Онкӣ чун ойина набӯд маҳви рухсор ту кист ?
آنکه چون آئینه نبود محو رخسار تو کیست؟
Ва онкӣ чун тӯтӣ надорад шавқи гуфтор ту кист ?
و آنکه چون طوطی ندارد شوق گفتار تو کیست؟
Дар дилати андеша ӣ мискини навозӣ раҳ наёфт
در دلت اندیشه ی مسکین نوازی ره نیافت
Варна ҷузи ман ноумед аз файзи дидор ту кист ?
ورنه جز من ناامید از فیض دیدار تو کیست؟
Сарви озодам ! чаро дар парда май гўӣии сухан ?
سرو آزادم! چرا در پرده می گوئی سخن؟
Ман ки медонам баҳри маҳфили гирифтор ту кист ?
من که می دانم بهر محفل گرفتار تو کیست؟
Ҳар чаҳ бошад медиҳад булбули тамизи хору гул
هر چه باشد می دهد بلبل تمیز خار و گل
Онкии ёр тест медонад ки ағёри ту , кист ?
آنکه یار تست می داند که اغیار تو، کیست؟
Ҷузи хазони ғам ки бар гулзори ҳасанат раҳ наёфт
جز خزان غم که بر گلزار حسنت ره نیافت
Онкӣ берун шуд тиҳии домани гулзор ту кист ?
آنکه بیرون شد تهی دامن گلزار تو کیست؟
Сӯии ин сӯрат прессатонгар ба маънии бенгарӣ
سوی این صورتپرستان گر به معنی بنگری
Юсуфи ман фош мегардад харидор ту кист
یوسف من فاش میگردد خریدار تو کیست
Ин ҳаводорон , ҳавои нафаси дунро пайраванд
این هواداران، هوای نفس دون را پیروند
Дар миёни ин ҳаводорон , ҳаводор ту кист
در میان این هواداران، هوادار تو کیست
Бо ҳамаи номеҳрбониҳо туро дорам суроғ
با همه نامهربانیها تو را دارم سراغ
Гар зи ман пурсанади мардуми меҳрбони ёр ту кист
گر ز من پرسند مردم مهربان یار تو کیست
( собир ) ! аз ин бе ҳақиқати мардуми дунёи параст
(صابر)! از این بی حقیقت مردم دنیا پرست
Онкӣ наниҳодааст борӣ бар сари бор ту кист ?
آنکه ننهاده است باری بر سر بار تو کیست؟