Чу ҳиммати з ҳар қайд озода бош
چو همت ز هر قید آزاده باش
Башу дафтари хоҳиш ва сода бош
بشو دفتر خواهش و ساده باش
Чаҳ беҳтари зи умри тамаъи кӯтаҳӣ
چه بهتر ز عمر طمع کوتهی
Чароғи амл ба зи равғани тиҳӣ
چراغ امل به ز روغن تهی
Нхўдўор дар деги ҳаркаси мҷўш
نخودوار در دیگ هرکس مجوش
Кафани пӯшу ташриф мардум мапуаш
کفن پوش و تشریف مردم مپوش
Ба як хирқаи умрӣ чу гул бигузарон
به یک خرقه عمری چو گل بگذران
Мадаи тан ба дебои ин сарварон
مده تن به دیبای این سروران
Талабкори атлас чу пӯшади пилос
طلبکار اطلس چو پوشد پلاس
з ҳақ мекунад шиквае дар либос
ز حق میکند شکوهای در لباس
Ғанӣ дар ду олам ҳамонасту бас
غنی در دو عالم همان است و بس
Ки ғайр аз худо нест муҳтоҷи кас
که غیر از خدا نیست محتاج کس
Ба хӯн ҷигар бугзарад то маош
به خون جگر بگذرد تا معاش
Макун бар сар хон мардуми талош
مکن بر سر خوان مردم تلاش
Чу киштии пазируфти шабнами зи абр
چو کشتی پذیرفت شبنم ز ابر
Нишоед гузашт аз канораш ба баҳр
نشاید گذشت از کنارش به بحر
Чунин додаанд аҳли ҳиммати қарор
چنین دادهاند اهل همت قرار
Ки ошиқ нагирад сари зулфи ёр
که عاشق نگیرد سر زلف یار
Дарахтӣ ки аз бор нагирифт бар
درختی که از بار نگرفت بر
Наёяд зи бедод , сангаш ба сар
نیاید ز بیداد، سنگش به سر
Гулӣ каз баҳораст миннат пазир
گلی کز بهارست منتپذیر
Мубин ва мучину мбўӣу мгир
مبین و مچین و مبوی و مگیر
зи хоҳиш чунон гаштаам бе ниёз
ز خواهش چنان گشتهام بینیاز
Ки шарм оядам аз дуо дар намоз
که شرم آیدم از دعا در نماز
Чунон бо тиҳӣ чашмӣам зуди хашм
چنان با تهی چشمیام زود خشم
Ки наргиси зи хоками дамади сайри чашм
که نرگس ز خاکم دمد سیر چشم
Дилам аз қаноати хуш осӯда аст
دلم از قناعت خوش آسوده است
Нигоҳам ба ҳасрат нёлўдаҳ аст
نگاهم به حسرت نیالوده است
Ба ҳарфи талаб , ошно нестам
به حرف طلب، آشنا نیستم
Шаҳи малики фақрам , гадо нестам
شه ملک فقرم، گدا نیستم
Ба дасти қаноати фишурдами гулӯ
به دست قناعت فشردم گلو
Ба дарди шиками гӯи бимири орзӯ
به درد شکم گو بمیر آرزو
Чароғ таҷарруд барафрӯхтам
چراغ تجرد برافروختم
Бисӯз эй таъаллуқ ки вои сӯхтам
بسوز ای تعلق که وا سوختم
Наме гирдам аз халқи миннат пазир
نمیگردم از خلق منتپذیر
Забонаш бигирад ки гуяд бигир !
زبانش بگیرد که گوید بگیر!
Ҳадиси карямон раҳо кун , раҳо
حدیث کریمان رها کن، رها
Ки гуяд зи ҳотам ба ғайр аз гадо ?
