Мусулмонони фиғони зини нотавонӣ
مسلمانان فغان زین ناتوانی
Ки дорад дар гумонами зиндагонӣ
که دارد در گمانم زندگانی
Буд мушкил , стодн бар ман зор
بود مشکل، ستادن بر من زار
Чу барги коҳ бе имдоди девор
چو برگ کاه بی امداد دیوار
Вагар баҳри стодни дасти гирам
وگر بهر ستادن دست گیرم
Чу барг лола гирад по ба қӣрам
چو برگ لاله گیرد پا به قیرم
Серуми чандон Асоро муттако кард
سرم چندان عصا را متّکا کرد
Ки худро ҳамчуи гӯи ҷузв Асо кард
که خود را همچو گو جزو عصا کرد
Азон бо шуълаам чун шамъи ҳамроҳ
ازان با شعلهام چون شمع همراه
Ки натавонам кашӣдан бе мадади оҳ
که نتوانم کشیدن بی مدد آه
Буд дастам ба дасти нотавонӣ
بود دستم به دست ناتوانی
Серумро такя бар дӯши гаронӣ
سرم را تکیه بر دوش گرانی
Чунон аз тарбияти ҷисмам ҷудо монад
چنان از تربیت جسمم جدا ماند
Ки мӯӣу нохун аз нашав ва намо монад
که موی و ناخن از نشو و نما ماند
Чу мижгонро гарон бар дида дидам
چو مژگان را گران بر دیده دیدم
Чу мӯяш аз канори доғи чидам
چو مویش از کنار داغ چیدم
зи бас каз устихон шуд пӯсти маъюс
ز بس کز استخوان شد پوست مایوس
Ҷудо шуд устихон чун шамъи фонӯс
جدا شد استخوان چون شمع فانوس
Расонида ба ҷое заъфи ҳолам
رسانیده به جایی ضعف حالم
Ки гирад пашшае дар зери болам
که گیرد پشّهای در زیر بالم
Назар дар дидаам аз заъф шуд пер
نظر در دیدهام از ضعف شد پیر
Танам аз сояи мижгон ба занҷир
تنم از سایه مژگان به زنجیر
Ҳубоби осои марои пурвой тан нест
حبابآسا مرا پروای تن نیست
Ба ғайр аз як нафас дар перҳан нест
به غیر از یک نفس در پیرهن نیست
Ба чизеи дигарам дил нест хурсанд
به چیزی دیگرم دل نیست خرسند
Ба тори оҳи хешам чун гиреҳ , банд
به تار آه خویشم چون گره، بند
Азон мӯе ки сад раҳ бар шикофӣ
ازان مویی که صد ره بر شکافی
Барои пӯшишами тории сети кофӣ
برای پوششم تاریست کافی
Чу тан рафт аз миён , заъфи тан аз чист
چو تن رفت از میان، ضعف تن از چیست
Ба зоти хеши қоими ҷуз худо кист
به ذات خویش قایم جز خدا کیست
Агар малик сулаймонам диҳад кас
اگر ملک سلیمانم دهد کس
Ба қадари нақши пои мӯр , ҷои бас
به قدر نقش پای مور، جا بس
Дарин заъф аз тавоноӣ чаҳ лофам ?
