эй ботини ту чу зоҳири оинаи соф
ای باطن تو چو ظاهر آینه صاف
Аз қофи гирифтаи нури меҳрат то қоф
از قاف گرفته نور مهرت تا قاف
Шуд субҳи ҷаҳонгири магари шамшераш
شد صبح جهانگیر مگر شمشیرش
Бо теғи дуои ту баромади зи ғилоф
با تیغ دعای تو برآمد ز غلاف
эй ботини ту чу зоҳири оинаи соф
ای باطن تو چو ظاهر آینه صاف
Аз қофи гирифтаи нури меҳрат то қоф
از قاف گرفته نور مهرت تا قاف
Шуд субҳи ҷаҳонгири магари шамшераш
شد صبح جهانگیر مگر شمشیرش
Бо теғи дуои ту баромади зи ғилоф
با تیغ دعای تو برآمد ز غلاف