Ало то кӣ ҳадис аз умру аммор
الا تا کی حدیث از عمر و عمار
Бизан мутриби раҳе аз хамру хумор
بزن مطرب رهی از خمر و خمار
Ҳадиси воъиз масҷид шунидам
حدیث واعظ مسجد شنیدم
Надорад ҳосилии ҷузи тӯлу такрор
ندارد حاصلی جز طول و تکرار
Дили моро бадасти ор , ар бузургӣ
دل ما را بدست آر، ار بزرگی
Бузургӣ нест аишихи он дастор
بزرگی نیست ایشیخ آن دستار
Худои ҷўӣӣ беозорист эй мард
خدا جوئی بی آزاریست ای مرد
Бирав безори шӯ аз мардуми озор
برو بیزار شو از مردم آزار
Аз ин май хӯрдани пинҳони малулам
از این می خوردن پنهان ملولم
Буна дар кӯии хуморами бикбор
بنه در کوی خمارم بیکبار
Аз ин тасбеҳу дастори омадами танг
از این تسبیح و دستار آمدم تنگ
Бабри тасбеҳу дасторами бикбор
ببر تسبیح و دستارم بیکبار
Нмихўоҳм дигар ҷавр наоне
نمیخواهم دگر جور نهانی
Бабанд аз зулфи зуннорами бикбор
ببند از زلف زنارم بیکبار