Насими субҳгоҳӣ чун шамеми зулфи ёрорд
نسیم صبحگاهی چون شمیم زلف یارآرد
Дили маҷрӯҳи морои марҳами азмшки ттори орад
دل مجروح مارا مرهم ازمُشک تَتار آرد
Нишинад бар канори ҷӯии доими мардуми чашмам
نشیند بر کنار جوی دایم مردم چشمم
Ба умедӣ ки рӯзии сарви қадӣ дар канори орад
به امیدی که روزی سرو قدی در کنار آرد
Дило аз худ машав навмед агар ашки равони дорӣ
دلا از خود مشو نومید اگر اشک روان داری
Ки чун обӣ ба хокии рехтии тухмӣ ба бори орад
که چون آبی به خاکی ریختی تخمی به بار آرد
Чамани орои қудрати пурвирди сад хор дар гулшан
چمن آرای قدرت پرورد صد خار در گلشن
Ки рӯзии гулбуниро ғунчае аз шохи хори орад
که روزی گلبنی را غنچه ای از شاخ خار آرد
Бисӯз эй оташи ишқи устихонамро ки деҳқонон
بسوز ای آتش عشق استخوانم را که دهقانان
Зананд оташ ба гулбун то накӯтар гул ба бори орад
زنند آتش به گلبن تا نکوتر گل به بار آرد