Муфтёни шаҳррогар чашми зоҳир равшан аст

مفتیان شهر را گر چشم ظاهر روشن است

Мо иродати пешаи гон ,ро чашми хотир равшан аст

ما ارادت پیشه گان، را چشم خاطر روشن است

Осмонгар рӯзу шаби равшан буд аз меҳру моҳ

آسمان گر روز و شب روشن بود از مهر و ماه

Базми мо аз рӯй борони муошир равшан аст

بزم ما از روی باران معاشر روشن است

Ҳамдами шаби зиндаи дорони шӯ , ки равшандили шӯй

همدم شب زنده داران شو، که روشندل شوی

Шаби дили ойина аз шамъи муҷовир равшан аст

شب دل آئینه از شمع مجاور روشن است

Ҳркҷои бгзошти пои ҷонона , биниҳодем чашм

هرکجا بگذاشت پا، جانانه بنهادیم چشم

Чашми мо ушшоқ , зини кӯҳли алҷўоҳр равшан аст

چشم ما عشاق، زین کحل‌الجواهر روشن است

Комилонро файзи бахшеи зи ибтидо то интиҳост

کاملان را فیض‌بخشی ز ابتدا تا انتهاست

Рӯзро хуршеди рахшон то ба охир равшан аст

روز را خورشید رخشان تا به آخر روشن است

То дами охири мадаи колои дайнатро зи даст

تا دم آخر مده کالای دینت را ز دست

Чунки чашми дузди ағлаб бар мусофир равшан аст

چونکه چشم دزد اغلب بر مسافر روشن است

Дар фунуни шеъру ҳасани ибтикору лутфи назм

در فنون شعر و حسن ابتکار و لطف نظم

Баъд ( соиб ) дидаи ёрон ба ( собир ) равшан аст

بعد (صائب) دیدهٔ یاران به (صابر) روشن است