که گوید ز حاتم به غیر از گدا؟
* * *
***
Як мумсикиро ба бахшиш ситуд
یک ممسکی را به بخشش ستود
Ки эй бартар аз мъну ҳотам ба ҷӯад
که ای برتر از معن و حاتم به جود
Нишонданд гул гарчи эшон ба боғ
نشاندند گل گرچه ایشان به باغ
зи базли ту чун лола доғанду доғ
ز بذل تو چون لاله داغند و داغ
Ба яктоеи ?ут дар карам нест кас
به یکتاییات در کرم نیست کس
Саховати ҳамин бар ту хатмасту бас
سخاوت همین بر تو ختم است و بس
Намонад ба дасти ту абри мтир
نماند به دست تو ابر مطیر
Ки дар бе назирии надории назир
که در بینظیری نداری نظیر
Ба ҷое ки базл ту бикшод даст
به جایی که بذل تو بگشاد دست
Ба ғайр аз гадо ҳарчӣ хоҳанд , ҳаст
به غیر از گدا هرچه خواهند، هست
Яке гуфташ эй соҳири нуктаи санҷ
یکی گفتش ای ساحر نکتهسنج
Ки дар зери калаки ту хуфтаи сети ганҷ
که در زیر کلک تو خفتهست گنج
Лӣимӣ ки дар равзанаш нест дӯд
لئیمی که در روزنش نیست دود
Ба худ бад буд аз шабоҳат ба ҷӯад
به خود بد بود از شباهت به جود
Агар бошадаш мадҳи густари сурӯш
اگر باشدش مدحگستر سروش
Ба аз мем мадҳаст мехаш ба гӯш
به از میم مدح است میخش به گوش
Чунин густарии мадҳи ин бдсршт
چنین گستری مدح این بدسرشت
Санои карямон чаҳ хоҳӣ навишт ?
ثنای کریمان چه خواهی نوشت؟
Сногўӣ гуфташ Карими он кас аст
ثناگوی گفتش کریم آن کس است
Ки ногуфтани мадҳ , мадҳаш бас аст
که ناگفتن مدح، مدحش بس است
* * *
***
Маро пора наалӣ ки бахшад шарор
مرا پارهنعلی که بخشد شرار
зи ойӣнае ба ки гирад ғубор
ز آیینهای به که گیرد غبار
Таъаллуқи ҳавои дону баргаши ҳавас
تعلق هوا دان و برگش هوس
Буд тарки ин ҳар ду , таҷреду бас
بود ترک این هر دو، تجرید و بس
зи нанги карямони ин куҳнаи даҳ
ز ننگ کریمان این کهنهده
Шикан чун фалохани пар аз санг , ба
شکن چون فلاخن پر از سنگ، به
з ҳар қайди ворастааи шӯ зинҳор
ز هر قید وارسته شو زینهار
Ба ворастагии ҳам таъаллуқи мадор
به وارستگی هم تعلق مدار
Қаноат кунад иззататро зиёд
قناعت کند عزتت را زیاد
Таваққуъ диҳад обрӯят ба бод
توقع دهد آبرویت به باد
зи нахл тамаъ барнахурад онкии кишт
ز نخل طمع برنخورد آنکه کشت
Тамаъи пухтау хом зиштаст , зишт
طمع پخته و خام زشت است، زشت
зи боғи таваккули гулӣ чида ам
ز باغ توکل گلی چیدهام
Ки чун ғунча бар хеш болида ам
که چون غنچه بر خویش بالیدهام
Занад тоби хуршеди фақрами сало
زند تاب خورشید فقرم صلا
Ним мояи пурвирди боли ҳумо
نیَم مایهپرورد بال هما
НиФкндаҳам аз тамаъи сар ба пеш
نیفکندهام از طمع سر به پیش
Занам аз ки лоф ар нлоФми зи хеш ?
