Табл қиёмат бикуфт он малики нафхи сувар

طبل قیامت بکوفت آن ملک نفخ صور

Котиби маншури мости молики явми алншўр

کاتب منشور ماست مالک یوم النّشور

Сари з лаҳад барзадем хайма ба маҳшар задем

سر ز لحد برزدیم خیمه به محشر زدیم

Бе худои андари лаҳад чанд набошам сабур

بی خدا اندر لحد چند نباشم صبور

Аз сари шавқу нишоти пои нуҳум бар сирот

از سر شوق و نشاط پای نهم بر صراط

То зи дами гарми мо гарм шавад он нашӯр

تا ز دم ِ گرمِ ما گرم شود آن نشور

эй ки надодии ту мол дар талаби он ҷамол

ای که ندادی تو مال در طلبِ آن جمال

Мо ба ту бгзоштим дидани дидори ҳур

ما به تو بگذاشتیم دیدن دیدارِ حور

Масти худоӣами мо , кӣ ба худ ойем мо

مست خداییم ما‌، کِی به خود آییم ما

Соқии мо чун худост бодаи шароби таҳур

ساقی ما چون خداست باده شراب طهور

Нури худо дар назаргоҳи таҷаллии ҳақ

نور خدا در نظرگاه تجلّی حق

Бо ту кунад ончӣ кард бо ҳаҷари кӯҳи тавр

با تو کند آنچه کرد با حجر کوه طور

Вақти таҷаллӣ аз ӯ дидаи бинои мҷўӣ

وقت تجلّی از او دیدهٔ بینا مجوی

ӯ чу намояди ҷамол , чашм тўро зуаст нур

او چو نماید جمال‌، چشمِ تورا زوست نور

Ҳарки ба наздик ӯст давлат ҷовид ёфт

هرکه به نزدیکِ اوست دولتِ جاوید یافت

Рӯй саодат надид онкӣ аз ӯ монад давр

رویِ سعادت ندید آنکه از او ماند دور

Муждаи васли худогар ба лаҳад бишинавем

مژدهٔ وصل خدا گر به لحد بشنویم

Зинда шавад ҷону тани пештар аз нафхи сувар

زنده شود جان و تن پیشتر از نفخِ صور

Ҳур чу оро кунанд рӯ ба сӯй мо кунанд

حور چو آرا کنند رو به سوی ما کنند

Чашми нигаҳи дор аз он , дӯст буд баси ғаюр

چشم نگه دار از آن‌، دوست بود بس غیور

Масти ту қаср биҳишт карда ба зеру зибр

مست تو قصر بهشت کرده به زیر و زبر

Чун накунад зонка нест ҳастӣ ӯ бе қусӯр

چون نکند زانکه نیست هستیِ او بی قصور

Гарчи ту қаср биҳишт кардае анбари сиришт

گرچه تو قصر بهشت کرده‌ای عنبر سرشت

Аз ҷигари сӯхта , май барам онҷо бихӯр

از جگر سوخته‌، می‌برم آنجا بخور

намекунад ӯ баҳри дӯст ҳар нафасии мотамӣ

می‌کند او بهرِ دوست هر نفسی ماتمی

Мҳиӣ мотам зада кӣ кунад эй дӯсти шӯр

محیی ماتم‌زده کی کند ای دوست شور