То лаъли ту аз танги шукр бор нагирад
تا لعل تو از تنگ شکر بار نگیرد
Дил аз ғами он лаъли шукр бор нагирад
دل از غم آن لعل شکر بار نگیرد
Дар ҷоми лабони чошнӣ аз қанд фикандӣ
در جام لبان چاشنی از قند فکندی
То лаъли лабати талхӣ гуфтор нагирад
تا لعل لبت تلخی گفتار نگیرد
Ман бар саману сунбули ту зор нигарадам
من بر سمن و سنبل تو زار نگردم
Гар сунбули ту тараф смнзор нагирад
گر سنبل تو طرف سمنزار نگیرد
Аз оташи дили гирди рахт роҳ бабандам
از آتش دل گرد رخت راه ببندم
То гирди гулистони рахт хор нагирад
تا گرد گلستان رخت خار نگیرد
Аз дидан ту зоҳиди сад сола шигифт аст
از دیدن تو زاهد صد ساله شگفت است
Гар хирқа наяндозад ва зуннор нагирад
گر خرقه نیندازد و زنار نگیرد
Ман гарему гўӣӣ ба ишорат ки мризошк
من گریم و گوئی به اشارت که مریزاشک
То душманат аз чашму дил иқрор нагирад
تا دشمنت از چشم و دل اقرار نگیرد
Гар лаъл дар он лўлў шҳўор нагирӣ
گر لعل در آن لولو شهوار نگیری
Рӯй аз мижаам лўлў шҳўор нагирад
روی از مژه ام لولو شهوار نگیرد
Ман дил ба ҳавои лабу дандон ту додам
من دل به هوای لب و دندان تو دادم
Моно ки бад-ӣни ҷурмам додар нагирад
مانا که بدین جرمم دادار نگیرد
То дил нашавад ошиқ ҳастӣ напазирад
تا دل نشود عاشق هستی نپذیرد
То зар нашавад холис миқдор нагирад
تا زر نشود خالص مقدار نگیرد
Рӯзии ду се дастӣ ба тараб бо ту барорам
روزی دو سه دستی به طرب با تو برآرم
Гар пои дилам дар гул тимор нагирад
گر پای دلم در گل تیمار نگیرد
Инкори мадор аз ман ар инкори надорӣ
انکار مدار از من ار انکار نداری
То лавҳи дилати сӯрат инкор нагирад
تا لوح دلت صورت انکار نگیرد
Аз ёр кам озори худ озор чаҳ гирӣ
از یار کم آزار خود آزار چه گیری
Каз ёр кам озори кас озор нагирад
کز یار کم آزار کس آزار نگیرد
Барқи нафаси гарми ман офоқи гирифтаи сет
برق نفس گرم من آفاق گرفته ست
Вндри дили ту шӯх ситамкор нагирад
وندر دل تو شوخ ستمکار نگیرد
Оҳами аҷаб ар дар дил хоро нанишинад
آهم عجب ار در دل خارا ننشیند
Сӯзами аҷаб ар дар дар ва девор нагирад
سوزم عجب ار در در و دیوار نگیرد
Худ бар дили ту меҳр ба мсмор ки бандад
خود بر دل تو مهر به مسمار که بندد
Кони санг сиёҳаст ки мсмор нагирад
کآن سنگ سیاه است که مسمار نگیرد
Гар фош шавад рози ҷафоҳои ту бар ман
گر فاش شود راز جفاهای تو بر من
Касро ҳаваси ёр дгрбор нагирад
کس را هوس یار دگربار نگیرد
Зинсон ки ту дар ёрии ман роҳи супурдӣ
زینسان که تو در یاری من راه سپردی
Зини пас ба ҷаҳони ҳеҷ касе ёр нагирад
زین پس به جهان هیچ کسی یار نگیرد
Зари руху дурдонаи ғалатони сари шикам
زر رخ و دردانه غلطان سر شکم
