То шоҳи неки аҳди сари тахт ҷам гирифт
تا شاه نیک عهد سر تخت جم گرفت
Гетии зи аҳди касрии афсона кам гирифт
گیتی ز عهد کسری افسانه کم گرفت
Аз дод пушти малики сулаймон чу гашти рост
از داد پشت ملک سلیمان چو گشت راست
Рӯй замини таровати боғ Ирам гирифт
روی زمین طراوت باغ ارم گرفت
Рифъати нигар ки пояи дайни араби бёФт
رفعت نگر که پایه دین عرب بیافت
Равнақ бибин ки арсаи малик аҷам гирифт
رونق ببین که عرصه ملک عجم گرفت
Он шуд ки боз дар ҷони ёд аз тзрўкрд
آن شد که باز در جان یاد از تذروکرد
Ваон шуд ки гург дар дили ёд ғнм гирифт
وان شد که گرگ در دل یاد غنم گرفت
Дандони ситади зи гург ба ришвати саги шубон
دندان ستد ز گرگ به رشوت سگ شبان
То аз гиёҳи сурхи гилаи як шикам гирифт
تا از گیاه سرخ گله یک شکم گرفت
Съўаҳ ба зӯри мастаи шоҳин хира хӯрд
صعوه به زور مسته شاهین خیره خورد
Рӯбаҳ ба қаҳри маскани шер аҷм гирифт
روبه به قهر مسکن شیر اجم گرفت
Дилҳои хосу ом ба банди вифоқи баст
دلهای خاص و عام به بند وفاق بست
Ҷонҳои умри вазид ба дом карам гирифт
جانهای عمر وزید به دام کرم گرفت
Бекор монад дасти муҳосиби гуҳи ҳисоб
بیکار ماند دست محاسب گه حساب
Аз ҷӯади шомилат чу шумор нъм гирифт
از جود شاملت چو شمار نعم گرفت
Бо ҳасри неъматат ки фузун омад аз шумор
با حصر نعمتت که فزون آمد از شمار
Тири сипеҳри одати ҷдр асм гирифт
تیر سپهر عادت جدر اصم گرفت
Мулҳақ ба малик мктсбӣ кард давлатат
ملحق به ملک مکتسبی کرد دولتت
Мўрўсиӣӣ ки аз падару ҷад ва ъам гирифт
موروثیئی که از پدر و جد و عم گرفت
Садиқи книтоу броҳими тлъто
صدیق کنیتا و براهیم طلعتا
Гетии турои бадали зи Фаридун ва ҷам гирифт
گیتی ترا بدل ز فریدون و جم گرفت
Ҳам эҳтироми амри ту даст Фтн бибаст
هم احترام امر تو دست فتن ببست
Ҳам интиқоми адли ту пой ситам гирифт
هم انتقام عدل تو پای ستم گرفت
Малик аз шикваи ҷоҳи ту ъз қабул ёфт
ملک از شکوه جاه تو عز قبول یافت
Зулм аз наҳифи поси ту роҳ адам гирифт
ظلم از نهیب پاس تو راه عدم گرفت
Шаш ҳарфи номи шоҳ ки ҳамчун ҷаҳоти тест
شش حرف نام شاه که همچون جهات تست
Офоқро ба Ямани сабот қадам гирифт
آفاق را به یمن ثبات قدم گرفت
Гирад ба Авни ақли ақолими сабъа ро
گیرد به عون عقل اقالیم سبعه را
Зон пас ки рӯй минбар ва рӯй дирам гирифт
زان پس که روی منبر و روی درم گرفت
Бар коғазии навишта ба зми баради қосидӣ
بر کاغذی نوشته به ضم برد قاصدی
Шиъӣ қиём кардаш ва бар дида нам гирифт
شیعی قیام کردش و بر دیده نم گرفت
Ҷдонти малик гарчи ба ширӣ гирифта анд
جدانت ملک گرچه به شیری گرفته اند
Нагирифтаанд ончӣ ба роят ҳашам гирифт
نگرفته اند آنچه به رایت حشم گرفت
