Имрӯз агар ба сангии минои ҷон тавон зад
امروز اگر به سنگی مینای جان توان زد
Фардои з хам ҳастӣ ратли гарон тавон зад
فردا ز خُمّ هستی رطل گران توان زد
Соқӣ ба каф надорам чизеи баҳои май ро
ساقی به کف ندارم چیزی بهای مِی را
Ҷузи хирмании зи дониши котш дар он тавон зад
جز خرمنی ز دانش کآتش در آن توان زد
Дунёу охиратро бо ишқ қӣматӣ нест
دنیا و آخرت را با عشق قیمتی نیست
Май даҳ ки чори такбир бар ин ва он тавон зад
مِی ده که چار تکبیر بر این و آن توان زد
Фардо агар зи кавсар ҷомӣ наме диҳандам
فردا اگر ز کوثر جامی نمی دهندم
Имрӯзи соғарӣ бо ҳўроўшон тавон зад
امروز ساغری با حوراوشان توان زد
Аз мо канора кардӣ роҳ хато гирифтӣ
از ما کناره کردی راه خطا گرفتی
Пиндоштӣ ки комӣ бо дигарон тавон зад
پنداشتی که کامی با دیگران توان زد
Бигзор чархи гардун бар ком мо нагардад
بگذار چرخ گردون بر کام ما نگردد
Як шаби хаданги оҳӣ бар осмон тавон зад
یک شب خدنگ آهی بر آسمان توان زد
Рухсори оташинат то чанд дар ниқоб аст
رخسار آتشینت تا چند در نقاب است
Моро шарорӣ аз ваии охир ба ҷон тавон зад
ما را شراری از وی آخر به جان توان زد
Аз мурғи банд бар пои парвоз чанд хоҳӣ
از مرغ بند بر پا پرواز چند خواهی
Бигушоӣ ришта то пар бар ломакон тавон зад
بگشای رشته تا پر بر لامکان توان زد