Ба ҷон барем турои саҷда то ба сар чаҳ расад
به جان بریم ترا سجده تا به سر چه رسد
Нисори пои ту срҳост то ба зрчаҳ расад
نثار پای تو سرهاست تا به زرچه رسد
Турои зи нури ҷалолат наметавонам дид
ترا ز نور جلالت نمی توانم دید
Ба чашми ҷон ба сарат то ба чашми сар чаҳ расад
به چشم جان به سرت تا به چشم سر چه رسد
Бар остони ту срҳости поймоли фано
بر آستان تو سرهاست پایمال فنا
Ба ҷузи ғубори бад-ӣни фарқи паии сипар чаҳ расад
به جز غبار بدین فرق پی سپر چه رسد
Зиришки сарви қадати шохи сидра азраҳ рафт
زرشک سرو قدت شاخ سدره ازره رفت
Нигар ки то ба қади срўғо тФрчаҳ расад
نگر که تا به قد سروغا تفرچه رسد
Бабради ҳиндӯии зулфи ту ҷону дайну дилам
ببرد هندوی زلف تو جان و دین و دلم
Ҷузи ин дигар бабради зин сипас ба ҳар чаҳ расад
جز این دگر ببرد زین سپس به هر چه رسد
Шумор кардам аз ғамзаи ту бар дил ва ман
شمار کردم از غمزه تو بر دل و من
Ҳазор тири расидаи сет то дигар чаҳ расад
هزار تیر رسیده ست تا دگر چه رسد
Қиёс кардам вондри ҳзри зўсли туам
قیاس کردم واندر حضر زوصل توام
Расед ҳурмон то бозам аз сафар чаҳ расад
رسید حرمان تا بازم از سفر چه رسد
Даҳони танги ту ёқӯти пораи ӣисти латиф
دهان تنگ تو یاقوت پاره ئیست لطیف
Муфарраҳи дили моро аз он қадар чаҳ расад
مفرح دل ما را از آن قدر چه رسد
Ҳазор длшдаҳи бемори танги шкртст
هزار دلشده بیمار تنگ شکرتست
Ба олимии дили беморро аз он шукр чаҳ расад
به عالمی دل بیمار را از آن شکر چه رسد
Марои зи посухи талхат чу ҳеҷ рӯзӣ нест
مرا ز پاسخ تلخت چو هیچ روزی نیست
Аз он лабони шукри бори длшкр чаҳ расад
از آن لبان شکر بار دلشکر چه رسد
Дукони лаъли ту конҷости шӯру ширинӣ
دکان لعل تو کآنجاست شور و شیرینی
Ба ҷузи намак ба ман сӯхтаи ҷигар чаҳ расад
به جز نمک به من سوخته جگر چه رسد
Зиён расед танамро зи моҳтоби рахт
زیان رسید تنم را ز ماهتاب رخت
Ба риштаи қсб аз тобиши қамар чаҳ расад
به رشته قصب از تابش قمر چه رسد
Ману камар ба умеди миёнат дар бандем
من و کمر به امید میانت در بندیم
Аз ончӣ нест насиби ману камар чаҳ расад
از آنچه نیست نصیب من و کمر چه رسد
Миёни тиҳии сети ҳамаи ваъдаи ту чун камарат
میان تهی ست همه وعده تو چون کمرت
Маро аз ин ду ба ҷузи бўк ё магар чаҳ расад
مرا از این دو به جز بوک یا مگر چه رسد
зи саҳари чашми ту нолами саҳаргаҳони ҳайҳот
ز سحر چشم تو نالم سحرگهان هیهات
Ба саҳари чашми ту аз нолаи саҳар чаҳ расад
به سحر چشم تو از ناله سحر چه رسد
Ба хандаи гўӣии гуҳи гуҳ ки беҳтарии мгарӣ
به خنده گوئی گه گه که بهتری مگری
Ба гӯши ҷони ман хастаи зини бтар чаҳ расад
به گوش جان من خسته زین بتر چه رسد
