Хуррами дилӣ ки дар хами зулфи ту ҷо гирифт
خرم دلی که در خم زلف تو جا گرفت
Осӯдаи онкии хона ба кӯй бало гирифт
آسوده آنکه خانه به کوی بلا گرفت
Хок дарат з рашк наҳафтум ба оби чашм
خاک درت ز رشک نهفتم به آب چشم
То чашми ғайр , равшанӣ аз тўтё гирифт
تا چشم غیر، روشنی از توتیا گرفت
Тири ту сар фурӯд наёрад ба ҳеҷ сайд
تیر تو سر فرود نیارد به هیچ صید
Мурғи дилами хаданги туро дар ҳаво гирифт
مرغ دلم خدنگ ترا در هوا گرفت
Халқии асири тӯҳмат ва ман муҷрими вафо
خلقی اسیر تهمت و من مجرم وفا
Дар қайд ӯ намонад касе , то маро гирифт
در قید او نماند کسی، تا مرا گرفت