Гар ганҷи ғамат дар дил девона наме шуд

گر گنج غمت در دل دیوانه نمی‌شد

Вайронаи мақоми ман девона наме шуд

ویرانه مقام من دیوانه نمی‌شد

Шаҳи коши хароҷ аз даҳ вайрона наме хост

شه کاش خراج از ده ویرانه نمی‌خاست

ё малики дилами кош ки вайрона наме шуд

یا ملک دلم کاش که ویرانه نمی‌شد

Донеи з чаҳ ошиқ ба раҳи фақр ва фано рафт

دانی ز چه عاشق به ره فقر و فنا رفت

Савдои ҷаҳон бо ғам ҷонона наме шуд

سودای جهان با غم جانانه نمی‌شد

Дили кош ба бегонаи вафоҳои ту ме дид

دل کاش به بیگانه وفاهای تو می‌دید

То яксара аз ғайри ту бегона наме шуд

تا یکسره از غیر تو بیگانه نمی‌شد

Гар дар дили шамъи оташӣ аз ишқ наме буд

گر در دل شمع آتشی از عشق نمی‌بود

Огоҳи зи сӯзи дил парвона наме шуд

آگاه ز سوز دل پروانه نمی‌شد

Фарёд расм шуд шаби ҳиҷрони ту фарёд

فریاد رسم شد شب هجران تو فریاد

Май мардум агар нола мастона наме шуд

می‌مردم اگر ناله مستانه نمی‌شد

Умеди халос аз хами зулфин туам буд

امید خلاص از خَم زلفین توام بود

Дар дом агар он холи сияҳ дона наме шуд

در دام اگر آن خال سیه دانه نمی‌شد

Бар лашкари ғами хонаи дил танг нагаштӣ

بر لشکر غم خانۀ دل تنگ نگشتی

Гар хайли хаёли ту дар ин хона наме шуд

گر خیل خیال تو در این خانه نمی‌شد

Равшан нашудӣ шамъи дил аз ҳеҷ чароғам

روشن نشدی شمع دل از هیچ چراغم

Гар пуртӯй аз равзан майхона наме шуд

گر پرتوی از روزن میخانه نمی‌شد

Соқӣ ба яке ҷуръаи з ғам кард халосам

ساقی به یکی جرعه ز غم کرد خلاصم

Зинҳоргар ин фикр ҳакӣмона наме шуд

زنهار گر این فکر حکیمانه نمی‌شد

Бар ақли ғубор ар наздӣ оташи ишқат

بر عقل غبار ار نزدی آتش عشقت

Дар шаҳр ба девонагӣ афсона наме шуд

در شهر به دیوانگی افسانه نمی‌شد