Илоҳии булбули ин бӯстонам

الهی بلبل این بوستانم

Макун оҷизи зи васфи гули забонам

مکن عاجز ز وصف گل زبانم

Дарин гулшан ки ҳам гул ҳаст ва ҳам хор

درین گلشن که هم گل هست و هم خار

Марои ҳам ҷои даҳ , як ошёни вор

مرا هم جای ده، یک آشیان وار

Саноӣ гул наёядгар зи дастам

ثنای گل نیاید گر ز دستم

Сазовори дуоӣ хор ҳастам

سزاوار دعای خار هستم

Шукуфтангар нёмўзди зи ман гул

شکفتن گر نیاموزد ز من گل

Парешонеи даҳуми таълими сунбул

پریشانی دهم تعلیم سنبل

Гарон ояд ба гӯши гул ,гар овоз

گران آید به گوش گل، گر آواز

Ба хомӯшӣ шавам бо ғунчаи дмсоз

به خاموشی شوم با غنچه دمساز

Параст аз нолаи мағзи устихонам

پرست از ناله مغز استخوانم

Макун хомӯш чун сӯсан , забонам

مکن خاموش چون سوسن، زبانم

зи васф гул магардон бе насибам

ز وصف گل مگردان بی‌نصیبم

Баланд овоза кун чун андалебам

بلند آوازه کن چون عندلیبم

Чароғи лола дар боғам барафрӯз

چراغ لاله در باغم برافروز

Саводи хати райҳонами дромўз

سواد خط ریحانم درآموز

Дилам аз ҷилваи он сарв кун шод

دلم از جلوه آن سرو کن شاد

Ки аз қайди таъаллуқи гирдами озод

که از قید تعلق گردم آزاد

Насими сунбулии зан бар машомам

نسیم سنبلی زن بر مشامم

Ки ҷуз ошуфтагӣ бошад ҳаромам

که جز آشفتگی باشد حرامم

Ба рӯй сабзаи чашмами сози равшан

به روی سبزه چشمم ساز روشن

Сиришкамро зумуррад кун ба доман

سرشکم را زمرد کن به دامن

Чироғон кун з рӯй ғунчаи боғам

چراغان کن ز روی غنچه باغم

Ба як фонӯс , бар кун сад чароғам

به یک فانوس، بر کن صد چراغم

Зулоли абри файзӣ бар гулами рез

زلال ابر فیضی بر گلم ریز

Сухан чун сабза аз хоками барангез

سخن چون سبزه از خاکم برانگیز

Ба гӯши гули расони гуфтори нағзам

به گوش گل رسان گفتار نغزم

зи гул маъмур кун , чун ғунча , мағзам

ز گل معمور کن، چون غنچه، مغزم

Баҳории сарви калакамро ато кун

بهاری سرو کلکم را عطا کن

Баландиро ба фикрам ошно кун

بلندی را به فکرم آشنا کن

Хазонро даври дор аз лолаи зорам

خزان را دور دار از لاله‌زارم

Тавонгар кун зи сомони баҳорам

توانگر کن ز سامان بهارم

Азон шохи гулам гулшан кун оғӯш

ازان شاخ گلم گلشن کن آغوش

Ки гули чинам чу гулбун аз бару дӯш

که گل چینم چو گلبن از بر و دوش

Чу гулбарг аз сабои болу пурми даҳ

چو گلبرگ از صبا بال و پرم ده

зи барги гул чу шабнами бистарами даҳ

ز برگ گل چو شبنم بسترم ده

зи васфи гули чунон тар кун забонам

ز وصف گل چنان تر کن زبانم

Ки булбул ояду бӯсади даҳонам

که بلبل آید و بوسد دهانم

Чу кардӣ дар азали гулшани пурситам

چو کردی در ازل گلشن‌پرستم

Гули гулшани стоиии даҳ ба дастам

گل گلشن‌ستایی ده به دستم

Бар рӯеи зи гулбаргам ба ёди ор

بر رویی ز گلبرگم به یاد آر

