Ранҷидан ту боиси навмидӣ ман шуд

رنجیدن تو باعث نومیدی من شد

Пероҳани умед , маро бе ту кафан шуд

پیراهن امید، مرا بی تو کفن شد

Шояд ки касе гӯш кунад нолаи мо ҳам

شاید که کسی گوش کند ناله ما هم

Боист ҳам овоз ба мурғон чаман шуд

بایست هم‌آواز به مرغان چمن شد

Маъмурии манзил буд аз соҳиби манзил

معموری منزل بود از صاحب منزل

Ҳарҷо ки нишастем дамӣ , байт ҳузн шуд

هرجا که نشستیم دمی، بیت حزن شد

Афканди ҳумои соя вале бар сари хокам

افکند هما سایه ولی بر سر خاکم

Шуд тирагӣ аз ҷомаи бахтам , чу кафан шуд

شد تیرگی از جامه بختم، چو کفن شد

Беҳбӯдии аҳволи дил аз саъй фалак нест

بهبودی احوال دل از سعی فلک نیست

Бар гулхан агар ишқ гузар кард , чаман шуд

بر گلخن اگر عشق گذر کرد، چمن شد

Моро натавон гуфт мусофир ки ба ғурбат

ما را نتوان گفت مسافر که به غربت

Ҳарҷо ки нишастем ба боди ту ватан шуд

هرجا که نشستیم به باد تو وطن شد

Зон дил накунам чок , ки берун нарӯй ту

زان دل نکنم چاک، که بیرون نروی تو

Каз накҳати зулфи ту дилами рашк хутан шуд

کز نکهت زلف تو دلم رشک ختن شد

Савдоӣ дигар нест миёни хату зулфаш

سودای دگر نیست میان خط و زلفش

Ҳзи фитна ки шуд бар сари он чоҳ зқн шуд

هز فتنه که شد بر سر آن چاه ذقن شد