббоғи андар бо бодау шодии бгроз

تو به باغ اندر با باده و شادی بگراز

Иди фархунда фароз омад ҳақаш бигзор

عید فرخنده فراز آمد حقش بگذار

Чу бипардохтӣ аз иди яке базм бисоз

چو بپرداختی از عید یکی بزم بساز

Ҳама бар гоҳ нишину ҳама бо моҳи хиром

همه بر گاه نشین و همه با ماه خرام

Ҳама бо соғари сӯзу ҳама бо дилбари соз

همه با ساغر سوز و همه با دلبر ساز