Дило икдми баровари нолае монанди чанги охир

دلا یکدم برآور ناله ای مانند چنگ آخر

Ки шояд домани мақсӯдро оре ба чанги охир

که شاید دامن مقصود را آری به چنگ آخر

Камони осои бароаи ишқи кҷбозӣ куҷо бошад ?

کمان آسا براه عشق کجبازی کجا باشد؟

Ба мақсад мерасад аз рости рафтории хаданги охир

به مقصد می‌رسد از راست رفتاری خدنگ آخر

Ба роҳи ишқ аз фармони ҷонон сар мапӣч эй дил

به راه عشق از فرمان جانان سر مپیچ ای دل

Ки тарсами обшоросо , сарат ояд ба санги охир

که ترسم آبشارآسا، سرت آید به سنگ آخر

з ма омӯз икрнгӣ , на ҳамчун мо каёни байза

ز مه آموز یکرنگی، نه همچون ما کیان بیضه

Бурун икрнг бошӣ , ваз дарун бошӣ ду ранги охир

برون یکرنگ باشی، وز درون باشی دو رنگ آخر

Тамоми умрро бо халқи яксони зӣ , мабош онсон

تمام عمر را با خلق یکسان زی، مباش آنسان

Ки кӯбии кӯси сулҳи аввал , навозии табли ҷанги охир

که کوبی کوس صلح اول، نوازی طبل جنگ آخر

Нагашта ширгўни мӯии сияҳ , дастӣ ба кории зан

نگشته شیرگون موی سیه، دستی به کاری زن

Басо афтод барфу корвонро кард ланги охир

بسا افتاد برف و کاروان را کرد لنگ آخر

Асар набӯд бгФторӣ ки кирдор аз пай аш набӯд

اثر نبود بگفتاری که کردار از پی اش نبود

Ниҳоли номи нек он нест корди бори нанги охир

نهال نام نیک آن نیست کارد بار ننگ آخر

Ҷаҳон бо ин фарохии баҳри муштоқони нмидонм

جهان با این فراخی بهر مشتاقان نمیدانم

Чаро якбора чун чашми ҳасудони гашти танги охир

چرا یکباره چون چشم حسودان گشت تنگ آخر

Агар ойӣнаи дил тира шуд аз занги ғам ( собир )

اگر آیینهٔ دل تیره شد از زنگ غم (صابر)

зи ҷомӣ ме тавон бздўд аз ин ойӣнаи занги охир

ز جامی می‌توان بزدود از این آیینهٔ زنگ آخر