Зӯрам ба як ишора абрӯ наме расад

زورم به یک اشاره ابرو نمی‌رسد

Ҳаргиз ба нотавонии ман мӯ наме расад

هرگز به ناتوانی من مو نمی‌رسد

Қамарӣ фиканда тавқ ба тақлид дар гулӯ

قمری فکنده طوق به تقلید در گلو

Чун гарданаш ба ҳалқа гесу наме расад

چون گردنش به حلقه گیسو نمی‌رسد

Инсофи байн ки пой ба доман кашида ам

انصاف بین که پای به دامن کشیده‌ام

Бо ҷомае ки то сар зону наме расад

با جامه‌ای که تا سر زانو نمی‌رسد

Лаби ташнагони ноз , тасаллӣ наме шаванд

لب‌تشنگان ناز، تسلی نمی‌شوند

То чини зулфи ёр ба абрӯ наме расад

تا چین زلف یار به ابرو نمی‌رسد

Азчшми ту ки дидаи бади даври боди азу

ازچشم تو که دیده بد دور باد ازو

Ғайр аз нигоҳи давр ба оҳӯ наме расад

غیر از نگاه دور به آهو نمی‌رسد

Зулфат ба бурдани дилам эъҷоз ме кунад

زلفت به بردن دلم اعجاز می‌کند

Навбат бидон ду наргис ҷодӯ наме расад

نوبت بدان دو نرگس جادو نمی‌رسد

Дили гӯшаи гири мӯӣ ту гардид аз азал

دل گوشه‌گیر موی تو گردید از ازل

Чун гӯша Эй бидон хам гесу наме расад

چون گوشه‌ای بدان خم گیسو نمی‌رسد

Дил дар миёни гирифтаи сари зулфи ёр ро

دل در میان گرفته سر زلف یار را

эй шонаи даври шӯ ба ту як мӯ наме расад

ای شانه دور شو به تو یک مو نمی‌رسد

Қудсӣ чу теғи оҳ заъифон шавад баланд

قدسی چو تیغ آه ضعیفان شود بلند

Касро сухани зи қӯт бозу наме расад

کس را سخن ز قوت بازو نمی‌رسد