Бори худоёи зи марги миннат чаҳ ояд
بار خدایا ز مرگ منت چه آید
Бегунаҳонро зи ғами макаш ки нишоед
بی گنهان را ز غم مکش که نشاید
Хомшии хеши хори дории лекин
خامشی خویش خوار داری لیکن
Хомшии ман турои ҳамеи нкзоид
خامشی من ترا همی نکزاید
То ту яке раҳи басӯи ман нагароӣ
تا تو یکی ره بسوی من نگرائی
Ҳеҷ саодати басӯии ман нгроид
هیچ سعادت بسوی من نگراید
Гар бар ту даст ман расад аҷабӣ нест
گر بر تو دست من رسد عجبی نیست
Онкас кӯ мехӯрд таниш бирабоед
آنکس کو می خورد تنش برباید
Омадаи наврӯзу шеър бояд некӯ
آمده نوروز و شعر باید نیکو
Чу нон каз табъи занг ғам бизадойад
چونان کز طبع زنگ غم بزداید
Табъӣ бояд кушодаи шеъри накӯ ро
طبعی باید گشاده شعر نکو را
Ҷузи суханони ту табъ ме накушояд
جز سخنان تو طبع می نگشاید
?герат бакораст шеъри неки сухангӯӣ
گرت بکار است شعر نیک سخنگوی
Хомаш бош арат шеър нек наёяд ?
خامش باش ارت شعر نیک نیاید؟