زنم از که لاف ار نلافم ز خویش؟
Гирифтани тамоми офати ҷон буд
گرفتن تمام آفت جان بود
Азон дузд нагирифта султон буд
ازان دزد نگرفته سلطان بود
Бас аз ногирифтан ҳамин ҳосилам
بس از ناگرفتن همین حاصلم
Ки бо сад ҷаҳони ғам , нагирад дилам
که با صد جهان غم، نگیرد دلم
Азон нокаси ин хокдони боди пок
ازان ناکس این خاکدان باد پاک
Ки гирад пас аз марг , домони хок
که گیرد پس از مرگ، دامان خاک
Чу бдмстии оз бо ҳаркас аст
چو بدمستی آز با هرکس است
Марои нашъа ногирифтан бас аст
مرا نشئه ناگرفتن بس است
Ҳилол аз таваккул наад каҷи кулоҳ
هلال از توکل نهد کج کلاه
Шавад рӯй бадар аз гирифтани сиёҳ
شود روی بدر از گرفتن سیاه
Ним бо гирифтан чунон кӣнаи кеш
نیَم با گرفتن چنان کینه کیش
Ки гирам дар афтодагии дасти хеш
که گیرم در افتادگی دست خویش
Макун таҳтаи бандаш чу дастати шикаст
مکن تختهبندش چو دستت شکست
Мадаи фурсат ногирифтани зи даст
مده فرصت ناگرفتن ز دست
зи ойӣнаи хотирами шармсор
ز آیینه خاطرم شرمسار
Ки ҳаргиз намегирад аз каси ғубор
که هرگز نمیگیرد از کس غبار
Надорам азон шӯрбахтии ҳавас
ندارم ازان شوربختی هوس
Ки гирад намаки чашм бисёр кас
که گیرد نمک چشم بسیار کس
Касеро кунад пайравии офтоб
کسی را کند پیروی آفتاب
Ки чун субҳ , мӯяш нагирад хизоб
که چون صبح، مویش نگیرد خضاب
Масеҳо сипорад ба мангар нафас
مسیحا سپارد به من گر نفس
Нагирам паии имтиҳон , набзи кас
نگیرم پی امتحان، نبض کس
Чу гул , мардро бар тан аз пӯсти далқ
چو گل، مرد را بر تن از پوست دلق
Буд ба зи дебои ташрифи халқ
بود به ز دیبای تشریف خلق
зи мурдани ҳамин бозӣ ам карда мот
ز مردن همین بازیام کرده مات
Ки дар ҳашар бояд гирифтани ҳаёт
که در حشر باید گرفتن حیات
Чанор аз ҳар андеша фориғ нишаст
چنار از هر اندیشه فارغ نشست
Ки дасташи з гироӣ ифшоанд даст
که دستش ز گیرایی افشاند دست
Мгир аз касе ,гар яке вар садаст
مگیر از کسی، گر یکی ور صدست
Гирифтан агар беш агар кам , бад аст
گرفتن اگر بیش اگر کم، بد است
Буд бо касе ошнои ҳаром
بود با کسی آشنایی حرام
Ки аҳли карамро шиносад ба ном
که اهل کرم را شناسد به نام
Ба хӯн хира шуд ашки гулгуни ман
به خون خیره شد اشک گلگون من
Ки донад намегирадаш хӯни ман
که داند نمیگیردش خون من
Ба чашмам наад миннати тўтё
به چشمم نهد منّت توتیا
Ғуборӣ ки нагирифта бошад ҳаво
غباری که نگرفته باشد هوا
Буд то ба хизмати марои дастрас
بود تا به خدمت مرا دسترس
Нагирам ба ҷузи пои хам , пои кас
نگیرم به جز پای خُم، پای کس
Расад дасти гӣранда аз зар ба доғ
رسد دست گیرنده از زر به داغ
Насузад , агар дрнгирди чароғ
نسوزد، اگر درنگیرد چراغ
Чугирӣ , бигӯ беш ё андакии сет
چو گیری، بگو بیش یا اندکیست
Кам ва беш дар ногирифтан яке сет
کم و بیش در ناگرفتن یکیست
Чу моҳи нав аз ногирифтани бибол
چو ماه نو از ناگرفتن ببال
Ки фориғ буд аз гирифтани ҳилол
که فارغ بود از گرفتن هلال
Марезод дастӣ ки пеши амир
مریزاد دستی که پیش امیر
Ба вақт гирифтан буд шонаи гир
به وقت گرفتن بود شانهگیر
Чунон карда нагирифтанам ҳӯшёр
چنان کرده نگرفتنم هوشیار
Ки соғар нагирам зи кас дар хумор
که ساغر نگیرم ز کس در خمار
Гирифтани саропои маломат буд
گرفتن سراپا ملامت بود
Сар ногирифтани саломат буд !
