Гар ҷаҳон душман ҷонанд марои ҷонони дӯст

گر جهان دشمن جانند مرا جانان دوست

Ҳама мағзаст насиби ман ва аз онони пӯст

همه مغز است نصیب من و از آنان پوست

Токаи чавгони сар зулф фикандӣ бар дӯш

تاکه چوگان سر زلف فکندی بر دوش

эй басои сар , ки ба майдони ту баргашта чу , гӯаст

ای بسا سر، که به میدان تو برگشته چو، گوست

Сурб ар резад ,у мис ҷива нагардад , зару сим

سرب ار ریزد، و مس جیوه نگردد، زر و سیم

эй чудани пораи магар рӯй ту аз оҳан ва рӯаст

ای چدن پاره مگر روی تو از آهن و روست

Суҳбати мо ва ту доне ба чаҳ монад эй хасм

صحبت ما و تو دانی به چه ماند ای خصم

Суҳбати булбулу зоғу сифати санг ва сабуаст

صحبت بلبل و زاغ و صفت سنگ و سبوست

Иззату азлату тўқиру қаноат чаҳ кунад

عزت و عزلت و توقیر و قناعت چه کند

Онкии як ъмрпии нон чу сегон дар таку пӯст

آنکه یک عمرپی نان چو سگان در تک و پوست

Марди ҳақи ҷӯ ба ҷуз аз ҳақи натавонад дидан

مرد حق جو به‌جز از حق نتواند دیدن

Ба ҳақиқат чу равад роҳ , бибинад ҳама ӯст

به حقیقت چو رود راه، ببیند همه اوست

Лаб ба хӯни бинмт олӯда надонам з чаҳ рӯ

لب به خون بینمت آلوده ندانم ز چه رو

Магар эй тарки туро хӯрдани хӯни одат ва хуаст

مگر ای ترک تو را خوردن خون عادت و خوست

Уқда аз мӯии ту кас боз накардааст ҳануз

عقده از موی تو کس باز نکرده است هنوز

Нукта Эй гуфтаму борӣктар ин нукта з мӯаст

نکته‌ای گفتم و باریک‌تر این نکته ز موست

Хӯбӣ аз , бади матлаб зонка надорад , ба сиришт

خوبی از، بد مطلب زانکه ندارد، به سرشت

Ҳамчунон нест бадӣ дар гуҳар онкӣ накӯаст

همچنان نیست بدی در گهر آن‌که نکوست

Ҳар саҳари зулфи ту дар дасти ман ва бод сабост

هر سحر زلف تو در دست من و باد صباست

Зини сабаби дасти ману боди сабо ғолия бӯаст

زین سبب دست من و باد صبا غالیه بوست

Пой бигзор , ба чашмам ки рақибон гӯйанд

پای بگذار، به چشمم که رقیبان گویند

эй хуши он сарв ки озоди чунин бар лаб ҷӯаст

ای خوش آن سرو که آزاد چنین بر لب جوست

Куҳна шуд хирқаи мо дар гарави бодаи чунон

کهنه شد خرقه ما در گرو باده چنان

Ки мабарӣ зи ғами васлау фориғ з руфӯаст

که مبرا ز غم وصله و فارغ ز رفوست

Ақли кулро кадуии фақр бпо хоҳам баст

عقل کل را کدوی فقر بپا خواهم بست

То маро , пари замии ишқи ту кашкул ва кадуаст

تا مرا، پر زمی عشق تو کشکول و کدوست

« ҳоҷиб » аз теғи ту абрӯ накунад хам эй хасм

«حاجب» از تیغ تو ابرو نکند خم ای خصم

Ки маро , раҳм ва туро зулму ситами одат ва хуаст

که مرا، رحم و تو را ظلم و ستم عادت و خوست