Дар боғ биҳиштаст ин ки улҳол
در باغ بهشت است این که الحال
Бароварда ба сангаш , пирпнҷол
برآورده به سنگش، پیرپنجال
Чу вақт ояд ки бигушоӣанд ин дар
چو وقت آید که بگشایند این در
Ба Кашмӣр омадан бошад муяссар
به کشمیر آمدن باشد میسر
Дарин манзили дил Кашмӣр нагушӯд
درین منزل دل کشمیر نگشود
Ба панҷоб омадигар роҳ май буд
به پنجاب آمدی گر راه میبود
Нашуд зини рӯстои озоди Кашмӣр
نشد زین روستا آزاد کشمیر
Ҷавонӣ дар миён кӯҳ шуд пер
جوانی در میان کوه شد پیر
Биҳиштии монда дар сангини ҳисорӣ
بهشتی مانده در سنگین حصاری
Гулӣ , аммо ба дасти мушти хорӣ
گلی، اما به دست مشت خاری
Ҳумои маскани дарин кишвар надорад
هما مسکن درین کشور ندارد
Касе фари ғайр нилӯфар надорад
کسی فر غیر نیلوفر ندارد
Агар мебудам ӣнҷо дар ҷавонӣ
اگر میبودم اینجا در جوانی
Дилам медод дод Комронӣ
دلم میداد داد کامرانی
Фалаки рӯзии марои афканди ӣнҷо
فلک روزی مرا افکند اینجا
Ки айнак май нуҳуми баҳри тамошо
که عینک مینهم بحر تماشا
Ба сайри боғ рӯзӣ ёфтам бор
به سیر باغ روزی یافتم بار
Ки хор аз гул надонистам , гул аз хор
که خار از گل ندانستم، گل از خار
Дилиро каз таъаллуқ гашта озод
دلی را کز تعلق گشته آزاد
Чаҳ суд аз ҷилва сарвасту шамшод ?
چه سود از جلوه سروست و شمشاد؟
Лабии кӯи порсоеро сано гуфт
لبی کو پارسایی را ثنا گفت
Лаби ёру лаби ҷомаш дуо гуфт
لب یار و لب جامش دعا گفت
Расадгар файзи Кашмӣрам ба фарёд
رسد گر فیض کشمیرم به فریاد
Равони шайхи сунъонро кунам шод
روان شیخ صنعان را کنم شاد
Магӯ ӣнҷои зи тарсо одамӣ нест
مگو اینجا ز ترسا آدمی نیست
Ки ҳиндӯро ҳам аз тарсо камӣ нест
که هندو را هم از ترسا کمی نیست
Чунон зад порсое дар дилами чанг
چنان زد پارسایی در دلم چنگ
Ки ранг аз мегурезон шуд , май аз ранг
که رنگ از می گریزان شد، می از رنگ