Ту лиззати амалро аз кори зор мо пресс

تو لذت عمل را از کار‌ِ زار ما پرس

Ойини салтанатро аз ҳоли зор мо пресс

آیین سلطنت را از حال زار ما پرس

Он лиззатӣ ки бошад аз иштиҳоади содиқ

آن لذّتی که باشد از اشتهاد صادق

Шоми бишорати васл аз рӯзгор мо пресс

شام بشارت وصل از روزگار ما پرس

Маҷнӯни ишқи моро аз боғу роғ кам гӯй

مجنون عشق ما را از باغ و راغ کم گوی

Аз ваии ту сури ҷӯйу буии баҳор мо пресс

از وی تو سور جوی و بوی بهار ما پرس

Аз хону мони вҳркс , кардам хароб ӯ ро

از خان و مان وهرکس ، کردم خراب او را

Ман баъд агар бихоҳӣ андари диёр мо пресс

من‌بعد اگر بخواهی اندر دیار ما پرس

Ҳар шаби зи лутфи пурсами аҳволи ту чигуна аст

هر شب ز لطف پرسم احوال تو چگونه است

Завқи хитоби моро аз дилнигор мо пресс

ذوق خطاب ما را از دل نگار ما پرس

Бар турбати хароби ушшоқи мо назар кун

بر تربت خراب عشاق ما نظر کن

Вози зарраи зарраи хокаши ту интизор мо пресс

واز ذرّه ذرّه خاکش تو انتظار ما پرس

Ошиқи нӣӣ чаҳ донеи дарди фироқи мо ро

عاشق نِئی چه دانی درد فراق ما را

Рӯи рӯи ту ин мусӣбат аз сӯгвор мо пресс

رو رو تو این مصیبت از سوگوار ما پرس

Ошиқ ки аз ғами ман коҳидаҳи гашт ва ҷон дод

عاشق که از غم من کاهیده گشت و جان داد

Ин мурғи зор ӯро аз мурғи зор мо пресс

این مرغ زار او را از مرغِ زار ما پرس

Ту софи дил чаҳ доне нолидани саҳаргаҳ

تو صاف دل چه دانی نالیدن سحرگه

Ойини дардмандӣ аз дарди хор мо пресс

آیین دردمندی از درد خار ما پرس

Дил аз ғами ду олам фориғ кун ва пас онгаҳ

دل از غم دو عالم فارغ کن و پس آنگه

Онӣ ба пеши мҳиӣ аз лутфи ёр мо пресс

آنی به پیش محیی از لطف یار ما پرس