Шуд чашми ҷаҳони равшан ва ҷонҳо ҳамаи хуррам
شد چشم جهان روشن و جانها همه خرّم
Аз талъати фархундаи нўӣини муаззам
از طلعت فرخندهٔ نوئین معظم
Он шер ки бо панҷаи вбозўии шиквааш
آن شیر که با پنجه و بازوی شکوهش
Чун панҷа бед омад сарпанҷаи зиғм
چون پنجه بید آمد سرپنجهٔ ضیغم
Ваон шед ки дар аҳди вифоқаши натавонад
وآن شید که در عهد وفاقش نتواند
Бодӣ ки з гулзор кунад барги гулӣ кам
بادی که ز گلزار کند برگ گلی کم
Лутфаши сифати ҷинату қаҳраши асари нор
لطفش صفت جنت و قهرش اثر نار
Меҳраши ивази нӯш чу кинаши бадали сам
مهرش عوض نوش چو کینش بدل سم
эй уқдаи бедоди зи таҳдиди ту воҳӣ
ای عقدهٔ بیداد ز تهدید تو واهی
Вай қоида дод ба тайиди ту муҳкам
وی قاعده داد به تائید تو محکم
Бар дида наргис фиканд амниятати хоб
بر دیدهٔ نرگس فکند امنیتت خواب
Вази пушти бунафшаи бабради ростяти хам
وز پشت بنفشه ببرد راستیت خم
Бод ар дил ғунча бишкофад пас аз ин субҳ
باد ار دل غنچه بشکافد پس از این صبح
Дар умр наёрад ки зи бим ту занад дам
در عمر نیارد که ز بیم تو زند دم
Тимори ятеми садаф ар баҳр надорад
تیمار یتیم صدف ار بحر ندارد
Қаҳри ту з дарё нагузорад асари нам
قهر تو ز دریا نگذارد اثر نم
Бар малики сулаймон чу нФози ту равон шуд
بر ملک سلیمان چو نفاذ تو روان شد
Магузор ки ҳар деви баради даст ба хотам
مگذار که هر دیو برد دست به خاتم
То сояи адли ту бар ин буми вброФтод
تا سایهٔ عدل تو بر این بوم و بر افتاد
Хури теғ наме ёради бокӯҳ задан ҳам
خور تیغ نمییارد با کوه زدن هم
Дар малики ҷаҳони номи накӯи ҷӯй ки он ба
در ملک جهان نام نکو جوی که آن به
Аз давлати Искандар ва аз мамлакати ҷам
از دولت اسکندر و از مملکت جم
Дар порс назар кун ба тараҳҳум ки биёбӣ
در پارس نظر کن به ترحّم که بیابی
Аз гӯша нишинон ваии иқболи ду олам
از گوشهنشینان وی اقبال دو عالم
Аз боди зафари рояти фатҳат чу биҷунбад
از باد ظفر رایت فتحت چو بجنبد
Маи тоск зар бошаду шаби гесуии парчам
مه طاسک زر باشد و شب گیسوی پرچم
Бадхоҳи ту худ нест ва гар ҳаст чаҳ бошад
بدخواه تو خود نیست وگر هست چه باشد
Бо арзи ту каз фитрати аслии сети макрам
با عرض تو کز فطرت اصلیست مکرّم
Аз ҳамлаи рўӣини тани бдхў чаҳ кушояд
از حملهٔ روئین تن بدخو چه گشاید
Бонҳмти дастону нкўроӣии рустам
بانهمت دستان و نکورائی رستم
Ман банда ки бо нисбати дарёии замирам
من بنده که با نسبت دریای ضمیرم
Бемоя буд маъдан ва бемоя буд ӣам
بیمایه بود معدن و بیمایه بود یم
Чун ёфтам аз ту шарафи пурсишу дидор
چون یافتم از تو شرف پرسش و دیدار
Асбоби фироқи омадами он рӯзи фароҳам
اسباب فراغ آمدم آن روز فراهم
Дар зодан худ шеъри зи ман хостии он рӯз
در زادن خود شعر ز من خواستی آن روز
эй зодан ту мансаби зрити одам
ای زادن تو منصب ذریّت آدم
Чун гуфтамӣ он рӯзи санои ту ки будам
چون گفتمی آن روز ثنای تو که بودم
Дил аз ғами ту хастау ҷони сӯхтаи ғам
دل از غم تو خسته و جان سوختهٔ غم
Буданд мақдами пас аз асҳоби сухан лек
بودند مقدّم پس از اصحاب سخن لیک
Аз рӯй тақаддуми манам имрӯзи мақдам
از روی تقدّم منم امروز مقدّم
Ҳам дар кафи ман хосияти Мӯсои умрон
هم در کف من خاصیت موسی عمران
Ҳам дар дами ман муъҷизаи исои Марям
هم در دم من معجزهٔ عیسی مریم
Зини мояи сухани бас ки бузургони схндон
زین مایه سخن بس که بزرگان سخندان
Гӯйанд ки бар маҷди сухани гашти мхтм
گویند که بر مجد سخن گشت مُخَتّم
Аз саъдии машҳури сухани шеъри равони ҷӯй
از سعدی مشهور سخن شعر روان جوی
Кӯи каъба фазласту дилаши чашмаи замзам
کو کعبهٔ فضل است و دلش چشمه زمزم
Ин бандаи раҳеи пеш гирифтааст казин пас
این بنده رهی پیش گرفتهست کزین پس
Наз меҳр кунад мадҳ ва на аз кӣна кунад зм
نز مهر کند مدح و نه از کینه کند ذم
То мадҳ буд сирати ту боди ммдҳ
تا مدح بود سیرت تو باد ممدّح
То зм буд аъдоء ту бошанд мзмм
تا ذم بود اعداء تو باشند مذمّم