سر ناگرفتن سلامت بود!
Ду олам гирифтан наярзад ба ҳеҷ
دو عالم گرفتن نیرزد به هیچ
Сар аз ногирифтан чу мардон мапӣч
سر از ناگرفتن چو مردان مپیچ
Фурӯғӣ надорад чароғи талаб
فروغی ندارد چراغ طلب
Мсўзи орзӯи гӯи димоғи талаб
مسوز آرزو گو دماغ طلب
Марои ҳарф сулҳаст азон дилпазир
مرا حرف صلح است ازان دلپذیر
Ки дар ҷанг бошад бгиробгир
که در جنگ باشد بگیرابگیر
Ба фатвои ҳиммати зи бурноу пер
به فتوای همت ز برنا و پیر
Буд нуктаи дони беҳтар аз нуктаи гир
بود نکتهدان بهتر از نکتهگیر
зи хоҳиш буд мардро костан
ز خواهش بود مرد را کاستن
Ки бе костан кам буд хостан
که بی کاستن کم بود خواستن
Ҷавонии мадаи гӯ ба ман чарх , боз
جوانی مده گو به من چرخ، باز
Ки шодам ба перӣу аҷзу ниёз
که شادم به پیری و عجز و نیاز
Агар устихонам шавад тўтё
اگر استخوانم شود توتیا
з сарсар нагирад ғуборами ҳаво
ز صرصر نگیرد غبارم هوا
з мағзӣ набошад тиҳии ҳеҷ пӯст
ز مغزی نباشد تهی هیچ پوست
Ману меҳри душман ки нагирифта дӯст
من و مهر دشمن که نگرفته دوست
Надорам ҷузи ин тирагӣ бо сипеҳр
ندارم جز این تیرگی با سپهر
Ки моҳаш чаро нур гирад зи меҳр
که ماهش چرا نور گیرد ز مهر
Дирам , хор азон шуд ба чашми карам
درم، خوار ازان شد به چشم کرم
Ки аз сикка гирад равоеи дирам
که از سکه گیرد روایی درم
Чаҳ хуш гуфтааст он хирадманди пер
چه خوش گفته است آن خردمند پیر
Ки маҷнӯни шӯ аммо сари худ мгир
که مجنون شو اما سر خود مگیر
Шуд аз бар гирифтани нигуни шохсор
شد از بر گرفتن نگون شاخسار
Нёсуд нахлӣ ки бигирифт бор
نیاسود نخلی که بگرفت بار
Чу шамъи оташ аз дида афрӯхтан
چو شمع آتش از دیده افروختن
Ба аз чашм бар дасти кас духтан
به از چشم بر دست کس دوختن
Ба дастӣ ки ояд азон кори гул
به دستی که آید ازان کار گل
Ба гул чидан аз каси мадораши хаҷал
به گل چیدن از کس مدارش خجل
Чу наргис касеро ки шармаст кеш
چو نرگس کسی را که شرم است کیش
Надузад магари дида бар дасти хеш
ندوزد مگر دیده بر دست خویش
з хон ҳаёт ар кашии пой , боз
ز خوان حیات ار کشی پای، باز
Ба аз даст бар хон мардуми дароз
به از دست بر خوان مردم دراز
зи хоҳиш чу дилро диҳии шустушӯӣ
ز خواهش چو دل را دهی شستشوی
Равад бо баду нек , обат ба ҷӯй
رود با بد و نیک، آبت به جوی
Ба дос ар кунӣ хӯшаи ҷони дарав
به داس ار کنی خوشه جان درو