درین ضعف از توانایی چه لافم؟
Ки бошад арзании сад кӯҳи қофам
که باشد ارزنی صد کوه قافم
Чу завқ рафтан ояд дар замирам
چو ذوق رفتن آید در ضمیرم
зи Тифлони роҳ рафтани ёди гирам
ز طفلان راه رفتن یاد گیرم
Наёрам бе Асои як гом рафтан
نیارم بی عصا یک گام رفتن
Ду гомӣ бо Асо то шом рафтан
دو گامی با عصا تا شام رفتن
зи баси заъфи танами афканда аз кор
ز بس ضعف تنم افکنده از کار
Кунам худро ғалат бо нақши девор
کنم خود را غلط با نقش دیوار
Чу қӯт , бевафое дар ҷаҳон нест
چو قوت، بیوفایی در جهان نیست
Чу сиҳҳат , зудранҷӣ дар миён нест
چو صحّت، زودرنجی در میان نیست
Мноз аз қӯти панҷоҳ сола
مناز از قوت پنجاهساله
Ки як шаби баҳр таб бошад нўолаҳ
که یک شب بهر تب باشد نواله
Набошад раъшаи ман ихтиёрӣ
نباشد رعشه من اختیاری
Чу барги бед аз боди баҳорӣ
چو برگ بید از باد بهاری
Агар бар соя мӯрам фитад роҳ
اگر بر سایه مورم فتد راه
Шавам аз зулмати ҷовиди огоҳ
شوم از ظلمت جاوید آگاه
Чунон кам шуд тавоноӣу тобам
چنان کم شد توانایی و تابم
Ки тӯфонӣ кунад мавҷи саробам
که طوفانی کند موج سرابم
Наме часбади либосам бар тани зор
نمیچسبد لباسم بر تن زار
Магар бар ҷома ам дузанд чун тор
مگر بر جامهام دوزند چون تار
Буд бар ман яке аз заъфи пайкар
بود بر من یکی از ضعف پیکر
Садои пои мӯру шӯри маҳшар
صدای پای مور و شور محشر
Азон дастами зи хотам май гурезад
ازان دستم ز خاتم میگریزد
Ки аз оби нигин тӯфон нахезад
که از آب نگین طوفان نخیزد
Ба арзи мӯ , раҳе гар оядам пеш
به عرض مو، رهی گر آیدم پیش
Мақом аз гом дар роҳам буд беш
مقام از گام در راهم بود بیش
Чу мушти арзани орад бар раҳами бод
چو مشت ارزن آرد بر رهم باد
зи кӯҳистон қофам медиҳад ёд
ز کوهستان قافم میدهد یاد
з заъфам мекунад ҳар дами Асои гум
ز ضعفم میکند هر دم عصا گم
Бачасбам бар Асогар чун ширешам
بچسبم بر عصا گر چون سریشم
Агар мавҷ сароб ояд ба хобам
اگر موج سراب آید به خوابم
Чу тӯфони афканд дар изтиробам
چو طوفان افکند در اضطرابم
Фитад сад солаи роҳамгар ба гардан
فتد صد ساله راهم گر به گردن
зи нақш пой натавонам гузаштан
ز نقش پای نتوانم گذشتن
Гар андозад ҳубобами соя бар сар
گر اندازد حبابم سایه بر سر
Буд зи афтодани гардуни гарон тар
بود ز افتادن گردون گرانتر
Диёр қаҳт шуд гӯйии тани ман
دیار قحط شد گویی تن من
Ки дар ваии гӯшт анқо шуд чу равған
که در وی گوشت عنقا شد چو روغن
Насимӣ аз қазо гар оядам пеш
نسیمی از قضا گر آیدم پیش
Чу гул , аҷзоӣ ман гирад сари хеш
چو گل، اجزای من گیرد سر خویش
Азон мӯем ки бар соид занад тоб
ازان مویم که بر ساعد زند تاب
Фитодаи моҳии дастам ба қуллоб
فتاده ماهی دستم به قلاب
Тани зори маро аз ҳам нишинон
تن زار مرا از همنشینان
Набинад кас ба ҷузи борӣки байнон
نبیند کس به جز باریکبینان
Набинам офат аз кас бе хилофӣ
نبینم آفت از کس بی خلافی
Магари уфтам ба дасти мӯшикофӣ
مگر افتم به دست موشکافی
зи заъфам кӣ мдққро хабар шуд ?
