Дилами зи ишқи ту ҳаргиз маҳол нандешад
دلم ز عشق تو هرگز محال نندیشد
Вагар зи ҳиҷри бимирад висол нандешад
وگر ز هجر بمیرد وصال نندیشد
Турои даҳуми бадали худ ҳар ончӣ ҳаст маро
ترا دهم بدل خود هر آنچه هست مرا
Касе ки ҷон ба ту бахшад з мол нандешад
کسی که جان به تو بخشد ز مال نندیشد
зи ҷону мол ба ишқи ту дар наяндешам
ز جان و مال به عشق تو در نیندیشم
Ки мурғи сӯхта аз пар ва бол нандешад
که مرغ سوخته از پر و بال نندیشد
Дилӣ ки ёбад ишқи ту ҷовдон монад
دلی که یابد عشق تو جاودان ماند
Касе ки ёфт биҳишт аз завол нандешад
کسی که یافت بهشت از زوال نندیشد
Дилами зи ҳиҷри ту ҳаргиз натарсад эй дилбар
دلم ز هجر تو هرگز نترسد ای دلبر
Аз онкии чеҳраи зангии з хол нандешад
از آنکه چهره زنگی ز خال نندیشد
Туро аз таънаи бадхоҳи ҳеҷ бокӣ нест
تو را از طعنه بدخواه هیچ باکی نیست
Гул аз маломати бод шимол нандешад
گل از ملامت باد شمال نندیشد
Маро ба васл чу симурғи ту умедӣ нест
مرا به وصل چو سیمرغ تو امیدی نیست
Ҳронкаҳ оқил бошад маҳол нандешад
هرآنکه عاقل باشد محال نندیشد
Қавомят чу шуд андари висоли неки андеш
قوامیت چو شد اندر وصال نیک اندیش
Дилаши зи фирқаи ботил сгол нандешад
دلش ز فرقه باطل سگال نندیشد
Висоли ҷӯии зи ранҷ фироқ наҳаросад
وصال جوی ز رنج فراق نهراسد
Фарохи рӯзӣ аз қаҳт сол нандешад
فراخ روزی از قحط سال نندیشد