Аслофи рустам ар чаҳ ҳама ном карда анд
اسلاف رستم ار چه همه نام کرده اند
Номӣ каз ва зананд мисли рўстм гирифт
نامی کز و زنند مثل روستم گرفت
Гули шоҳии раёҳини баъд аз шукуфа ёфт
گل شاهی ریاحین بعد از شکوفه یافت
Хуршеди малики рӯзи пас аз субҳдам гирифт
خورشید ملک روز پس از صبحدم گرفت
Аз илму адли бад ки сулаймон ба як суол
از علم و عدل بد که سلیمان به یک سئوال
Пайғамбарӣу Подшаҳиро ба ҳам гирифт
پیغمبری و پادشهی را به هم گرفت
Гирди раҳат ки ағбри биноӣии омадаи сет
گرد رهت که اغبر بینائی آمده ست
Зон чашми моҳи зебии бас муҳтарам гирифт
زان چشم ماه زیبی بس محترم گرفت
Наъли самандати онкӣ ҳилоласт азу ба рашк
نعل سمندت آنکه هلال است ازو به رشک
Зу гӯши Зуҳраи зебии бас муҳташам гирифт
زو گوش زهره زیبی بس محتشم گرفت
Душман чигуна айш кунад бо хилофи ту
دشمن چگونه عیش کند با خلاف تو
Кандар мазоқаши оби даҳани таъм сам гирифт
کاندر مذاقش آب دهن طعم سم گرفت
зи он ранги рези ханҷари ниляти рӯзи разм
ز آن رنگ ریز خنجر نیلیت روز رزم
Саҳрои маъракаи ҳамаи об бағам гирифт
صحرای معرکه همه آب بغم گرفت
Бо слти ту бахшиш ӣам абр кам шимурд
با صلت تو بخشش یم ابر کم شمرد
Бо ҳиммати ту абр кам ҷўдим гирифт
با همت تو ابر کم جودیم گرفت
Кони Фрохдсти зи табъи ту воми хост
کان فراخدست ز طبع تو وام خواست
Баҳри кушодаи табъи зи дастат силам гирифт
بحر گشاده طبع ز دستت سلم گرفت
эй хусравӣ ки дасти рафеъати зкбрё
ای خسروی که دست رفیعت زکبریا
Аҷроми чархро зсғор хадам гирифт
اجرام چرخ را زصغار خدم گرفت
Савганд мехӯрам ба хдоӣӣ ки ном ӯ
سوگند می خورم به خدائی که نام او
Соҳиби шариъаташи зи усӯл қисм гирифт
صاحب شریعتش ز اصول قسم گرفت
Аз калаки сунъи комил ӯ сӯрати ҷанин
از کلک صنع کامل او صورت جنین
Дар зулмати мақари мшимаҳ рақам гирифт
در ظلمت مقر مشیمه رقم گرفت
Лавҳи ҷабини рӯҳ ки доғ ҳудус дошт
لوح جبین روح که داغ حدوث داشت
Аз акси нури зотши нақш қадам гирифт
از عکس نور ذاتش نقش قدم گرفت
Савганд мехӯрам ба расӯлӣ ки шаръ ӯ
سوگند می خورم به رسولی که شرع او
Тўқиъи амр ва наҳй зи ҳукм ҳукм гирифт
توقیع امر و نهی ز حکم حکم گرفت
Тавфиқи рӯзгори зи халқ азим ёфт
توفیق روزگار ز خلق عظیم یافت
Номи бузургвори з ҳасан шем гирифт
نام بزرگوار ز حسن شیم گرفت
Қасри машйади шаръаш чун брФрохти сар
قصر مشید شرعش چون برفراخت سر
Биноади ширку қоидаи шар ҳдм гирифт
بیناد شرک و قاعده شر هدم گرفت
Дар бозпаси нафас чу зи ҷонаш ҳшошаҳ монад
در بازپس نفس چو ز جانش حشاشه ماند
Дар зери лаб ба замзама ёд амам гирифт
در زیر لب به زمزمه یاد امم گرفت
Савганд мехӯрам ба каломи қадими ёр
