Завқи ғамати зи сина маҳзун наме равад

ذوق غمت ز سینه محزون نمی‌رود

Аз дили ҳавои дарди ту берун наме равад

از دل هوای درد تو بیرون نمی‌رود

Ҳарчанд нози доман Лайлӣ кашад , дилаш

هرچند ناز دامن لیلی کشد، دلش

Бовар макун ки аз пай маҷнӯн наме равад

باور مکن که از پی مجنون نمی‌رود

Зини чашм хӯн фишон ки маро ҳаст , чарх ро

زین چشم خون‌فشان که مرا هست، چرخ را

Киштии кадоми рӯз ки дар хӯн намеравад ?

کشتی کدام روز که در خون نمی‌رود؟

Бар дил шабӣ намегузарад каз ғулувии заъф

بر دل شبی نمی‌گذرد کز غلوی ضعف

Бо нолаи шабона ба гардун наме равад

با ناله شبانه به گردون نمی‌رود

Аз дидаам , кадоми нафас , дар фироқи ту

از دیده‌ام، کدام نفس،در فراق تو

Оташ ба ҷои об ба Ҷайҳун намеравад ?

آتش به جای آب به جیحون نمی‌رود؟

Роҳи нафаси зи хӯни дилам баста ме шавад

راه نفس ز خون دلم بسته می‌شود

Гар як нафаси зи дидаи маро хӯн наме равад

گر یک نفس ز دیده مرا خون نمی‌رود

эй оқилон фасона махонед бар серум

ای عاقلان فسانه مخوانید بر سرم

Каз сари ҷунуни ишқ ба афсун наме равад

کز سر جنون عشق به افسون نمی‌رود

эй нури дида зиндагӣам бе ту мушкил аст

ای نور دیده زندگی‌ام بی تو مشکل است

Осони зи синаи меҳри ту берун наме равад

آسان ز سینه مهر تو بیرون نمی‌رود

Нозу киришмаи ту ба чашм ғизол нест

ناز و کرشمه تو به چشم غزال نیست

Маҷнӯни ту зи шаҳр ба ҳомӯн наме равад

مجنون تو ز شهر به هامون نمی‌رود

Бояд расад ба гӯши ту афғони ман , чаҳ бок

باید رسد به گوش تو افغان من، چه باک

Гар нолаам зи заъф ба гардун наме равад

گر ناله‌ام ز ضعف به گردون نمی‌رود

Қудсии кадоми рӯз ки аз гиря , дида ам

قدسی کدام روز که از گریه، دیده‌ام

Ҳамчун ҳубоб бар сар Ҷайҳун наме равад

همچون حباب بر سر جیحون نمی‌رود