Мутриби дилами зи парда ба дар меравад бигӯ

مطرب دلم ز پرده به در میرود بخوان

Соқии биё ки оташи ишқам ба ҷон гирифт

ساقی بیا که آتش عشقم به جان گرفت

Дидӣ дило ки шуълаи ҷўолоҳаҳи фироқ

دیدی دلا که شعلهٔ جولاهه فراق

Монанди нуқтаи оқибатам дар миён гирифт

مانند نقطه عاقبتم در میان گرفت

Аз бас ки сӯхти кавкаби бахтам дар осмон

از بس که سوخت کوکب بختم در آسمان

Зулмати фазои хона Каррӯбӣон гирифт

ظلمت فضای خانه کرّوبیان گرفت

Хубон ба меҳри длшдгонро кунанд асир

خوبان به مهر دلشدگان را کنند اسیر

Кӣ малики дил ба қӯти бозу тавон гирифт

کِی مُلک دل به قوّت بازو توان گرفت

Парвонаро висоли намояди шаби фироқ

پروانه را وصال نماید شب فراق

То шамъро зи сӯзи ман оташ ба ҷон гирифт

تا شمع را ز سوز من آتش به جان گرفت

Мо дар паноҳ пер Муғонем гӯ бигир

ما در پناه پیر مغانیم گو بگیر

Гар гурги гӯсфанди зи даст шубон гирифт

گر گرگ گوسفند ز دست شُبان گرفت

Ҳаргизи набарди раҳ ба сарои бӯстони гул

هرگز نبرد ره به سرا بوستان گل

Ало касе ки улфат бо боғбон гирифт

الّا کسی که الفت با باغبان گرفت

Орифи шинохт қадар хамӯшӣ аз он ки дид

عارف شناخت قدر خموشی از آن که دید

Оташ ба ҷони шамъи зи даст забон гирифт

آتش به جان شمع ز دست زبان گرفت

То кӣ асир ғӯл биёбоне эй ғубор

تا کِی اسیر غول بیابانی ای غبار

Онкаси бурӣдаи раҳ ки пай корвон гирифт

آنکس بریده ره که پی کاروان گرفت