Дило манол ба дард аз ғроб гирд наайб

دلا منال به درد از غراب گرد نعیب

Ки рӯз ҳиҷр наайб аз ғроб нест ғариб

که روز هجر نعیب از غراب نیست غریب

Зёр на?илу рақибаш ки сӯзу нолаи ман

زیار نال و رقیبش که سوز و ناله من

зи ҷаври ёр ва рақиб аст наз ғроб ва наайб

ز جور یار و رقیب است نز غراب و نعیب

Агар бтоФтмии сари зи ҷустуҷӯии висол

اگر بتافتمی سر ز جستجوی وصال

Маломатам нараседӣ ба гуфтугӯии рақиб

ملامتم نرسیدی به گفتگوی رقیب

Дили шаҳиди марои теғу тири эшон кишт

دل شهید مرا تیغ و تیر ایشان کشت

Ба теғи хашми рақиб ва ба тири чашми ҳабиб

به تیغ خشم رقیب و به تیر چشم حبیب

Надодаанд туро аз висоли ҳеҷ нассоб

نداده اند ترا از وصال هیچ نصاب

Наёмада сети турои ҷузи фироқи ҳеҷ насиб

نیامده ست ترا جز فراق هیچ نصیب

Кафш хизоб гирифтаст аз онкӣ чун гардун

کفش خضاب گرفتست از آنکه چون گردون

Бирехт хӯни дили ман ба кафи хзиб

بریخت خون دل من به کف خضیب

. . .

...