Азон ба ки миннати кашии ним ҷӯ
ازان به که منت کشی نیم جو
Азон зиндагӣ , марги беҳтари басӣ
ازان زندگی، مرگ بهتر بسی
Ки миннати кашии баҳри ҷон аз касе
که منت کشی بهر جان از کسی
Агар шоҳи миннат наад , вари гадоӣ
اگر شاه منت نهد، ور گدای
Макаши миннат аз кас ба ғайр аз худоӣ
مکش منت از کس به غیر از خدای
Гаронтар буд бар дилам бе газоф
گرانتر بود بر دلم بیگزاف
Ҷӯии бори миннати зи сад кӯҳи қоф
جوی بار منت ز صد کوه قاف
Кашад арра бар фарқ агар душманат
کشد اره بر فرق اگر دشمنت
Ба аз миннати дӯст бар гарданат
به از منت دوست بر گردنت
Ғами миннат он кард бо ҷони мард
غم منت آن کرد با جان مرد
Ки бо гардани шамъ , оташ накард
که با گردن شمع، آتش نکرد
Сабки беҳтари онро зи сар , пайкараш
سبک بهتر آن را ز سر، پیکرش
Ки дастори миннат буд бар сараш
که دستار منت بود بر سرش
з миннат кашад шери нар , модагӣ
ز منت کشد شیر نر، مادگی
з миннат наҷуста ҷузи озодагӣ
ز منت نجسته جز آزادگی
Ба миннат бароядгар аз чашмаи об
به منت برآید گر از چشمه آب
Шавад чашмаи қурбони мавҷи сароб !
شود چشمه قربان موج سراب!
Ба миннати зи Хизри оби ҳайвони мгир
به منت ز خضر آب حیوان مگیر
Дарин орзӯ чун Сикандари бимир
درین آرزو چون سکندر بمیر
зи тани пӯсти беҳтар будгар кашӣ
ز تن پوست بهتر بود گر کشی
Ки миннати зи ташрифи қайсари кашӣ
که منت ز تشریف قیصر کشی
Ба гардани зи сари шамъро миннат аст
به گردن ز سر شمع را منت است
зи сар , гарданашро азон заҳмат аст
ز سر، گردنش را ازان زحمت است
Хуши он кас ки дар кунҷи вайрона Эй
خوش آن کس که در کنج ویرانهای
Надорад ба сари миннат аз хона Эй
ندارد به سر منت از خانهای
Ба саҳрои рӯ ва аз ҷунуни гири баҳр
به صحرا رو و از جنون گیر بهر
Макаши миннати санги Тифлони шаҳр
مکش منت سنگ طفلان شهر
Таваккули зи сҳроншини ёди гир
توکل ز صحرانشین یاد گیر
Ки аз шаҳр ва даҳ нест миннат пазир
که از شهر و ده نیست منتپذیر
Таманнои зи Ҷайҳуни сӯй пул мабар
تمنا ز جیحون سوی پل مبر
Мабар обрӯии таваккул , мабар
مبر آبروی توکل، مبر
Агар ҷои об аз сабуи хӯни кашӣ
اگر جای آب از سبو خون کشی
Азон ба ки миннати зи Ҷайҳуни кашӣ
ازان به که منت ز جیحون کشی
Касеро ки раҳ бар таваккул буд
کسی را که ره بر توکل بود
Кафши баҳри сими равон , пул буд
کفَش بهر سیم روان، پل بود