Соқии базми маҷлис оро шуд

ساقی بزم مجلس آرا شد

Май гулгуни зи хам бмино шуд

می گلگون ز خم بمینا شد

Наргис дӯст мефуруш омад

نرگس دوست میفروش آمد

Лаъли дилдори бода паймо шуд

لعل دلدار باده پیما شد

Май ки дар шиша буд парда нишин

می که در شیشه بود پرده نشین

Дар қадаҳ беҳиҷоб пайдо шуд

در قدح بی حجاب پیدا شد

Пардаи шармро дарид шароб

پرده شرم را درید شراب

Рози дил аз забон ҳувайдо шуд

راز دل از زبان هویدا شد

Ғайрро ғайрат аз миёни бардошт

غیر را غیرت از میان برداشت

Чун мсмои ҳиҷоб асмо шуд

چون مسما حجاب اسما شد

Ҷисм гардид ҷону ҷони ҷонон

جسم گردید جان و جان جانان

Хок шуд току ток саҳбо шуд

خاک شد تاک و تاک صهبا شد

Қатра шуд ҷӯйу ҷӯии чашмау боз

قطره شد جوی و جوی چشمه و باز

Чашмаро рӯй сӯй дарё шуд

چشمه را روی سوی دریا شد

Нафйу исбот аз миён бархест

نفی و اثبات از میان برخاست

Ҳар чаҳ ло буд айн ало шуд

هر چه لا بود عین الا شد

Ваҳдату касрат аз миёни бардошт

وحدت و کثرت از میان برداشت

Азалу лами изл бикҷо шуд

ازل و لم یزل بیکجا شد

Ҳар чаҳ маънӣ намӯд сӯрат буд

هر چه معنی نمود صورت بود

Ҳар чаҳ сӯрат намӯд маънӣ шуд

هر چه صورت نمود معنی شد

Мо сурӯдему ҳў ҷавоб омад

ما سرودیم و هو جواب آمد

Ин Нидои бози худ мунодӣ шуд

این ندا باز خود منادی شد

Гар наёбӣ ту сари ин асрор

گر نیابی تو سر این اسرار

Як сухани ҳали ин муаммо шуд

یک سخن حل این معما شد

Ки саҳаргаҳи бкўии бодаи фуруш

که سحرگه بکوی باده فروش

Соқӣу ҷоми бода гуё шуд

ساقی و جام باده گویا شد

Ки ҳама ҳарчӣ буд ва ҳаст тўӣӣ

که همه هرچه بود و هست توئی

Шайхи мастуру ринди масти тўӣӣ

شیخ مستور و رند مست توئی

Мтрбои парда дигар бинавоз

مطربا پرده دگر بنواز

То ки бепарда бар бигӯям роз

تا که بی پرده بر بگویم راز

Соз кун нағмаи Ироқ ки мо

ساز کن نغمه عراق که ما

Бозгаштем аз тариқи ҳиҷоз

بازگشتیم از طریق حجاز

Ҳарами мо ҳарим майхона аст

حرم ما حریم میخانه است

Сӯии он қиблаи мибрими намоз

سوی آن قبله میبریم نماز

Каъбаи мости хонаи хумор

کعبه ماست خانه خمار

Масҷиди мости остони ниёз

مسجد ماست آستان نیاز

Ишқи худ , роз хубаш мегуяд

عشق خود، راز خوبش میگوید

ӯст гӯяндаи ман ним ғаммоз

اوست گوینده من نیم غماز

Дорад ар сад ҳазор роҳ , буд

دارد ار صد هزار راه، بود

Ҳар раҳашро ду сад ҳазор овоз

هر رهش را دو صد هزار آواز

Гуҳи ироқӣу гуҳи ҳиҷозӣу гоҳ

گه عراقی و گه حجازی و گاه

Аз ҳусайнӣу гоҳ аз Шаҳноз

از حسینی و گاه از شهناز

Венаи ҳама нағма мешаванд яке

وین همه نغمه میشوند یکی

Бо лаби неи наво чаҳ шуд дмсоз