ز ضعفم کی مدقّق را خبر شد؟
Ки боист андакии борӣк тар шуд
که بایست اندکی باریکتر شد
Тавонамгар гузашт аз худ ман зор
توانم گر گذشت از خود من زار
Гузаштан аз сиротам нест душвор
گذشتن از صراطم نیست دشوار
Кашида ончунон заъфам дар оғӯш
کشیده آنچنان ضعفم در آغوش
Ки дастами рости дасти дигарон дӯш
که دستم راست دست دیگران دوش
зи дасти ман чаҳ кор ояд азин беш
ز دست من چه کار آید ازین بیش
Ки оварда сети тоби панҷаи хеш
که آوردهست تاب پنجه خویش
Надорам тоби таъзим аз наҳифӣ
ندارم تاب تعظیم از نحیفی
Ба кибрам муттаҳам дорад заъифӣ
به کبرم متهم دارد ضعیفی
Намонда қӯт рафтани зи хешам
نمانده قوت رفتن ز خویشم
Заъифӣ чанд гом оварда пешам
ضعیفی چند گام آورده پیشم
Наёбам бар тани заъфи он қадри даст
نیابم بر تن ضعف آنقدر دست
Ки байнами соидам дар остин ҳаст
که بینم ساعدم در آستین هست
зи сиқл нохунам шуд панҷаи аФгор
ز ثقل ناخنم شد پنجه افگار
Ситез дигаронам нест дар кор
ستیز دیگرانم نیست در کار
Надорам бар шикасти нафаси худ даст
ندارم بر شکست نفس خود دست
Гирифторам ба дасти нафас , пайваст
گرفتارم به دست نفس، پیوست
Дилам аз заъфи натавонад тапидан
دلم از ضعف نتواند تپیدن
Нафас дорад муъофами дркшидн
نفس دارد معافم درکشیدن
Марои манзил на ғрҷстон на ғӯраст
مرا منزل نه غرجستان نه غورست
Саводи аъзами ман , чашм мӯр аст
سواد اعظم من، چشم مور است
Чу гирад дар зарам аз пой то сар
چو گیرد در زرم از پای تا سر
зи гул нуқсон шавад як хурдаи зар
ز گل نقصان شود یک خرده زر
Чу калакам бар варақ ҳарфӣ нагорд
چو کلکم بر ورق حرفی نگارد
Қалам , мӯии сари хешами шуморад
قلم، موی سر خویشم شمارد
Науфтад то зи ҳам аз раъша дар мушт
نیفتد تا ز هم از رعشه در مشت
Ба банди ҷомаи бандами банди ангушт
به بند جامهبندم بند انگشت
Агар бинад чу хас дар бӯстонам
اگر بیند چو خس در بوستانم
Кашад булбул ба сӯии ошёнам
کشد بلبل به سوی آشیانم
Накарда ҳеҷ беруни заъфам аз мушт
نکرده هیچ بیرون ضعفم از مشت
Ба бозуи рафтаи ангуштари зи ангушт
به بازو رفته انگشتر ز انگشت
Дарин бустони саро ё раб куҷо монад
درین بستانسرا یا رب کجا ماند
Ки бо хешами сабо ҳамраҳ нигараданд
که با خویشم صبا همره نگرداند
Аҷаб набӯд гарми пинҳон буд роз
عجب نبود گرم پنهان بود راز
Ки натавонам зи дили ҳарфии кашами боз
که نتوانم ز دل حرفی کشم باز
Нишастам он қадр аз заъфи хомӯш
نشستم آنقدر از ضعف خاموش
Ки шуд чун ғунчаи гуфторами фаромӯш
که شد چون غنچه گفتارم فراموش
зи баси заъфи нафас дар синаи байнам
ز بس ضعف نفس در سینه بینم
Нафас чун субҳ дар ойӣнаи байнам
نفس چون صبح در آیینه بینم
Ба фарз ар пашшае бар ман нишинад
به فرض ار پشّهای بر من نشیند
Танамро нақши пой хеш бинад
تنم را نقش پای خویش بیند
зи баси заъфи бадан мӯрӣ тавонад
ز بس ضعف بدن موری تواند
Ки сӯии хирман моҳам кашонад
که سوی خرمن ماهم کشاند
намедонам ки заъф аз ман чаҳ кам кард
نمیدانم که ضعف از من چه کم کرد
Тавонад мӯиро теғам қалам кард
تواند موی را تیغم قلم کرد
Фитод аз заъфи ин нангам ба гардан
فتاد از ضعف این ننگم به گردن
Ки натавонам дили худро шикастан
که نتوانم دل خود را شکستن
Бидиҳ инсоф , бо ин заъфу сустӣ
بده انصاف، با این ضعف و سستی
Кашам то кӣ хумори тандурустӣ ?