Нақдӣаст ки дар пеши ту бозор нагирад
نقدیست که در پیش تو بازار نگیرد
Оҳами ҳамаи дўдист ки бар кас нанишинад
آهم همه دودیست که بر کس ننشیند
Ашкам ҳама обӣаст ки бар кор нагирад
اشکم همه آبیست که بر کار نگیرد
Зин пас накунам гиря нанолам назанам оҳ
زین پس نکنم گریه ننالم نزنم آه
То оина рӯй ту зангор нагирад
تا آینه روی تو زنگار نگیرد
Гуфтӣ ки дилатро ба насиҳат адабӣ кун
گفتی که دلت را به نصیحت ادبی کن
То кори сари зулфи маро хор нагирад
تا کار سر زلف مرا خوار نگیرد
ё дар хами ин зулф чу занҷир напечад
یا در خم این زلف چو زنجیر نپیچد
ё ҷой дар ин турра таррор нагирад
یا جای در این طره طرار نگیرد
ё пой ба худ дорад ва хомӯш нишинад
یا پای به خود دارد و خاموش نشیند
ё даст бар ин зулфи зира дор нагирад
یا دست بر این زلف زره دار نگیرد
Дар арзи яке тори кзони зулф кам ояд
در عرض یکی تار کزآن زلف کم آید
Сад қофила аз таббат ва тотор нагирад
صد قافله از تبت و تاتار نگیرد
ӯ зангӣ мастаст сбкбору срондоз
او زنگی مست است سبکبار و سرانداز
Хӯни сад аз он дил ба яке тор нагирад
خون صد از آن دل به یکی تار نگیرد
эй дӯсти бунаи узри дилам каз ҳамаи рўӣӣ
ای دوست بنه عذر دلم کز همه روئی
Каси нукта бар он сӯхта зор нагирад
کس نکته بر آن سوخته زار نگیرد
Гар дили сари зулфи ту яке бори гирифтаи сет
گر دل سر زلف تو یکی بار گرفته ست
Гуяд ки дилат аз дили ман бор нагирад
گوید که دلت از دل من بار نگیرد
Кӯи шефта ройаст ва ба занҷири гирифтор
کو شیفته رای است و به زنجیر گرفتار
То хурда бар он шефта бисёр нагирад
تا خرده بر آن شیفته بسیار نگیرد
Зинҳор махӯр бо дили ман каз ҳамаи ҷурмӣ
زنهار مخور با دل من کز همه جرمی
Касро ба гунаҳи сахт чу зинҳор нагирад
کس را به گنه سخت چو زنهار نگیرد
Ин шеър чу зари нақд равонаст вазин рӯй
این شعر چو زر نقد روان است وزین روی
Аз маҷд касе сраҳ динор нагирад
از مجد کسی صره دینار نگیرد
Баси перҳани коғазӣ аз дасти пӯшам
بس پیرهن کاغذی از دست پوشم
Гар дасти ту зу коғаз ашъор нагирад
گر دست تو زو کاغذ اشعار نگیرد
Ман соҳиб девон шавам ар соҳиби девон
من صاحب دیوان شوم ار صاحب دیوان
Аз нисбати ҳамномии ман ор нагирад
از نسبت همنامی من عار نگیرد
Он хоҷа ки бе воситаи миннати хониш
آن خواجه که بی واسطه منت خوانش
Чарх аз мау хури қурса идрор нагирад
چرخ از مه و خور قرصه ادرار نگیرد
Он шамс ки бе раҳбарии рояти райш
آن شمس که بی رهبری رایت رایش
Хури мамлакати гунбад даввор нагирад
خور مملکت گنبد دوار نگیرد
Бе рқъаҳи парвона ӯ муншии гардун
بی رقعه پروانه او منشی گردون
Дар каф ва бенон хома ва тӯмор нагирад
در کف و بنان خامه و طومار نگیرد