Изору хати туро аз сиришки ман чаҳ зиён
عذار و خط ترا از سرشک من چه زیان
Ба рӯй лолау сунбули худ аз мтр чаҳ расад
به روی لاله و سنبل خود از مطر چه رسد
Аз оби чашми миннати нарм май нгрдддл
از آب چشم منت نرم می نگردددل
Ба санги хораи зи сайлоби хӯни асар чаҳ расад
به سنگ خاره ز سیلاب خون اثر چه رسد
зи қиссаҳои ту бидодгар ҷаҳон пуршуд
ز قصه های تو بیدادگر جهان پرشد
Магар ба гӯши ҷаҳондори додгар чаҳ расад
مگر به گوش جهاندار دادگر چه رسد
Ба самъи соҳиб девон расед шарҳи ҷеффот
به سمع صاحب دیوان رسید شرح جفات
Назора кун кат аз осеби ин хатар чаҳ расад
نظاره کن کت از آسیب این خطر چه رسد
Хдоигони ҷаҳони онкии ҳукм ӯ барисед
خدایگان جهان آنکه حکم او برسید
Ба авҷи сақфи фалаки тобаи баҳр ва бар чаҳ расад
به اوج سقف فلک تابه بحر و بر چه رسد
зи адлу мағфираташи ҷонро амон омад
ز عدل و مغفرتش جان را امان آمد
зи сарду гарми ҷаҳони тобаи хушк ватар чаҳ расад
ز سرد و گرم جهان تابه خشک و تر چه رسد
Агар на лутфаши фарёд рӯзгор расед
اگر نه لطفش فریاد روزگار رسید
Ба рӯзгори мъозоллаҳ аз қадар чаҳ расад
به روزگار معاذالله از قدر چه رسد
Ҷаҳонёнро бо адл ӯ ки боқии бод
جهانیان را با عدل او که باقی باد
зи иқтизои қазоу қадари зарар чаҳ расад
ز اقتضای قضا و قدر ضرر چه رسد
Вуҷӯди ризқи ҷамоду набот аз анъомаш
وجود رزق جماد و نبات از انعامش
Ба хосият бирасад то ба ҷонвар чаҳ расад
به خاصیت برسد تا به جانور چه رسد
Аё ба қадари расида ба олимӣ ки дар ӯ
ایا به قدر رسیده به عالمی که در او
Қадар намерасад аз аҷз то магар чаҳ расад
قدر نمی رسد از عجز تا مگر چه رسد
Дар он макон напарад мурғ ва ҳам рӯҳи қудс
در آن مکان نپرد مرغ و هم روح قدس
зи баси таҳайюр то ба ақли мухтасар чаҳ расад
ز بس تحیر تا به عقل مختصر چه رسد
Расед савлати қаҳраш ба ҷони ҳосиди малик
رسید صولت قهرش به جان حاسد ملک
Ба аҳли бағии худ аз дарраи умр чаҳ расад
به اهل بغی خود از دره عمر چه رسد
Расед ҳамлаи роят ба қалби ҳиялати хасм
رسید حمله رایت به قلب حیلت خصم
Ба ҷони рӯбаҳи модаи зи шери нар чаҳ расад
به جان روبه ماده ز شیر نر چه رسد
Ба рӯй давлати рўӣини тани ҷафои пеша
به روی دولت روئین تن جفا پیشه
зи шасти рустами дастону золи зар чаҳ расад
ز شست رستم دستان و زال زر چه رسد
Агар чаҳ душмани ту саркашасту бех овар
اگر چه دشمن تو سرکش است و بیخ آور
зи хашму қаҳри ту ногуҳи бадви нигар чаҳ расад
ز خشم و قهر تو ناگه بدو نگر چه رسد
Аз он ду хона ки дорад ду зоғи моршкн
از آن دو خانه که دارد دو زاغ مارشکن
Ба чашми ҷонаши ҷузи мурғи чорпр чаҳ расад
به چشم جانش جز مرغ چارپر چه رسد
