зи ҷони безорам аз дасти дили хеш

ز جان بیزارم از دست دل خویش

Худоё бо ки гӯям мушкили хеш

خدایا با که گویم مشکل خویش

Гули ман хори ғам дар по надорад

گل من خار غم در پا ندارد

Ки чандон фориғаст аз булбули хеш

که چندان فارغست از بلبل خویش

Ба дарёии ғамати нозам ки бозам

به دریای غمت نازم که بازم

Ба қаъри хеши барад аз соҳили хеш

به قعر خویش برد از ساحل خویش

Дил ман менадонам моил кист

دل من می ندانم مایل کیست

Ки ҳеҷаш менабинам моили хеш

که هیچش می نبینم مایل خویش

Дай аз парвонаи васли ту то субҳ

دی از پروانۀ وصل تو تا صبح

Шудам аз шавқи шамъи маҳфили хеш

شدم از شوق شمع محفل خویش

Чу мурғи байза зойеъ карда доим

چو مرغ بیضه ضایع کرده دایم

Дилам гирад канор аз манзили хеш

دلم گیرد کنار از منزل خویش

Надонам охири ин сайёд бе раҳм

ندانم آخر این صیّاد بی رحم

Чаро пӯшеди чашм аз бсмли хеш

چرا پوشید چشم از بسمل خویش

Дило то чанд корӣ тухм ҳастӣ

دلا تا چند کاری تخم هستی

Ба боди нестии даҳ ҳосили хеш

به باد نیستی ده حاصل خویش

Бҳл то аўФтон хезон бияёд

بهل تا اوفتان خیزان بیاید

Ғубори хастаи раҳ бо маҳмили хеш

غبار خسته ره با محمل خویش