کشم تا کی خمار تندرستی؟
Биҳамдиллоҳ ки шуд аъзои ман суст
بحمدالله که شد اعضای من سست
Ки даст аз заъф натавонам зи ҷони шаст
که دست از ضعف نتوانم ز جان شست
Чунон аз нотавонӣ рафт ҳушам
چنان از ناتوانی رفت هوشم
Ки то имрӯз , дай дорад ба дӯшам
که تا امروز، دی دارد به دوشم
Бад-ӣни сӯрат ки бинии нотавонам
بدین صورت که بینی ناتوانم
Ба навъе ноумед аз дӯстонам
به نوعی ناامید از دوستانم
Ки бо ин заъф агар кӯҳ оядам пеш
که با این ضعف اگر کوه آیدم پیش
Надорам такяи ало бар дили хеш
ندارم تکیه الّا بر دل خویش
Маро бар рафтани гомӣ дареғ аст
مرا بر رفتن گامی دریغ است
Магар бар зонуем ойӣна теғаст ?
مگر بر زانویم آیینه تیغ است؟
Буд сатҳи нигинамгар гузаргоҳ
بود سطح نگینم گر گذرگاه
Ба ҷон оем зи ноҳамвории роҳ
به جان آیم ز ناهمواری راه
Чу натавонам задан бо ҳамРаҳон бол
چو نتوانم زدن با همرهان بال
Чу Тифлон пой барчинам зи дунбол
چو طفلان پای برچینم ز دنبال
Надорам зӯри пой аз пай кашӣдан
ندارم زور پای از پی کشیدن
Ба ҳамроҳон буд мушкил расӣдан
به همراهان بود مشکل رسیدن
Кунам доими ҳадиси заъфи изҳор
کنم دایم حدیث ضعف اظهار
Надорам дасти пайчии ҷузи тани зор
ندارم دستپیچی جز تن زار
Наёбад аз Асои дастами харошӣ
نیابد از عصا دستم خراشی
Агар мӯро тавон додани тарошӣ
اگر مو را توان دادن تراشی
Надорам бар шикасти остини даст
ندارم بر شکست آستین دست
Ки байни соидам дар остин ҳаст
که بین ساعدم در آستین هست
Дарин заъфам агар сӯзанд , шояд
درین ضعفم اگر سوزند، شاید
Ки дӯд аз оташи ман брнёид
که دود از آتش من برنیاید
Марогар соя мӯрӣ кунад зер
مرا گر سایه موری کند زیر
Кунад ъоҷзтрм аз нохуни шер
کند عاجزترم از ناخن شیر
Ба ғайр аз нисбат ӣнҷо нест манзур
به غیر از نسبت اینجا نیست منظور
Гирифт аз боли симурғами пари мӯр
گرفت از بال سیمرغم پر مور
зи перии шокирами чандон ки гӯйӣ
ز پیری شاکرم چندان که گویی
Ки зӯрам шуд ду чандон аз ду мӯе
که زورم شد دو چندان از دو مویی
Буд рашки маи нави ҷисми зорам
بود رشک مه نو جسم زارم
Каз осеби ишорат дар ҳисорам
کز آسیب اشارت در حصارم
Наме ҷнбонмш чун бод , густох
نمیجنبانمش چون باد، گستاخ
Асои осӯда дар дастам ба аз шох
عصا آسوده در دستم به از شاخ
Агар ранги ҳинои дастами ниФшрд
اگر رنگ حنا دستم نیفشرد
Чу марҷони хӯн чаро дар панҷаам мард ?
