Дилам аз накҳати бодӣ ки з Бағдод ояд

دلم از نکهت بادی که ز بغداد آید

Гарчи дар оташи ғам сӯхта шуд шод ояд

گرچه در آتش غم سوخته شد شاد آید

Бар раҳи боди зи шаб то ба саҳари мунтазирам

بر ره باد ز شب تا به سحر منتظرم

То кӣ аз ҷониби Бағдод дигар бод ояд

تا کی از جانب بغداد دگر باد آید

Рост чун чанг ки дар субҳ хӯрд боди бадв

راست چون چنگ که در صبح خورد باد بدو

Ҳар раҳгии зини тани нолндаҳ ба фарёд ояд

هر رگی زین تن نالنده به فریاد آید

Оби ин дидаи дрпош буд боронаш

آب این دیده درپاش بود بارانش

Агар абрии зи сипоҳони сӯй Бағдод ояд

اگر ابری ز سپاهان سوی بغداد آید

Хуштар ояд дили моро дами боду дами субҳ

خوشتر آید دل ما را دم باد و دم صبح

Аз паёми лаби ширин ки ба Фарҳод ояд

از پیام لب شیرین که به فرهاد آید

Хосса каз нури рухи ону дами ин мо ро

خاصه کز نور رخ آن و دم این ما را

Лутфи дасту дили дастури ҷаҳон ёд ояд

لطف دست و دل دستور جهان یاد آید

Он ътономи ътобхши хатопӯш ки кон

آن عطانام عطابخش خطاپوش که کان

Ҳамчуи дарёи зи дилу дасташ бар бод ояд

همچو دریا ز دل و دستش بر باد آید