Манам зи ҳасрати дидори ёри зор ва назор

منم ز حسرت دیدار یار زار و نزار

Ҳамеи бгрим чун абри навбаҳории зор

همی بگریم چون ابر نوبهاری زار

Яке дарахт бикуштам бабўсатон умед

یکی درخت بکشتم ببوستان امید

Ки ноз будаш баргу нишот будаш бор

که ناز بودش برگ و نشاط بودش بار

Боби меҳраши прўрдму ббоди ҳўӣ

بآب مهرش پروردم و بباد هوی

БоФтоби вафоу бмоҳтоби дамор ?

بآفتاب وفا و بماهتاب دمار؟

Бқҳри боди фироқ аз канори маниши бикунад

بقهر باد فراق از کنار منش بکند

Аз оби чашмами дарё канор кард канор

از آب چشمم دریا کنار کرد کنار

Чу ёд оядам аз мшгбўии наргис ӯ

چو یاد آیدم از مشگبوی نرگس او

Шавад ду наргиси ман лолаи барги лؤлؤи бор

شود دو نرگس من لاله برگ لؤلؤ بار

Чу ёд оядам аз бе қарори сунбул ӯ

چو یاد آیدم از بی قرار سنبل او

Ҷудо шавад зи дилу ҷони ман шикебу қарор

جدا شود ز دل و جان من شکیب و قرار

Басӣ чашидам зон мшгбўии ду лаб май

بسی چشیدم زان مشگبوی دو لب می

Намонад бо ман ҳосили магари балои хумор

نماند با من حاصل مگر بلای خمار

Басии бсўдми глбўии лолаи ранги Рахш

بسی بسودم گلبوی لاله رنگ رخش

Фироқ ӯ бадал ман халид ҳамчун хор

فراق او بدل من خلید همچون خار

Чунонкии довар аз он моҳ дод ман наситад

چنانکه داور از آن ماه داد من نستد

Муродҳоад сабурии бъшқ ӯ додар

مراد هاد صبوری بعشق او دادار