Фусурдаи суҳбатам аз интизори гиряи шамъ

فسرده صحبتم از انتظار گریه شمع

Гулӣ начед шабам аз баҳори гиряи шамъ

گلی نچید شبم از بهار گریه شمع

Тарашшӯҳи мижа аз илтифоти доғ буд

ترشح مژه از التفات داغ بود

Ба дасти шуъла буд ихтиёри гиряи шамъ

به دست شعله بود اختیار گریه شمع

Ба маҳфил аз пари парвонаи барги гули резад

به محفل از پر پروانه برگ گل ریزد

зи шохи шуъла , насими баҳори гиряи шамъ

ز شاخ شعله، نسیم بهار گریه شمع

Ҳалоки кулбаи хешам ки мекашад доим

هلاک کلبه خویشم که می‌کشد دایم

Фироқи хандаи субҳу хумори гиряи шамъ

فراق خنده صبح و خمار گریه شمع

зи хоки Машҳади парвонаи гули шкФт ва ҳануз

ز خاک مشهد پروانه گل شکفت و هنوز

намеравад зи дилаши хори хори гиряи шамъ

نمی‌رود ز دلش خار خار گریه شمع

Чаро шукуфта насузам ки риштаи корам

چرا شکفته نسوزم که رشته کارم

Тамоми сарф гиреҳ шуд чу тори гиряи шамъ

تمام صرف گره شد چو تار گریه شمع

Буд сиришки марои обрӯи зи бахти сиёҳ

بود سرشک مرا آبرو ز بخت سیاه

Фазояд аз дили шаб , эътибори гиряи шамъ

فزاید از دل شب، اعتبار گریه شمع

Шаҳиди хислат парвонаам ки бар дил ӯ

شهید خصلت پروانه‌ام که بر دل او

Накард хандаи шамшер , кори гиряи шамъ

نکرد خنده شمشیر، کار گریه شمع

Набарди пеши ту , чандон ки сӯхтами қудсӣ

نبرد پیش تو، چندان که سوختم قدسی

Сиришки гарми марои эътибори гиряи шамъ

سرشک گرم مرا اعتبار گریه شمع