Дар дили булҳавас ар завқи муҳаббат май буд
در دل بوالهوس ار ذوق محبت میبود
Ошиқ аз рашки гирифтор чаҳ меҳнат май буд
عاشق از رشک گرفتار چه محنت میبود
Ҷой май соқӣ агар хӯн ҷигар ме додӣ
جای می ساقی اگر خون جگر میدادی
Он замон бар сари паймона чаҳ суҳбат май буд
آن زمان بر سر پیمانه چه صحبت میبود
Чашми ҳайрон шудаам толеъ ойӣна надошт
چشم حیرانشدهام طالع آیینه نداشت
Варна акси ту дарин чашмаи ҳайрат май буд
ورنه عکس تو درین چشمه حیرت میبود
Ғами з дил рафт ки ин рӯз сиёҳ омад пеш
غم ز دل رفت که این روز سیاه آمد پیش
Коши ин оинаро занги кудурат май буд
کاش این آینه را زنگ کدورت میبود
Ҳеҷ каси навбари лутф ту намекард , агар
هیچکس نوبر لطف تو نمیکرد، اگر
Бо миннати лутф ба андозаи ҳасрат май буд
با مَنَت لطف به اندازه حسرت میبود
Гиряам фурсат назора намедод имшаб
گریهام فرصت نظّاره نمیداد امشب
Сайр медидамаш ар . . . Фурсат май буд
سیر میدیدمش ار ... فرصت میبود
Ғайр аз гиряам афтода ба ғайрати қудсӣ
غیر از گریهام افتاده به غیرت قدسی
Коши як чашм задан бар сари ғайрат май буд
کاش یک چشمزدن بر سر غیرت میبود