با لب نی نوا چه شد دمساز

Венаи яке гашти айни иктоӣӣ

وین یکی گشت عین یکتائی

Шуд дами мо неу лаби неи боз

شد دم ما نی و لب نی باز

Гӯши ақли ин навои нмишнўд

گوش عقل این نوا نمیشنود

Ақл бо ишқ кӣ шавад ҳамроз

عقل با عشق کی شود همراز

Май тпди мурғи дили бсинаҳи магар

می طپد مرغ دل بسینه مگر

Мекунад сӯии ошёни парвоз

میکند سوی آشیان پرواز

Нештар мизннд бар раги ҷон

نیشتر میزنند بر رگ جان

Нағмаи барбату таронаи соз

نغمه بربط و ترانه ساز

Дӯши мисўхтми зи оташи ишқ

دوش میسوختم ز آتش عشق

Мисрўдми миёни сӯзу гудоз

میسرودم میان سوز و گداز

Ки ҳама ҳар чаҳ буд ва ҳаст тўӣӣ

که همه هر چه بود و هست توئی

Шиҳи мастуру ринди масти тўӣӣ

شیح مستور و رند مست توئی

Дӯш рафтам басӯии базми ҳузур

دوش رفتم بسوی بزم حضور

Бихўду масту сархушу махмур

بیخود و مست و سرخوش و مخمور

Қомш чун қиёмату зи лабаш

قامش چون قیامت و ز لبش

Дар ҷаҳони аўФтодаҳ шӯр нашӯр

در جهان اوفتاده شور نشور

Базми холӣу бодаи софӣу ёр

بزم خالی و باده صافی و یار

Ҳамчуи чашмони масти худ , махмур

همچو چشمان مست خود، مخمور

Дидам аз ҷому соқӣу мутриб

دیدم از جام و ساقی و مطرب

Бзмкии хосу маҷлисии маъмур

بزمکی خاص و مجلسی معمور

Гӯши гардуни зи гӯши машғалаи кар

گوش گردون ز گوش مشغله کر

Чашми ахтари зи шамъу машъалаи кӯр

چشم اختر ز شمع و مشعله کور

Соқии базми рашки ҳўролъин

ساقی بزم رشک حورالعین

Бодаи ҷом чун шароби таҳур

باده جام چون شراب طهور

Алғрзи маҳфилӣ ки ҷинати хулд

الغرض محفلی که جنت خلد

Дошт зон , базми сад ҳазор қусӯр

داشت زان، بزم صد هزار قصور

Пер дар сдрў май кашони гардиш

پیر در صدرو می کشان گردش

Ҳамаи масти шаробу шаҳди ҳузур

همه مست شراب و شهد حضور

Ҳама бо ҳам басони бодау ҷом

همه با هم بسان باده و جام

Ҷумла бо якдигар чу шуълау нур

جمله با یکدیگر چو شعله و نور

Нури шамъ аз зҷоҷаҳ карда тулӯъ

نور شمع از زجاجه کرده طلوع

Рози дил аз забон намӯда зуҳӯр

راز دل از زبان نموده ظهور

Ҷисму ҷон муттаҳид намӯда чунон

جسم و جان متحد نموده چنان

Ки яке гашта нозиру манзур

که یکی گشته ناظر و منظور

Ақл аз пушт дар назораи кунон

عقل از پشت در نظاره کنان

Ишқ аз пеш саф намӯда убӯр

عشق از پیش صف نموده عبور

Кардам алқсаҳи норасида , салом

کردم القصه نارسیده، سلام

Въликм ҷавоб гуфт аз давр

وعلیکم جواب گفت از دور

Он яке гуфт ҳҷкми мақбул

آن یکی گفت حجکم مقبول

Ваон дигар гуфт съикми мшкўр

وان دگر گفت سعیکم مشکور

Рехти баси шодӣ аз дару девор

ریخت بس شادی از در و دیوار

Ғами фараҳи гашту ғуссаи айни сарвар

غم فرح گشت و غصه عین سرور

