Охири шабии зи лутфи саломӣ ба мо фирист
آخر شبی ز لطف سلامی به ما فرست
Рӯзӣ ба дасти боди паёмӣ ба мо фирист
روزی به دست باد پیامی به ما فرست
Дар тишнагии васли ту ҷонам ба лаб расед
در تشنگیِّ وصل تو جانم به لب رسید
Аз лаъли оби дори ту ҷомӣ ба мо фирист
از لعل آبدار تو جامی به ما فرست
Дар рӯзаи фироқ ту шуд шоми субҳи ман
در روزهٔ فراق تو شد شام صبح من
Аз хон васли луқмаи шомӣ ба мо фирист
از خوان وصل لقمهٔ شامی به ما فرست
Он мурғи нодирам ки ғамати дона ман аст
آن مرغ نادرم که غمت دانهٔ من است
Чун дона ам намӯдӣ домӣ ба мо фирист
چون دانهام نمودی دامی به ما فرست
Ваон ҳиндӯем ки кунят хосами ғуломи тест
وان هندویم که کنیت خاصم غلام تست
эй тарки шӯхи номи ғуломӣ ба мо фирист
ای ترک شوخنام غلامی به ما فرست
Гар рад шудам зи банди ғам озод кун маро
گر رد شدم ز بند غم آزاد کن مرا
Вар кардае қабулами номӣ ба мо фирист
ور کردهای قبولم نامی به ما فرست
Охири тавонгарӣ зи висолу ҷамоли хеш
آخر توانگری ز وصال و جمال خویش
Дарвешам ва нигаҳ куну вомӣ ба мо фирист
درویشم و نگه کن و وامی به ما فرست