Дарахт агар чаҳ муғелону хордор буд
درخت اگر چه مغیلان و خاردار بود
Ту он нигар ки бадви зорау табар чаҳ расад
تو آن نگر که بدو زاره و تبر چه رسد
Расед лутфи ту дар никхўоаҳи неки андеш
رسید لطف تو در نیکخواه نیک اندیش
Бъкси он ба бидонадяши бдгҳр чаҳ расад
بعکس آن به بداندیش بدگهر چه رسد
Чу накбати ту ба аъдоӣ беҳунар барисед
چو نکبت تو به اعدای بی هنر برسید
Ба зиди он ба аҳбои пурҳунар чаҳ расад
به ضد آن به احبای پرهنر چه رسد
Расед никотар тӯфони хашмати андари хасм
رسید نکاتر طوفان خشمت اندر خصم
Ба мушрикони зи муноҷоти лотзр чаҳ расад
به مشرکان ز مناجات لاتذر چه رسد
Ба буии нафъ ба ғайри ту назм ман нарасед
به بوی نفع به غیر تو نظم من نرسید
Барои суди зисрби сӯии ҳиҷр чаҳ расад
برای سود زیثرب سوی هجر چه رسد
Ту дар хурӣ ба дъоءу санои ман банда
تو در خوری به دعاء و ثنای من بنده
Мдиҳ худ накунам то ба ҳар шарар чаҳ расад
مدیح خود نکنم تا به هر شرر چه رسد
Ба хушки мағзӣ ватар доманӣ чигуна расад
به خشک مغزی و تر دامنی چگونه رسد
Саломи хушки зи ман то ба шеъртар чаҳ расад
سلام خشک ز من تا به شعر تر چه رسد
Нбўсди аҳли хирад дар салибу дайру кишӣш
نبوسد اهل خرد در صلیب و دیر و کشیش
Масеҳи росрўпо то ба сами хар чаҳ расад
مسیح راسروپا تا به سم خر چه رسد
Дар он замон ки Фаридун бар фарозади сар
در آن زمان که فریدون بر فرازد سر
зи зебу фар ба Фрособ то ҷавр чаҳ расад
ز زیب و فر به فراساب تا جور چه رسد
Агар нахонд вагар нашунӯд касе ин назм
اگر نخواند وگر نشنود کسی این نظم
Аз он халал ба чунин силки парда дарчӣ расад
از آن خلل به چنین سلک پرده درچه رسد
Зпртўи кафи Мӯсоу нағмаи Довӯд
زپرتو کف موسی و نغمه داوود
Ба чашми кӯр чаҳ ояд ба гӯши кар чаҳ расад
به چشم کور چه آید به گوش کر چه رسد
зи ҷаду баҳси марои баҳра аз ҷаҳон чаҳ расед
ز جد و بحث مرا بهره از جهان چه رسید
зи ҷади воб ба масеҳоӣ бепадар чаҳ расад
ز جد واب به مسیحای بی پدر چه رسد
Ба Мисри даргаи ту бандаро азизӣ нест
به مصر درگه تو بنده را عزیزی نیست
Бидон ҳавас ки зи канъонёни хабар чаҳ расад
بدان هوس که ز کنعانیان خبر چه رسد
Раҳе ба кулбаи аҳзон чу пери кнъонист
رهی به کلبه احزان چو پیر کنعانیست
Назар ба раҳ ки зпироҳни писар чаҳ расад
نظر به ره که زپیراهن پسر چه رسد
Ҳамеша то мисласт инки дар сафари мушрик
همیشه تا مثل است اینکه در سفر مشرک
Бидам задан нарасад то ба хобу хур чаҳ расад
بدم زدن نرسد تا به خواب و خور چه رسد
Насиби ҳосиди ҷоҳат дар он ҷаҳони зи худо
نصیب حاسد جاهت در آن جهان ز خدا
Ба ҷузи сқри мрсод ва ба ҷузи сқр чаҳ расад
به جز سقر مرساد و به جز سقر چه رسد