эй халқи ҳамаи халқи зи ахлоқи ту тазҳиб

ای خلق همه خلق ز اخلاق تو تذهیب

Ваии номи громти ҳамаи ҷои боиси тҳбиб

وی نام گرامت همه جا باعث تحبیب

эй дафтари инсофи зи унвони ту тазъин

ای دفتر انصاف ز عنوان تو تزئین

Ваии номаи ихлоси зи аншоءи ту тазҳиб

وی نامه اخلاص ز انشاء تو تذهیب

Шуд хонаи дилҳо ҳамаи маъмур , ба амрат

شد خانه دلها همه معمور، به امرت

Пас аз чаҳ кунӣ , дар дили мо ҳукм ба таҳзиб

پس از چه کنی، در دل ما حکم به تهذیب

Розӣ ба ҳалокам нашавад кас чу набошад

راضی به هلاکم نشود کس چو نباشد

Аз чашми ту таҳрику зи абрӯии ту тарғиб

از چشم تو تحریک و ز ابروی تو ترغیب

Соқии кзк аз баъди шароби ор , ба такрор

ساقی کزک از بعد شراب آر، به تکرار

Чун баъд намозаст магари хондани таъқиб

چون بعد نماز است مگر خواندن تعقیب

Аз пои ҳама то басарии қобили таҳсин

از پای همه تا بسری قابل تحسین

Вази фарқи ҳама то ба қадами лоиқи трҳиб

وز فرق همه تا به قدم لایق ترحیب

Зулфу хату холу лабат аз халқи ббрднд

زلف و خط و خال و لبت از خلق ببردند

Фаҳму хираду зиракӣу ҳуш ба тартиб

فهم و خرد و زیرکی و هوش به ترتیب

Ту нуқтаи мавҳумӣ бе заҳмати тақсим

تو نقطه موهومی بی زحمت تقسیم

Ту ҷавҳари Фирдавсӣ бе санъати таркиб

تو جوهر فردوسی بی صنعت ترکیب

Ноқис буд он кас ки кунад ғайри ту тасдиқ

ناقص بود آن کس که کند غیر تو تصدیق

Ноҳақ буд он кӯ ки кунад амри ту такзиб

ناحق بود آن کو که کند امر تو تکذیب

« ҳоҷиб » зи ҳуҷби гашти аён то бинмоед

«حاجب » ز حجب گشت عیان تا بنماید

Расму раҳи тҳбибу суханронӣу тأдиб

رسم و ره تحبیب و سخنرانی و تأدیب