Ки бар ёдаши дамад аз синаи гулзор

که بر یادش دمد از سینه گلزار

зи сунбули даҳ ба гесуеи суроғам

ز سنبل ده به گیسویی سراغم

Вази он гесу , муаттар кун димоғам

وز آن گیسو، معطر کن دماغم

Дар васф чаман бигушо ба рӯем

درِ وصف چمن بگشا به رویم

Ки ҷузи ҳарфи гул ва сунбул нагӯям

که جز حرف گل و سنبل نگویم

Асар дар гӯши гули даҳ ё рабам ро

اثر در گوش گل ده یا ربم را

Ҳазорӣ кун чу булбул , мансабам ро

هزاری کن چو بلبل، منصبم را

Кунад чун ишваи наргиси ҳалокам

کند چون عشوه نرگس هلاکم

Насозӣ ғайри наргиси дони зи хокам

نسازی غیر نرگس‌دان ز خاکم

Макун озодам аз қайду миндоз

مکن آزادم از قید و مینداز

Ки чун қамарӣ кунам бо тавқи парвоз

که چون قمری کنم با طوق پرواز

Маро чун беди маҷнӯни сози шайдо

مرا چون بید مجنون ساز شیدا

Ба гулшани дил тасаллӣ кун зи саҳро

به گلشن دل تسلی کن ز صحرا

зи чоки синаи ман бахяи бугсал

ز چاک سینه من بخیه بگسل

Баровари ғунчаи ворами хирқа аз дил

برآور غنچه‌وارم خرقه از دل

Расонидам ба васфи гул , сухан ро

رسانیدم به وصف گل، سخن را

Ба фарёдами расони мурғи чаман ро

به فریادم رسان مرغ چمن را

Туҳидаст аз дар маънии мадорам

تهیدست از در معنی مدارم

Макун ҳам байъати дасти чанорам

مکن هم‌بیعت دست چنارم

Макун мағрури озодӣ чу сарвам

مکن مغرور آزادی چو سروم

Ба сарвии бандаи гардон чун тзрўм

به سروی بنده گردان چون تذروم

Ба ҷӯшовар баҳорӣ аз замирам

به جوش آور بهاری از ضمیرم

Ки аршу фаршро дар лолаи гирам

که عرش و فرش را در لاله گیرم

Ба тарзи ҳамди хешам ошно кун

به طرز حمد خویشم آشنا کن

Забонамро сногўӣ сано кун

زبانم را ثناگوی ثنا کن

Намак дорад таманно , ҳасани доғам

نمک دارد تمنا، حسن داغم

Ба Кашмӣри малоҳати даҳ суроғам

به کشمیر ملاحت ده سراغم

Дарин бустони сарогар бор ёбам

درین بستان‌سرا گر بار یابم

зи санъати раҳ ба санъат кор ёбам

ز صنعت ره به صنعت‌کار یابم

Сифоти боғбонам гар кунад мот

صفات باغبانم گر کند مات

Фиристам бар ҷамоли боғ , салавот

فرستم بر جمال باغ، صلوات

Ба пои гул , чу гул дар хӯн нишинам

به پای گل، چو گل در خون نشینم

Ба чашм аз роҳи мурғони хори чинам

به چشم از راه مرغان خار چینم

Кунам дар бӯстон чун нолаи бунёд

کنم در بوستان چون ناله بنیاد

Дар ояд то лаби ҷадвал ба фарёд

در آید تا لب جدول به فریاد

Раг абраст мағзи устихонам

رگ ابرست مغز استخوانم

Сухан сабз ояд аз дил то забонам

سخن سبز آید از دل تا زبانم

намехоҳам чу барги лолаи хомӣ

نمی‌خواهم چو برگ لاله خامی

Мсўзонм ба доғи нотамомӣ

مسوزانم به داغ ناتمامی

Маро дар сӯхтани дори ончунон хуш

مرا در سوختن دار آنچنان خوش

Ки сӯзам , то тавонад сӯхти оташ

که سوزم، تا تواند سوخت آتش

Хӯрам бар ҳарфи рангин чанд афсӯс ?

