Ҳарфи мо бо ту шаби дӯш чаҳ буд
حرف ما با تو شب دوش چه بود
Сухани он лаби минӯаш чаҳ буд
سخن آن لب مینوش چه بود
Суханӣ буд ки аз хотири мо
سخنی بود که از خاطر ما
Сари басари гашти фаромӯш чаҳ буд
سر بسر گشت فراموش چه بود
Нашоҳ мастии мисатони хароб
نشاه مستی مستان خراب
Зон хами бодаи сари ҷӯш чаҳ буд
زان خم باده سر جوش چه بود
Ҳамаи шаб дар бар риндони дағал
همه شب در بر رندان دغل
Кори он тарки қабои пӯш чаҳ буд
کار آن ترک قبا پوش چه بود
Бо дили шефтагони шому саҳар
با دل شیفتگان شام و سحر
Рози он зулфу баннои гӯш чаҳ буд
راز آن زلف و بنا گوش چه بود
То бхолу хати раънои писарон
تا بخال و خط رعنا پسران
Кори ёрони қадаҳи нӯш чаҳ буд
کار یاران قدح نوش چه بود
Аз хароботи Муғон то бФлк
از خرابات مغان تا بفلک
Ҳамаи шаби ғулғулаи нӯш чаҳ буд
همه شب غلغله نوش چه بود
Ман бигӯям ки шаби дӯши гузашт
من بگویم که شب دوش گذشت
Ту бигӯ бози шаби дӯш чаҳ буд
تو بگو باز شب دوش چه بود