Ҳар оина набӯд аҳли нор бе тъзиб

هر آینه نبود اهل نار بی تعذیب

Ба ёди зулфи парешон ӯ маро дар чашм

به یاد زلف پریشان او مرا در چشم

Хаёли тира ошуфта монаду хоби маҳиб

خیال تیره آشفته ماند و خواب مهیب

Ба дасти булъаҷабиҳои ӯ ман ранҷур

به دست بوالعجبی های او من رنجور

Басони мурғи заъифам ба дасти Тифли лиъб

بسان مرغ ضعیفم به دست طفل لیعب

Макун рФиқои даврии зи ман дар ин сахтӣ

مکن رفیقا دوری ز من در این سختی

Ки сахти саъб буд даврӣ аз рафиқи лбиб

که سخت صعب بود دوری از رفیق لبیب

Мада ба дасти табибам ки бо чунин дардӣ

مده به دست طبیبم که با چنین دردی

Гузашти ҳоли ману кори ман зи дасти табиб

گذشت حال من و کار من ز دست طبیب

Мизоҷи кор таба шуд алоҷи хеши талаб

مزاج کار تبه شد علاج خویش طلب

ЗФзли парварии соҳиби кабӣри ҳсиб

زفضل پروری صاحب کبیر حسیب

Наҷиби давлату дайни онкӣ аз ниҷобат ӯст

نجیب دولت و دین آنکه از نجابت اوست

Умӯри дайн ба нсқи кори малик бо тартиб

امور دین به نسق کار ملک با ترتیب

Ба ҷайби чарх бар афрохтам сар ва дидам

به جیب چرخ بر افراختم سر و دیدم

Сипеҳри нуқтау ҳаме ба ҷанби қадари наҷиб

سپهر نقطه و همی به جنب قدر نجیب

Биҳишти базмӣ каз лутфи кавсари карамаш

بهشت بزمی کز لطف کوثر کرمش

Ҷаҳон ба сояи тӯбо дарасту ъушрати таййиб

جهان به سایه طوبی در است و عشرت طیب

Камоли афваши мар рӯй ҷир марост ниқоб

کمال عفوش مر روی جر مراست نقاب

Навол дасташи мар чанд ҷӯади рости нақиб

نوال دستش مر چند جود راست نقیب

Ба буии миҷмари халқаш ба ҳайкали тарсо

به بوی مجمر خلقش به هیکل ترسا

Ба рӯзи ид бар оташ ниҳанд авди салиб

به روز عید بر آتش نهند عود صلیب

Аё наққодаи аъмоли ту ҳамаи тазъин

ایا نقاده اعمال تو همه تزئین

Ва ё хулосаи ахлоқи ту ҳамаи таҳзиб

و یا خلاصه اخلاق تو همه تهذیب

Ҳимояти ту з тиҳу бурид чнгли боз

حمایت تو ز تیهو برید چنگل باز

Риояти ту з мишон гусаст панҷаи зиб

رعایت تو ز میشان گسست پنجه ذیب

Киёст ту кунад қасри адлро таъсис

کیاست تو کند قصر عدل را تاسیس

Сиёсат ту кунад деви зулмро тодиб

سیاست تو کند دیو ظلم را تادیب

Чу фикрати ту буд даҳр кӣ кунад тмўиаҳ

چو فکرت تو بود دهر کی کند تمویه

Чу Фтнти ту буд чарх чун кунад тзриб

چو فطنت تو بود چرخ چون کند تضریب

Ту айни раҳмати ҳақӣ ба касрати эҳсон

تو عین رحمت حقی به کثرت احسان

Аз онкии раҳмати эзад ба Муҳсинаст қариб

از آنکه رحمت ایزد به محسن است قریب

Ту офтоби сипеҳри саодатӣу адуат

تو آفتاب سپهر سعادتی و عدوت

Кмсли кавкаби наҳси азо талъат наайб

کمثل کوکب نحس اذا طلعت نعیب

Шабаст хасми сияҳи рӯзи ханҷарати хуршед

شب است خصم سیه روز خنجرت خورشید

Адии сллти алайҳи ани алҳиўоаҳи наҷиб

ادی سللت علیه عن الحیواه نجیب

Ту ошиқи ҳунарӣ чун рубоби ошиқи раъд

تو عاشق هنری چون رباب عاشق رعد

Дигар судӯри ҳамаи ошиқон сим насеб

دگر صدور همه عاشقان سیم نسیب

Ба фазлу илм ва дҳо майл кун ки то гирданд

به فضل و علم و دها میل کن که تا گردند

Деҳоти даҳри ҳамаи мхтӣу деҳоти мсиб

دهات دهر همه مخطی و دهات مصیب

зи лафзи бахту ҳунари мадҳати ту талқин аст

ز لفظ بخت و هنر مدحت تو تلقین است

Маро ки бахти мушири омадаи сету ақли адиб

مرا که بخت مشیر آمده ست و عقل ادیب

зи ишқи мадҳи чунин шахси хусравон дар хок

ز عشق مدح چنین شخص خسروان در خاک

Ҳаме гузоранд аз рашки номи ту слиб

همی گذارند از رشک نام تو ثلیب

Ман аз сухан ба шикоят бидам зи фазл ба дард

من از سخن به شکایت بدم ز فضل به درد

Сухани шиносӣ ту кард табъро тарғиб

سخن شناسی تو کرد طبع را ترغیب

зи Ямани бахти ту буд инки баҳри хотири ман

ز یمن بخت تو بود اینکه بحر خاطر من

Ба дар назм саховат намӯду гашти мҷиб

به در نظم سخاوت نمود و گشت مجیب

Вагарнаи теғи гуҳари бори порсии Карим

وگرنه تیغ گهر بار پارسی کریم

Бимонада буд ба коми андарун чу теғи ҳтиб

بمانده بود به کام اندرون چو تیغ حطیب

Марои ту тавбаи шикастӣ ба ҷоми лутфу қабул

مرا تو توبه شکستی به جام لطف و قبول

Ва гарна бандаи азин шева буд абди мниб

و گرنه بنده ازین شیوه بود عبد منیب

Мисоли даъвати ман бандаи ҷону ҷоҳи туро

مثال دعوت من بنده جان و جاه ترا

Ҳадиси даъвати мазлӯм воридасту ғариб

حدیث دعوت مظلوم وارد است و غریب

Ҳамеша пояи қудрат бар он мсобти бод

همیشه پایه قدرت بر آن مثابت باد

Ки қдргирди гардун аз ӯ ба як трҳиб

که قدرگیرد گردون از او به یک ترحیب

Низоми давлати туашон ҳақи дуни завол

نظام دولت توشان حق دون زوال

Давоми ҳишмати ту амри ғайри шаки мриб

دوام حشمت تو امر غیر شک مریب