Чунин шунидам аз ояндагони фасли баҳор
چنین شنیدم از آیندگان فصل بهار
Ки корвон сабо мерасад зи ҳади ттор
که کاروان صبا می رسد ز حد تتار
Бо боғи муждаи расониди дӯши пайки саҳар
با باغ مژده رسانید دوش پیک سحر
Ки мерасад ду се асбаи сипоҳи фасли баҳор
که می رسد دو سه اسبه سپاه فصل بهار
зи пеши лашкари райҳон ҳаме расад бизк
ز پیش لشکر ریحان همی رسد بیزک
Ки сабза пешравасту сабои ҷнибти дор
که سبزه پیشرو است و صبا جنیبت دار
зи ғунчаи пайкону зи беди теғу ханҷари сохт
ز غنچه پیکان و ز بید تیغ و خنجر ساخت
Ки то на дасти براردи чанор чун айёр
که تا نه دست برآرد چنار چون عیار
Магари силаҳи кашии гул ба хор хоҳад дод
مگر سلاح کشی گل به خار خواهد داد
Ки шуд ба ғояти сари тез ва бо салобати хор
که شد به غایت سر تیز و با صلابت خار
Ҳазор мФрши дебои бгстриди чаман
هزار مفرش دیبا بگسترید چمن
Шукуфа бар сарашон кард сими нори нисор
شکوفه بر سرشان کرد سیم نار نثار
Сабои кушоди сари нофаҳои машки хутан
صبا گشاد سر نافه های مشک ختن
Нисори гавҳар ва дар кард абри лўлўи бор
نثار گوهر و در کرد ابر لولو بار
з дар фишонӣ абру зи машки безии бод
ز در فشانی ابر و ز مشک بیزی باد
Ҳақиқатаст ки он ҷўҳристи венаи аттор
حقیقت است که آن جوهریست وین عطار
Пар аз шукуфау хиристи остини чаман
پر از شکوفه و خیریست آستین چمن
Пар аз бунафшау лолаи сети домани кҳсор
پر از بنفشه و لاله ست دامن کهسار
Ба гирди барги саман бар дамидаи сунбул тар
به گرد برگ سمن بر دمیده سنبل تر
Чу шоҳидӣ ки барояд хаташ ба гирди изор
چو شاهدی که برآید خطش به گرد عذار
Гронсраст зи бода ҳануз наргиси маст
گرانسر است ز باده هنوز نرگس مست
зи дасти лолаи магар нӯш кард ҷоми ъқор
ز دست لاله مگر نوش کرد جام عقار
Азин ду ваҷҳ бурун нест кин гронсрӣ аш
ازین دو وجه برون نیست کاین گرانسری اش
з то ҷидорӣ кибраст ё зи ранҷи хумор
ز تا جداری کبر است یا ز رنج خمار
Гули омадаи сету гирифтаи сети ғунчаро ба ҳисор
گل آمده ست و گرفته ست غنچه را به حصار
Чунонкӣ нест дар ӯ лашкари саборо бор
چنانکه نیست در او لشکر صبا را بار
Чу кӯс раъд буғуррад зи пушти абри баланд
چو کوس رعد بغرد ز پشت ابر بلند
Яқин бидон ки зи гулзори бстднди ҳисор
یقین بدان که ز گلزار بستدند حصار
Чамани зи барги шукуфаи сипеди гашт ва аз он
چمن ز برگ شکوفه سپید گشت و از آن
Фитод ларза бар аъзои беду сарву чанор
فتاد لرزه بر اعضای بید و سرو و چنار
зи байти гуфтани булбул чанор мезад даст
ز بیت گفتن بلبل چنار می زد دست
Ки сарви рақс кунон мечамед сӯфии вор
که سرو رقص کنان می چمید صوفی وار
Навой булбулу дастони андалеб буд
نوای بلبل و دستان عندلیب بود
Ба гӯши ошиқи хуштар зи сози мўсиқор
به گوش عاشق خوشتر ز ساز موسیقار
Шабии саҳар ба смнзор хуфта будам маст
شبی سحر به سمنزار خفته بودم مست
Валек бахтами бедор буду дили ҳушёр
ولیک بختم بیدار بود و دل هشیار
Ниҳодаи гӯш ба алҳони мутрибони чаман
نهاده گوش به الحان مطربان چمن
Кушодаи чашм ба дидори лолау гулнор
گشاده چشم به دیدار لاله و گلنار
Чаман шудаи пар аз овози булбулони лекин
چمن شده پر از آواز بلبلان لیکن
Тиҳии зи заҳмати ағёру холӣ аз диёр
تهی ز زحمت اغیار و خالی از دیار
Гуҳӣ навой чаковак задӣ ҳазор овоз
گهی نوای چکاوک زدی هزار آواز
Гуҳии зи пардаи наврӯз савт кардӣ сор
گهی ز پرده نوروز صوت کردی سار
Ба гӯши ман чу раседӣ навой нағмаи зер
به گوش من چو رسیدی نوای نغمه زیر
Баромадии зи дили ман ҳазор нолаи зор
برآمدی ز دل من هزار ناله زار
Чу шуд зи мҳокои ин ва он ҳар ду
چو شد ز محاکای این و آن هر دو
Дар аўФтоди суханашон ба шеваи ашъор
در اوفتاد سخنشان به شیوه اشعار
Яке бигуфт сурӯдӣ чу ақд дар саман
یکی بگفت سرودی چو عقد در ثمن
Яке бузади ғазалитар чу лўлўи шҳўор
یکی بزد غزلی تر چو لولو شهوار
Бигуфт булбули баъзе зи шеъри хоқонӣ
بگفت بلبل بعضی ز شعر خاقانی
Бихонад қамарии чандин з гуфта пиндор
بخواند قمری چندین ز گفته پندار
Ба андалеб гуфтсор аз сари сарв
به عندلیب گفت سار از سر سرو
Ки эй мғнии хуши нағмаи шукри гуфтор
که ای مغنی خوش نغمه شکر گفتار
з гуфта писарҳамгар ин ғазал бархон
ز گفته پسر همگر این غزل برخوان
Ки вақти субҳи нхсбд касе чунин , ҳушдор
که وقت صبح نخسبد کسی چنین، هشدار
Чунон зи прдхи ушшоқи ин ғазали бсрўд
چنان ز پردخ عشاق این غزل بسرود
Ки барграфт зи ушшоқи пардаи асрор
که برگرفت ز عشاق پرده اسرار