سوگند می خورم به کلام قدیم یار
Каз ваии равони мункири эъҷоз ?илам гирифт
کز وی روان منکر اعجاز الم گرفت
Савганд мехӯрам ба алиф лоам мем ёд
سوگند می خورم به الف لام میم یاد
Каз ваии замири муъмини нур ҳукм гирифт
کز وی ضمیر مومن نور حکم گرفت
Имон бидон далел ки Мӯсои з каф намӯд
ایمان بدان دلیل که موسی ز کف نمود
Имон бидон қабул ки исои з дам гирифт
ایمان بدان قبول که عیسی ز دم گرفت
Имон ба оби дидаи он пер бе писар
ایمان به آب دیده آن پیر بی پسر
Каз гург бе гунаҳи дили покаш нъм гирифт
کز گرگ بی گنه دل پاکش نعم گرفت
Имон ба сари синаи зўолнўн ки баъди чашм
ایمان به سر سینه ذوالنون که بعد چشم
Нури ризои раҳмати ҳақ дар зулм гирифт
نور رضای رحمت حق در ظلم گرفت
Кин банда бе ризои ту дар умри дам назд
کاین بنده بی رضای تو در عمر دم نزد
Вази умр бе ризои ту акнӯн надам гирифт
وز عمر بی رضای تو اکنون ندم گرفت
Вари ҷузи туро паноҳи ҳамаи умри сохтаи сет
ور جز تو را پناه همه عمر ساخته ست
Эҳром дар ҳарами з барои санам гирифт
احرام در حرم ز برای صنم گرفت
Бо соя ҳамраҳасту бтрк рафиқ гуфт
با سایه همره است و بترک رفیق گفت
Бонола ҳамдамаст ва кам зер вебам гирифт
باناله همدم است و کم زیر وبم گرفت
Вар рӯй дили зркн дарат сӯй ғайр кард
ور روی دل زرکن درت سوی غیر کرد
Бутро суҷуд карда илоҳ ҳарам гирифт
بت را سجود کرده اله حرم گرفت
Оўхи дареғи оинаи равшани дилам
آوخ دریغ آینه روشن دلم
Каз бас ки оҳ ва нола задам занг ғам гирифт
کز بس که آه و ناله زدم زنگ غم گرفت
Афсӯси дасти ман ки сутуни зи нах шудаи сет
افسوس دست من که ستون ز نخ شده ست
Зон пас ки чанд сол ба амрат қалам гирифт
زان پس که چند سال به امرت قلم گرفت
Поӣӣ ки бар бисоти ту ҳар рӯз чанд бор
پائی که بر بساط تو هر روز چند بار
Фарқи сипеҳр бар шударо дар қадам гирифт
فرق سپهر بر شده را در قدم گرفت
Шояд ки бегуноҳ ба гуфтори ҳосидон
شاید که بی گناه به گفتار حاسدان
Ранҷ табар кашид вази оҳан варам гирифт
رنج تبر کشید وز آهن ورم گرفت
Пуштӣ ки рукни қадари турои бардаи бади намоз
پشتی که رکن قدر ترا برده بد نماز
Акнӯн зи бори бандгарони тоб вхм гирифт
اکنون ز بار بندگران تاب وخم گرفت
Аз оби чашми ман ки ба домани фурӯи давид
از آب چشم من که به دامن فرو دوید
Зангор хӯрд оҳану занҷир нам гирифт
زنگار خورد آهن و زنجیر نم گرفت
Мохўзи адли боду гирифтори қаҳри ту
ماًخوذ عدل باد و گرفتار قهر تو
Онкў ба қавли рӯзи маро муттаҳам гирифт
آنکو به قول روز مرا متهم گرفت
То ҷовдон қувоем бахтати қавӣами бод
تا جاودان قوایم بختت قویم باد
Кин тақвияти зи пуштии дайн қайи гирифт
کاین تقویت ز پشتی دین قیم گرفت