Пас боҳнги лаҳни Довӯдӣ

پس بآهنگ لحن داودی

Хонд мутриб навой ин мзмўр

خواند مطرب نوای این مزمور

Ки ҳама ҳар чаҳ буд ва ҳаст тўӣӣ

که همه هر چه بود و هست توئی

Шайхи мастуру ринди масти тўӣӣ

شیخ مستور و رند مست توئی

Боз лабрез шуд қадаҳи зи шароб

باز لبریز شد قدح ز شراب

Бози сар ҷӯш зад хам аз май ноб

باز سر جوش زد خم از می ناب

Бози соқии салоӣ ъушрат дод

باز ساقی صلای عشرت داد

Бқдҳи хўоргони масти хароб

بقدح خوارگان مست خراب

Бози он пардаи дори базми вуҷӯд

باز آن پرده دار بزم وجود

Парда бигирифт ва барфаканд ниқоб

پرده بگرفت و برفکند نقاب

Бози он шоҳиди сарои шуҳуд

باز آن شاهد سرای شهود

Аз рух ғайб барграфт ҳиҷоб

از رخ غیب برگرفت حجاب

Қафаси тани шикасти тоӣри ҷон

قفس تن شکست طائر جان

Рафт зии ошён дил башитоб

رفت زی آشیان دل بشتاب

Қатра гардид баҳр бе поён

قطره گردید بحر بی پایان

Зарра шуд офтоби олами тоб

ذره شد آفتاب عالم تاب

Сода буд ончӣ менамӯд сувар

ساده بود آنچه مینمود صور

Бода буд ончӣ менамӯд ҳубоб

باده بود آنچه مینمود حباب

Рӯй худро дар об ва оина дид

روی خود را در آب و آینه دید

Гашт аз ишқи хештан бе тоб

گشت از عشق خویشتن بی تاب

Не ғалат гуфтам об ва оина чист

نی غلط گفتم آب و آینه چیست

Ки ҳам ӯ буд оинаи ҳам об

که هم او بود آینه هم آب

Ганҷи розӣ ки худ калидаш буд

گنج رازی که خود کلیدش بود

Кардаш аз ҳасани хеши фатҳи албоб

کردش از حسن خویش فتح الباب

Ҷилва бинмуд ва боз шуд мастур

جلوه بنمود و باز شد مستور

Чашм багушӯд ва боз рафт бихоб

چشم بگشود و باز رفت بخواب

Ҳасан дар парда буд , ишқ омад

حسن در پرده بود، عشق آمد

Аз рух ҳасан барграфт ҳиҷоб

از رخ حسن برگرفت حجاب

Нуқтае буд ҳасан ва кард падед

نقطه ای بود حسن و کرد پدید

Ишқ зон нуқтаи сад ҳазор китоб

عشق زان نقطه صد هزار کتاب

Ишқи найранги соз пайдо кард

عشق نیرنگ ساز پیدا کرد

ӣнҳамаи нақши ранги ранг бар об

اینهمه نقش رنگ رنگ بر آب

Ҳали мушкили зи ишқи ҷӯй ки ишқ

حل مشکل ز عشق جوی که عشق

Оя муҳкамасту фасли хитоб

آیه محکم است و فصل خطاب

Сохт баси рангу бохти баси найранг

ساخت بس رنگ و باخت بس نیرنگ

Мавҷ зан шуд ҳазор гӯнаи сароб

موج زن شد هزار گونه سراب

Ақл кӣ паии баради бад-ӣни маънӣ

عقل کی پی برد بدین معنی

Ишқ мегуяд ин суолу ҷавоб

عشق میگوید این سوال و جواب

Мутриби ишқи дӯш хуш ме гуфт

مطرب عشق دوش خوش می گفت

Бо навой дафу садои рубоб

با نوای دف و صدای رباب

Ки ҳама ҳар чаҳ буд ва ҳаст тўӣӣ

که همه هر چه بود و هست توئی

Шайхи мастуру ринди масти тўӣӣ

شیخ مستور و رند مست توئی