خورم بر حرف رنگین چند افسوس؟

Ба зоғи калаки ман даҳ боли товус

به زاغ کلک من ده بال طاووس

зи оби чашмае пар кун сабуем

ز آب چشمه‌ای پر کن سبویم

Ки хзрстон шавад ҳар тор мӯем

که خضرستان شود هر تار مویم

Дарин гулшан чунон кун рўшносм

درین گلشن چنان کن روشناسم

Ки ранг гул кунад булбули қиёсам

که رنگ گل کند بلبل قیاسم

Май ирфони хешам дар гулӯ кун

می عرفان خویشم در گلو کن

з май , бигусастаи рангро руфӯ кун

ز می، بگسسته رنگ را رفو کن

Бидор ойӣна чун тӯтӣ ба рӯем

بدار آیینه چون طوطی به رویم

Ту сар кун ҳарф , то ман ҳам бигӯям

تو سر کن حرف، تا من هم بگویم

Парешон тар кун аз гесуии сарвам

پریشان‌تر کن از گیسوی سروم

Ки созад ошён бар сари тзрўм

که سازد آشیان بر سر تذروم

зи меҳр гавҳарам бигзор дилсард

ز مهر گوهرم بگذار دلسرد

Барор аз шбнмстони садаф , гирд

برآر از شبنمستان صدف، گرد

зи калаками он ҳаловати даҳ рақам ро

ز کلکم آن حلاوت ده رقم را

Ки аз шаҳдаши гулӯи сӯзади қалам ро

که از شهدش گلو سوزد قلم را

зи дили шурии барангез аз хурӯшам

ز دل شوری برانگیز از خروشم

Мёўр бенамак чун май ба ҷӯшам

میاور بی نمک چون می به جوشم

зи мижгони терм дар ҷӯй кун об

ز مژگان ترم در جوی کن آب

Макаш дар дидаи ашкамро чу симоб

مکُش در دیده اشکم را چو سیماب

зи парвоз ҳавас башикан пурм ро

ز پرواز هوس بشکن پرم را

Ҳавохоҳ муҳаббат кун серум ро

هواخواه محبت کن سرم را

Гулии зин бӯстонам кун каромат

گلی زین بوستانم کن کرامت

Ки бошам масти бӯяш то қиёмат

که باشم مست بویش تا قیامت

Димоғамро зи ҷоми файз , тар кун

دماغم را ز جام فیض، تر کن

Пас онгаҳ файзи ҷӯёнро хабар кун

پس آنگه فیض‌جویان را خبر کن

Марои файзи ту дар кораст , дар кор

مرا فیض تو در کارست، در کار

Ту ҳам қуфл аз дар нобаста бурдор

تو هم قفل از در نابسته بردار

Ба зулфи сунбулами буии санои даҳ

به زلف سنبلم بوی ثنا ده

Гуламро ранги наъти Мустафои даҳ

گلم را رنگ نعت مصطفی ده

Далерам кун ба наъти шоҳи лўлок

دلیرم کن به نعت شاه لولاک

Каломамро зи ҳарф ғайр кун пок

کلامم را ز حرف غیر کن پاک

Равон кун обӣ аз наъташ ба ҷӯям

روان کن آبی از نعتش به جویم

Ки даст аз ҳарчӣ ғайр вай башуем

که دست از هرچه غیر وی بشویم

зи гул , рӯй паямбари даҳ ба ёдам

ز گل، روی پیمبر ده به یادم

Ба сунбул зон ду гесуи сози шодам

به سنبل زان دو گیسو ساز شادم

зи меҳраш чун сириштии хоки покам

ز مهرش چون سرشتی خاک پاکم

Ба меҳраш боз бисипорӣ ба хокам

به مهرش باز بسپاری به خاکم

Паии наъти набӣ , каҷ на кулоҳам

پی نعت نبی، کج نه کلاهم

Дар иқлӣм сухан кун подшоҳам

در اقلیم سخن کن پادشاهم

Буд Кашмӣри оғози каломам

بود کشمیر آغاز کلامم

Ки чун кшмирмонди сабз , номам

که چون کشمیرماند سبز، نامم