Аз раҳ ба хоҳиши дили шайдо чаҳ май рӯй
از ره به خواهش دل شیدا چه میروی
Гар ошиқӣ , ба кӯии таманно чаҳ май рӯй
گر عاشقی، به کوی تمنا چه میروی
Дар гул гирифтаам дару боми турои зи ашк
در گل گرفتهام در و بام ترا ز اشک
Дигар ба боғ , баҳри тамошо чаҳ май рӯй
دیگر به باغ، بهر تماشا چه میروی
Бебуи перҳан мабар аз гиряи нури чашм
بی بوی پیرهن مبر از گریه نور چشم
Чун бод шӯрта нест , ба дарё чаҳ май рӯй
چون باد شرطه نیست، به دریا چه میروی
Хоҳад кашид пардаи зи рух , гул ба вақти хеш
خواهد کشید پرده ز رخ، گل به وقت خویش
эй боди субҳдам , ба тақозо чаҳ май рӯй
ای باد صبحدم، به تقاضا چه میروی
Юсуф нае ту , тоқати зиндонат аз куҷост
یوسف نهای تو، طاقت زندانت از کجاست
Бе пардаи пеши чашми Зулайхо чаҳ май рӯй
بی پرده پیش چشم زلیخا چه میروی
Доман гирифтан ту чунон оядам , ки кас
دامن گرفتن تو چنان آیدم، که کس
Пурсади зи офтоб ки танҳо чаҳ май рӯй
پرسد ز آفتاب که تنها چه میروی
Камтари зи лола Эй натавон буд дар ҷаҳон
کمتر ز لالهای نتوان بود در جهان
Бе доғи дил , ба домани саҳро чаҳ май рӯй
بی داغ دل، به دامن صحرا چه میروی
Олами зи ту хароб шуд эй ашки парда дар
عالم ز تو خراب شد ای اشک پردهدر
Бас кун , паии бараҳна ба яғмо чаҳ май рӯй
بس کن، پی برهنه به یغما چه میروی