Шоҳидӣ мастона омад зоҳидӣ мастур шуд

شاهدی مستانه آمد زاهدی مستور شد

Рўзнх кам зан ки бар лавҳи ин қазо мстўр шуд

روزنخ کم زن که بر لوح این قضا مسطور شد

Худ парастӣ дам зад аз ҳастӣ ва ин чун ва чаро

خود پرستی دم زد از هستی و این چون و چرا

Стўти барқ таҷаллӣ зад , бар ӯ мақҳур шуд

سطوت برق تجلی زد، بر او مقهور شد

Қиссаи Иблису одам , нақли ҷам ё аҳриман

قصه ابلیس و آدم، نقل جم یا اهرمن

Рамзӣ аз афсонаи моу тўӣӣ машҳур шуд

رمزی از افسانه ما و توئی مشهور شد

Тофт чун мисбоҳи зоти ҳақи змшкўаҳи сифот

تافت چون مصباح ذات حق زمشکوه صفات

Қалби инсон аз ҳамаи аъёни зи ҷоҷ нур шуд

قلب انسان از همه اعیان ز جاج نور شد

Аз ману дили орифӣ дар каъбау санги сиёҳ

از من و دل عارفی در کعبه و سنگ سیاه

Зад мислҳо то чаҳ ҳикмати зини сухан манзур шуд

زد مثلها تا چه حکمت زین سخن منظور شد

Санг мисоқаст кӯ , чун дар Байзо буд лек

سنگ میثاق است کو، چون در بیضا بود لیک

Дасти номаҳрами бсўдш чун шаб диҷўр шуд

دست نامحرم بسودش چون شب دیجور شد

Ин рақамро дар азали сатр аз мидоди нур буд

این رقم را در ازل سطر از مداد نور بود

Шуд сияҳ чун дар ҳиҷоби обу гул мастур шуд

شد سیه چون در حجاب آب و گل مستور شد

Икдли вайрона буд ин каъба каз тўФи малик

یکدل ویرانه بود این کعبه کز طوف ملک

Номаши андари чархи чорами хона маъмур шуд

نامش اندر چرخ چارم خانه معمور شد

Як ано алҳақ буд гоҳе аз дарахти Мӯсавӣ

یک انا الحق بود گاهی از درخت موسوی

Шуд баланди овоза гоҳе аз лаб Мансур шуд

شد بلند آوازه گاهی از لب منصور شد

Қисми орифи бодаи ишқу шароби бихўдӣ

قسم عارف باده عشق و شراب بیخودی

Қисми зоҳиди ҷӯии шеру чашма кофур шуд

قسم زاهد جوی شیر و چشمه کافور شد

Булъаҷаб дидам ки орифи сад ҳазорон нанг дошт

بوالعجب دیدم که عارف صد هزاران ننگ داشت

Зончаҳ аз илму ҳунари зоҳиди бадв мағрур шуд

زانچه از علم و هنر زاهد بدو مغرور شد