Ниҳодам аз бен ҳар мӯӣ баркашад фарёд
نهادم از بن هر موی برکشد فریاد
зи дӯстон ки зи ман шан ҳаме наёяд ёд
ز دوستان که ز منشان همی نیاید یاد
Хурӯш баркашам аз дил чу Кебек дар дами боз
خروش برکشم از دل چو کبک در دم باز
Бинолам аз ҳамаи рагҳо чу чанг дар раҳи бод
بنالم از همه رگها چو چنگ در ره باد
Агар замонаи чунин бадниҳод шуд бо ман
اگر زمانه چنین بدنهاد شد با من
Куҷо шуданд марои дӯстони неки ниҳод
کجا شدند مرا دوستان نیک نهاد
Балии ниҳоди замона чу бад шавад зи қазо
بلی نهادِ زمانه چو بد شود ز قضا
Замона ранг шавад ҳар ки аз замонаи бзод
زمانه رنگ شود هر که از زمانه بزاد
Дар ин замонаи худком аз ки ҷӯям ком
در این زمانهٔ خودکام از که جویم کام
Дар ин кашокаши бедод аз ки хоҳам дод
در این کشاکش بیداد از که خواهم داد
Фалак ба кӣнаи аҳрор то камари дарбаст
فلک به کینه احرار تا کمر دربست
Биҷуз камон накашиду биҷуз камӣн накушод
بجز کمان نکشید و بجز کمین نگشاد
Азои муштарӣу хури чунон ҳазинам кард
عزای مشتری و خور چنان حزینم کرد
Ки лаҳни Зуҳраи нгрдондм дигар дилшод
که لحن زهره نگرداندم دگر دلشاد
Хурӯши кӯси шҳонм чу ёварӣ нанамуд
خروش کوس شهانم چو یاوری ننمود
Срири чархи замонам куҷо расад фарёд !
صریر چرخ زمانم کجا رسد فریاد!
Чу бар қабул салотин набӯд бунёдӣ
چو بر قبول سلاطین نبود بنیادی
Марои қабули шаётини куҷо наад бунёд
مرا قبول شیاطین کجا نهد بنیاد
Дило мҷўии саломати зи ошёни вуҷӯд
دلا مجوی سلامت ز آشیان وجود
Ки бар надомату ҳасрат ниҳодаандаш лоад
که بر ندامت و حسرت نهادهاندش لاد
Касе ки хоки ту бсршт бе Аннани сиришт
کسی که خاک تو بسرشت بی عنان سرشت
Ҳар онкии асл ту биниҳод бебало наниҳод
هر آنکه اصل تو بنهاد بی بلا ننهاد
Дарини замон ки хирадро намонад ҳеҷ маҷол
دراین زمان که خرد را نماند هیچ مجال
Дар ин макон ки ҳунарро намонад ҳеҷ муллоад
در این مکان که هنر را نماند هیچ ملاد
Агар намонад ҷаҳони хоҷаи ҷаҳони мондаи сет
اگر نماند جهان خواجه جهان ماندهست
Вагар бамурд малики қутби малики боқии бод
وگر بمرد ملک قطب ملک باقی باد
Хдоигони вазирони шарқи шамси аддӣн
خدایگان وزیران شرق شمسالدین
Ки ҳаст хок дараш ғайрати кулоҳи Қубод
که هست خاک درش غیرت کلاه قباد
Ба кафи Карим ва ба чеҳра баӣ ба сирати хуб
به کف کریم و به چهره بهی به سیرت خوب
Ба тани ҳалим ва ба дили собир ва ба шимти род
به تن حلیم و به دل صابر و به شیمت راد
Арӯси малик ҷаҳон шуд бар ӯ чунон ошиқ
عروس ملک جهان شد بر او چنان عاشق
Ки то ба ҳашар набинад рух дигар домод
که تا به حشر نبیند رخ دگر داماد
Ба гирди олам малик омад он бенону қалам
به گرد عالم ملک آمد آن بنان و قلم
Ки қасри малик ба таъйидаши устувори устод
که قصر ملک به تاییدش استوار اِستاد
Агар ту нестии он нойиби набӣ ба ҳақ
اگر تو نیستی آن نایب نبی به حق
Ба саъй ту нашудӣ хонаи ҳудои обод
به سعی تو نشدی خانه هدی آباد
Ба аҳд ту нашудӣ миллат аз халали холӣ
به عهد تو نشدی ملت از خلل خالی
Ба базл ту нашудӣ уммат аз злли озод
به بذل تو نشدی امت از زلل آزاد
Латифае зи ҳисоб ҷамал марост чунон
لطیفهای ز حساب جمل مراست چنان
Каз ин ду лафз барояд сад ва ду бо ҳафтод
کز این دو لفظ برآید صد و دو با هفتاد
зи лафзи соҳиби девон ҳамин барояд ақд
ز لفظ صاحب دیوان همین برآید عقد
Дар ин тасовии инсофи банда бояд дод
در این تساوی انصاف بنده باید داد
Марост ҳақи дъоӣӣ бар аҳли ин давлат
مراست حق دعائی بر اهل این دولت
Чу фари соҳиби мғФўр бар раҳе афтод
چو فر صاحب مغفور بر رهی افتاد
зи калак чун садаф ва аз бенон ҳамчуи Халаҷ
ز کلک چون صدف و از بنان همچو خلج
Чаҳ дар ки соҳиби мозӣ ба банда нафиристод
چه دُر که صاحب ماضی به بنده نَفْرستاد
Рабиъи бхто дар бӯстони давлати ту
ربیع بختا در بوستان دولت تو
Марои баҳору дай озод ёфт чун шамшод
مرا بهار و دی آزاد یافت چون شمشاد
На ҳоҷатем ба пайванди соғари нӯшин
نه حاجتیم به پیوند ساغر نوشین
На рағбатем ба дилбанди кишвари нўшод
نه رغبتیم به دلبند کشور نوشاد
зи ман ҳикоят порин мапурс ва он икром
ز من حکایت پارین مپرس و آن اکرام
зи ман шикояти имсоли байн ва ин бедод
ز من شکایت امسال بین و این بیداد
Чунон бидам зи тўФр ки кас чу банда набӯд
چنان بُدم ز تَوَفّر که کس چو بنده نبود
Чунон шудам зи таҳайюр ки кас чу банда мабод
چنان شدم ز تحیر که کس چو بنده مباد
зи хоки порси зи лоли чунин сухани матлаб
ز خاک پارس ز لال چنین سخن مطلب
Ки ноед оби зи санадону равған аз пӯлод
که ناید آب ز سندان و روغن از پولاد
Лақои гулбуни хушбӯиро мҷўӣ аз хор
لقای گلبن خوشبوی را مجوی از خار
Навой булбули хўшгўиро мҷўӣ аз хоад
نوای بلبل خوشگوی را مجوی از خاد
Матоъ Караҷ нахезад зи риштаи тнкт
متاع کرج نخیزد ز رشته تُنُکت
Қумош ҳинд нахезад зи турбати Бағдод
قماش هند نخیزد ز تربت بغداد
Иморати каф Фарҳод ноед аз ширин
عمارت کف فرهاد ناید از شیرین
Иборати лаб ширин наёяд аз Фарҳод
عبارت لب شیرین نیاید از فرهاد
Ба чашми раҳм нигаҳ кун марои з рӯй карам
به چشم رحم نگه کن مرا ز روی کرم
Ки рӯй ҷоҳи турои захми чашми бади мрсод
که روی جاه ترا زخمِ چشمِ بد مرساد