چو مرجان خون چرا در پنجهام مرد؟
зи заъфами сар ба савдо ошно нест
ز ضعفم سر به سودا آشنا نیست
Ба сари доғам кам аз санг Асия нест
به سر داغم کم از سنگ آسیا نیست
Фалаки як ҷӯ ба ҳол ман напардохт
فلک یک جو به حال من نپرداخت
зи заъфам дар шикофи гандуми андохт
ز ضعفم در شکاف گندم انداخت
Рагам каз заъф оромиш пазираст
رگم کز ضعف آرامشپذیرست
Ба рӯй пӯст , мавҷӣ бар ҳарир аст
به روی پوست، موجی بر حریر است
Мадаи гӯ , заҳмати пероҳанами кас
مده گو، زحمت پیراهنم کس
Ҳарири пӯст , пероҳани марои бас
حریر پوست، پیراهن مرا بس
Чунон зад нотавонӣ дар танами чанг
چنان زد ناتوانی در تنم چنگ
Ки шуд зарди устихонамро чу бирнг
که شد زرد استخوانم را چو بیرنگ
Чу дидам нотавонӣ карда сустам
چو دیدم ناتوانی کرده سستم
зи лутфи шоҳ , истимдоди ҷустам
ز لطف شاه، استمداد جستم
Ба як дами лутфи шоҳам қӯтӣ дод
به یک دم لطف شاهم قوتی داد
Ки қӯтҳои пешам рафт аз ёд
که قوتهای پیشم رفت از یاد
Масеҳоеи маро бар сар фиристод
مسیحایی مرا بر سر فرستاد
Ки Ямани мақдамаши ҷон навам дод
که یمن مقدمش جان نوم داد
Шаҳаншоҳӣ ки аз таърихи олам
شهنشاهی که از تاریخ عالم
Расонади подшоҳӣ то ба одам
رساند پادشاهی تا به آدم
Зарӣ дар кӣсаи кун ва макон нест
زری در کیسه کون و مکان نیست
Ки бар сиккаи шоҳ ҷаҳон нест
که بر سکه شاه جهان نیست
Забон хомаам чун гавҳар ифшоанд
زبان خامهام چون گوهر افشاند
Шаҳоби аддӣни Муҳамад бар забон ронад
شهابالدین محمد بر زبان راند
Фалак дар ҷанби қадар ӯ хаёлӣ
فلک در جنب قدر او خیالی
зи малик ӯ замини ҳинд , холӣ
ز ملک او زمین هند، خالی
Ҷаҳон гар доштӣ вусъати азин беш
جهان گر داشتی وسعت ازین بیش
Наҳодӣ ҳимматаши гомӣ дигар пеш
نهادی همتش گامی دگر پیش
Фалаки қдро ! сулаймони боргоҳо !
فلک قدرا! سلیمان بارگاها!
Млоики сирто ! анҷуми споҳо !
ملایک سیرتا! انجم سپاها!
Магӯ , зӯр табиат шуд зи дастам
مگو، زور طبیعت شد ز دستم
зи захм сайд пресс аҳволи шастам
ز زخم صید پرس احوال شستم
Марои зӯри табиат барқарор аст
مرا زور طبیعت برقرار است
Дарин дарёи гуҳар беш аз шумораст
درین دریا گهر بیش از شمارست
Ба мадҳати гавҳари орми он қадри пеш
به مدحت گوهر آرم آنقدر پیش
Ки нишморӣ ҷаҳонро як садаф беш
که نشماری جهان را یک صدف بیش
Маро саргарм кун дар мадҳи хуоне
مرا سرگرم کن در مدحخوانی
Надонад шамъи перӣ аз ҷавонӣ
نداند شمع پیری از جوانی
Нашуд коми хазони ҳосили зи боғам
نشد کام خزان حاصل ز باغم
Диҳад гул то дами охири чароғам
دهد گل تا دم آخر چراغم
Чу бардорад зи хокам лутфан шоҳӣ
چو بردارد ز خاکم لطفا شاهی
Чу доғ аз ахтарам уфтад сиёҳӣ
چو داغ از اخترم افتد سیاهی
* * *
***
Хуросон нест он кишвар ки осон
خراسان نیست آن کشور که آسان
Тавон бардоштан дил аз хуросон
توان برداشتن دل از خراسان
Ба фирдавсам мабар гӯи қисмат аз Тӯс
به فردوسم مبر گو قسمت از طوس
Ману ҳурмони Тӯс , афсӯси афсӯс
من و حرمان طوس، افسوس افسوس
намегӯям хуросони ин ва он аст
نمیگویم خراسان این و آن است
Агар некаст агар бад ошён аст
اگر نیک است اگر بد آشیان است
Ҷавониро дар Эрон сарф кардам
جوانی را در ایران صرف کردم
Ба перӣ ҳинд гардид обхўрдм
به پیری هند گردید آبخوردم
Худо донад ки аз ҳар ҷустуҷӯе
خدا داند که از هر جستجویی
Ба ҷуз Машҳад надорам орзӯе
به جز مشهد ندارم آرزویی
Надорам бар эй ҷинати афсӯс
ندارم بر همای جنت افسوس
Хушам чун ҷғд бо вайронаи Тӯс
خوشم چون جغد با ویرانه طوس