эй гашта як имрӯзи ту аз маҳфили мо давр
ای گشته یک امروز تو از محفل ما دور
Аз даврии ту рафтаи зи чашму дили мо нур
از دوری تو رفته ز چشم و دل ما نور
Ранҷӣ нарасад бар тану ҷони ту агар чанд
رنجی نرسد بر تن و جان تو اگر چند
Аз даврии ту ҷону тани мо шудаи ранҷур
از دوری تو جان و تن ما شده رنجور
Ҳрсў ки кунӣ маҷлис ва ҳар ҷо ки кунӣ базм
هرسو که کنی مجلس و هر جا که کنی بزم
Базми ту накӯ , вақти ту хуш , ҷои ту маъмур
بزم تو نکو، وقت تو خوش، جای تو معمور
Вақтаст ки боз аз дар маҷлиси бадари оӣӣ
وقتست که باز از در مجلس بدر آئی
Бо турраи ошуфта ва бо наргиси махмур
با طره آشفته و با نرگس مخمور
Ту бодаи диҳӣ , ман бслоӣ ту кунам нӯш
تو باده دهی، من بصلای تو کنم نوش
Ту бӯсаи диҳӣ , ман бҳўоӣ ту кунам шӯр
تو بوسه دهی، من بهوای تو کنم شور
Аз мардумак дида бисӯзем сапандон
از مردمک دیده بسوزیم سپندان
То чашми бад аз чеҳраи хуб ту шавад давр
تا چشم بد از چهره خوب تو شود دور