Ба паёмӣ ки кунад боди сабои ёди маро

به پیامی که کند باد صبا یاد مرا

Рӯм аз даст надонам ки чаҳ афтод маро

روم از دست ندانم که چه افتاد مرا

Ба каманди сари зулфи ту гирифтор мабод

به کمند سر زلف تو گرفتار مباد

Онкӣ хоҳад кунад аз қайди ту озоди маро

آنکه خواهد کند از قید تو آزاد مرا

Душмании кари паии бедоди маро ёд кунад

دشمنی کر پی بیداد مرا یاد کند

Ба аз он дӯст ки ҳаргиз накунад ёди маро

به از آن دوست که هرگز نکند یاد مرا

Дӯши вақти саҳар аз ҳасрати гули мурғи чаман

دوش وقت سحر از حسرت گل مرغ چمن

Нола Эй кард ки оварад ба фарёди маро

ناله‌ای کرد که آورد به فریاد مرا

Он ситам кард шаби ҳиҷр ки дар рӯзи висол

آن ستم کرد شب هجر که در روز وصال

Натавон кард ба сад узри ситами шоди маро

نتوان کرد به صد عذر ستم شاد مرا

Шод аз онам ба харобӣ ки чу вайрон гардад

شاد از آنم به خرابی که چو ویران گردد

Хона чун гул натавон сохтани ободи маро

خانه چون گل نتوان ساختن آباد مرا

Ончунон давр фитодам зи харобот ки дӯш

آنچنان دور فتادم ز خرابات که دوش

Сбҳаҳ чун обила аз даст науфтод маро

سبحه چون آبله از دست نیفتاد مرا

Накунам тарки назарбозии хубони қудсӣ

نکنم ترک نظربازی خوبان قدسی

Ба ҷузи ин шева наёмухта устоди маро

به جز این شیوه نیاموخته استاد مرا