Зоҳидӣ аз савмиъа безор шуд
زاهدی از صومعه بیزار شد
Нимаи шубон бар дар хумор шуд
نیمه شبان بر در خمار شد
Ҷом май аз шоҳид мисатон гирифт
جام می از شاهد مستان گرفت
Маст шуд ва бар сар бозор шуд
مست شد و بر سر بازار شد
Ришта тасбеҳ фитодаш зи даст
رشته تسبیح فتادش ز دست
Доми дилаши ҳалқа зуннор шуд
دام دلش حلقه زنار شد
Аз тану сари хрФаҳу дастор ро
از تن و سر خرفه و دستار را
Кард бики сӯй ва сбкбор шуд
کرد بیک سوی و سبکبار شد
Сар чу бпои хам май бар ниҳод
سر چو بپای خم می بر نهاد
Фориғ аз андеша дастор шуд
فارغ از اندیشه دستار شد