Ғами ишқи ту икдмм кам нест

غم عشق تو یکدمم کم نیست

Мӯнисам бе рухи ту ҷуз ғам нест

مونسم بی رخ تو جز غم نیست

Дар ту як ҷӯ вафо намонад ва ҳануз

در تو یک جو وفا نماند و هنوز

Ишқи ту зи ончии бади ҷӯй кам нест

عشق تو ز آنچه بد جوی کم نیست

Дар ҷаҳон то ғами ту пои ниҳод

در جهان تا غم تو پای نهاد

Як дили шоди хор ва хуррам нест

یک دل شاد خوار و خرم نیست

Сабр бо ишқ ман надорад пой

صبر با عشق من ندارد پای

Ишқ бо собирӣ мусаллам нест

عشق با صابری مسلم نیست

Бо ту гӯям ҳикояти ғами ту

با تو گویم حکایت غم تو

Ки марои ҷузи ту ёр ва ҳамдам нест

که مرا جز تو یار و همدم نیست

Ба ҷавонии хуш аз ту хурсандам

به جوانی خوش از تو خرسندم

Офарин бар ту бод конҳм нест

آفرین بر تو باد کآنهم نیست

Чаҳ шӯии душманам чу дӯсти нӣӣ

چه شوی دشمنم چو دوست نئی

Захм борӣ мазан чун марҳам нест

زخم باری مزن چون مرهم نیست

Зини пасам ғам ба ҳамдамии мФрст

زین پسم غم به همدمی مفرست

Ки марои орзӯӣ ҳамдам нест

که مرا آرزوی همدم نیست