Дилдори дӯсти тарк сафар кард сози боз

دلدار دوست ترک سفر کرد ساز باز

ё раби бўсл ӯ сабаби хайри сози боз

یا رب بوصل او سبب خیر ساز باز

Сози сафар ба шаҳр сифр кард бози ёр

ساز سفر به شهر صفر کرد باز یار

эй коши боз аз сафар ояд саҳеҳу соз

ای کاش باز از سفر آید صحیح و ساز

Кӯтаҳ чу рӯзи васл буд солу моҳи умр

کوته چو روز وصل بود سال و ماه عمر

Шарҳи ғами туу шаби ҳиҷрон буд дароз

شرح غم تو و شب هجران بود دراز

Соқии ту боз кун сари мино ки бозгашт

ساقی تو باز کن سر مینا که بازگشت

Абвоби адли бозу раҳи ҷангу кини фароз

ابواب عدل باز و ره جنگ و کین فراز

Дар каъбаему марҳалаи паймои кӯии ту

در کعبه ایم و مرحله پیمای کوی تو

Мустағриқи ҳақиқату олӯдаи муҷоз

مستغرق حقیقت و آلوده مجاز

Чашми сиёҳи масти ту яғмоӣ дайн кунад

چشم سیاه مست تو یغمای دین کند

Оре ба тарк месазад ойини трктоз

آری به ترک می سزد آئین ترکتاز

Миҳроб абрувон бинмо пеши ошиқон

محراب ابروان بنما پیش عاشقان

То кас ба қбқбаҳи набарди баъд аз ин намоз

تا کس به قبقبه نبرد بعد از این نماز

Мансӯх шуд ҷрозу мҳн дар замони ту

منسوخ شد جراز و محن در زمان تو

эй оризи ту ҳамчуи мҳни абрувони ҷроз

ای عارض تو همچو محن ابروان جراز

Рух барфурӯхт лола , ту рух низ брФрўз

رخ برفروخت لاله، تو رخ نیز برفروز

Қади брФрохти сарви ту қади бози барфароз

قد برفراخت سرو تو قد باز برفراز

« ҳоҷиб » ниёзманди туро кибр ва ноз нест

«حاجب » نیازمند تو را کبر و ناز نیست

Нозати кашам аз онкии тўӣии қиблаи ниёз

نازت کشم از آنکه توئی قبله نیاز